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Bihar Election 2025: जीतन राम मांझी का ‘वोट मैनेजमेंट’ दावा वायरल, चुनाव आयोग पर उठे सवाल

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Bihar Election 2025: हिन्दुतानी आवाम मोर्चा (सेक्युलर) के नेता और केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने भारत निर्वाचन आयोग को एक बड़ी चुनौती दी है। बिहार चुनाव से पहले, विपक्ष आयोग के खिलाफ आवाज उठाता रहा, लेकिन उतनी प्रभावी स्थिति में नहीं था। अब, जीतन राम मांझी के एक बयान ने विपक्ष के आरोपों को मजबूती दी है। उनके इस बयान से बिहार की राजनीति में तहलका मच गया है। “अमर उजाला” ने गुरुवार को इस विषय पर एक खबर प्रकाशित की और एक वीडियो भी साझा किया, जिसमें मांझी यह बताते हुए दिखाई दिए कि उन्होंने 2020 के चुनाव में एक सीट पर 2700 वोटों का प्रबंधन किया था, जिसने हारने वाले को जीत दिलाने में मदद की।

चुनाव आयोग पर नियंत्रण का आरोप

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) सरकार के खिलाफ विपक्षी दल समय-समय पर चुनाव आयोग पर नियंत्रण का आरोप लगाते रहे हैं। बिहार विधानसभा चुनाव से पहले, विपक्षी पार्टियों ने मतदाताओं के व्यापक पुनरीक्षण को मतदान में धांधली करार दिया और चुनाव आयोग के खिलाफ मिली-जुली आवाज उठाई। हालांकि, चुनाव में जब उन्हें हार का सामना करना पड़ा, तब भी आरोपों का यह सिलसिला खत्म नहीं हुआ। यह कहा जाता रहा कि कई मतदाताओं को मतदान करने से रोका गया, लेकिन ऐसी कोई ठोस खबर सामने नहीं आई। हाल ही में, मांझी ने एक सार्वजनिक सभा में ये खुलासा किया कि एक उम्मीदवार ने 2020 के चुनावों से संबंधित कुछ जानकारी साझा की।

जीतन राम मांझी का बयान वायरल हो रहा

केंद्रीय मंत्री का यह बयान वीडियो के माध्यम से सामने आया है। इस वीडियो की प्रमाणिकता पर ‘अमर उजाला’ अपनी ओर से कोई पुष्टि नहीं करता है, लेकिन स्थानीय नागरिकों के अनुसार, वीडियो सही प्रतीत होता है। ऐसी स्थिति में निर्वाचन आयोग को इस मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया देने की आवश्यकता हो सकती है। चाणक्य स्कूल ऑफ पॉलिटिकल राइट्स एंड रिसर्च के अध्यक्ष सुनील कुमार सिन्हा ने कहा कि “यदि केंद्रीय मंत्री मांझी का बयान सही है, तो निर्वाचन आयोग को उनसे संपर्क कर यह समझना चाहिए कि उन्होंने यह बात किस संदर्भ में कही और वोटों का प्रबंधन कैसे संभव हुआ। चूंकि यह मामला पिछले चुनाव में प्रबंधन से संबंधित है, इसलिए तत्कालीन ज़िला अधिकारी से भी पूछताछ आवश्यक होगी।”

1600 वोटों से हारने का जिक्र

जीतन राम मांझी का जो बयान वायरल हो रहा है, उसमें उन्होंने किसी विधायक या हारने वाले विधायक का नाम स्पष्ट नहीं लिया है। कहा जा रहा है कि वह टेकारी के पूर्व विधायक अनिल कुमार के बारे में बात कर रहे थे। हालांकि, उनके वीडियो में वह 1600 वोटों से हारने का जिक्र कर रहे हैं, जबकि अनिल कुमार ने टेकारी क्षेत्र में 2058 मतों से हार का सामना किया था। इसलिए, इस आधार पर मांझी के शब्दों को तथ्यात्मक रूप से सही नहीं ठहराया जा सकता।

अतीत के चुनावों के संदर्भ में अनिल कुमार ने 2630 मतों से जीत हासिल की थी। इससे यह स्पष्ट होता है कि जब मांझी पिछले बिहार चुनाव 2020 को लेकर अपने बयानों में फंस सकते हैं, वहीं वर्तमान चुनाव के आंकड़ों को लेकर वह अपनी बातों की विश्वसनीयता पर सवाल उठा रहे हैं।

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