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Bihar MNREGA scam: 2 करोड़ का फर्जी भुगतान आया सामने, जांच प्रक्रिया शुरू
Bihar MNREGA scam: दरभंगा जिले में MNREGA (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम) योजना से संबंधित लगभग ढाई करोड़ रुपये के घोटाले का एक मामला उजागर हुआ है। यह जानकारी जिले के लोकपाल अमरेंद्र कुमार ठाकुर द्वारा दी गई। जैसे ही घोटाले की खबर मिली, विभाग में अफरा-तफरी मच गई और मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी गई। लोकपाल ने अपनी जांच रिपोर्ट वाद संख्या 02/2025 के तहत उपविकास आयुक्त (DDC) को भेजी है, जबकि इसकी एक प्रति जिलाधिकारी और ग्रामीण विकास विभाग, पटना के सचिव को भी दी गई है।
लगभग 2 करोड़ का फर्जी भुगतान
जांच के दौरान यह जानकारी सामने आई कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में 2 करोड़ 55 लाख 58 हजार 453 रुपये का फर्जी भुगतान हुआ है। इस मुद्दे की शिकायत पंचायत समिति के सदस्य अनिकेत कुमार मिश्रा ने प्रस्तुत की थी। उनकी शिकायत में आरोप लगाया गया है कि बिना किसी निविदा के गलत जीएसटी चालान के आधार पर यह राशि जारी की गई।
लोकपाल ने बताया कि जिला अंकेक्षण प्रबंधक प्रणय कुमार की सहायता से जांच का कार्य संपन्न हुआ। इस प्रक्रिया में सभी 18 प्रखंडों के कार्यक्रम पदाधिकारियों और लेखापालों से जानकारी ली गई, साथ ही MIS पोर्टल पर वेंडरों को किए गए भुगतान के दस्तावेजों का भी गहन विश्लेषण किया गया। जांच के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि आकस्मिक व्यय के तहत वेंडर चयन में सभी प्रखंडों में अनियमितताएं पाई गईं, और बिल एवं भुगतान से संबंधित रिकॉर्ड में गड़बड़ी की गई थी। इसके अतिरिक्त, यह भी उजागर हुआ कि कार्यक्रम पदाधिकारी, लेखापाल और वेंडर, सभी 18 प्रखंडों में मिलकर मनमाने तरीके से भुगतान कर रहे थे, और अनुबंधों का निष्पादन नियमानुसार नहीं किया गया था।
कानूनी कार्रवाई की सिफारिश
लोकपाल ने अपनी रिपोर्ट में सभी 18 प्रखंडों के कार्यक्रम पदाधिकारियों और लेखापालों के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की सिफारिश की है। इसके साथ ही, बेनीपुर के विद्यार्थी स्टेशनरी को छोड़कर अन्य सभी विक्रेताओं को काली सूची में डालने का आदेश दिया गया है। इस खुलासे के कारण जिले में मनरेगा योजना की वित्तीय और प्रशासनिक पारदर्शिता पर सवाल उठने लगे हैं। विभाग अब इस घोटाले की गंभीरता से जांच कर कठोर कार्रवाई करने की योजना बना रहा है।
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