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वेनेजुएला में शनिवार को हुए एक बड़े हमले के बाद, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी पहली प्रतिक्रिया दी है। ट्रंप का दावा है कि वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी अमेरिका के नियंत्रण में हैं। वहीं, वेनेजुएला के मौजूदा हालात के मद्देनजर, भारत सरकार ने अपने नागरिकों को वहां यात्रा करने से बचने की सलाह दी है। जो भारतीय नागरिक पहले से ही वेनेजुएला में मौजूद हैं, उन्हें सतर्क रहने, अपनी गतिविधियों को सीमित करने और वहां स्थित भारतीय दूतावास से संपर्क में रहने की सलाह दी गई है।
हेल्प लाईन नम्बर
जो भी भारतीय नागरिक वेनेजुएला में हैं, उन्हें अपनी सुरक्षा के प्रति सतर्क रहने की सलाह दी गई है। उन्हें यह सलाह दी गई है कि वे अपनी यात्राएँ यथासंभव कम करें और वेनेजुएला में स्थित भारतीय दूतावास के साथ नियमित संपर्क बनाए रखें। दूतावास से संपर्क करने के लिए आप ईमेल आईडी [email protected] का उपयोग कर सकते हैं, या आपात स्थिति में फोन नंबर +58-412-9584288 (जो WhatsApp कॉल के लिए भी उपलब्ध है) पर संपर्क कर सकते हैं।
वेनेजुएला के रक्षा मंत्री ने जानकारी दी कि ‘बोलिवेरियन देश की राष्ट्रीय सशस्त्र बल आज सुबह, 3 जनवरी को, वेनेजुएला को संयुक्त राज्य अमेरिका सरकार के सबसे दुष्कर सैन्य हमले का लक्ष्य बनाए जाने के बारे में दुनिया को सतर्क कर रही है।’ इस हमले के बाद वेनेजुएला ने राष्ट्रीय आपातकाल की घोषणा कर दी है। इस स्थिति का संबंध मुख्य रूप से ड्रग्स की तस्करी से है। अमेरिका ने लंबे समय से वेनेजुएला के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी थी, और कैरेबियन सागर में भी उसने अपनी गतिविधियाँ बढ़ाई। इसके अतिरिक्त, अमेरिका ने हाल ही में वेनेजुएला की तेल कंपनियों और उनसे जुड़े जहाजों पर प्रतिबंध भी लगाया, ताकि दबाव को और बढ़ाया जा सके।
अमेरिका का आरोप वेनेजुएला से बड़े पैमाने पर ड्रग्स अमेरिका में भेजे जा रहे
अमेरिका ने बार-बार आरोप लगाया है कि वेनेजुएला से बड़े पैमाने पर ड्रग्स अमेरिका में भेजे जा रहे हैं। ट्रंप प्रशासन ने राष्ट्रपति निकोलस मादुरो पर सीधे हमला किया और उन्हें इस मामले में जिम्मेदार ठहराया। इसके अतिरिक्त, ट्रंप ने अमेरिका में मादुरो और उनके परिवार की सभी संपत्तियों को फ्रीज करने का भी फैसला किया। इसके साथ ही, अमेरिका पर यह आरोप भी लगते रहे हैं कि वह लंबे समय से वेनेजुएला की राजनीति में दखल दे रहा है और उसे प्रभावित करने की कोशिश कर रहा है।
इसके विपरीत, दोनों देशों के बीच तनाव का एक महत्वपूर्ण कारण तेल भी है। असल में, 1976 में वेनेजुएला की सरकार ने अपने तेल उद्योग का राष्ट्रीयकरण कर लिया था, जिसके बाद वहाँ की सभी विदेशी तेल कंपनियों के संचालन सरकारी कंपनी पेट्रोलियोस डी वेनेजुएला (पीडीवीएसए) के अधीन आ गए। इस कदम ने अमेरिका की कठिनाइयों को बढ़ा दिया, जिससे वेनेजुएला से तेल निकालना उसके लिए काफी चुनौतीपूर्ण हो गया। यही कारण है कि अमेरिका और वेनेजुएला के बीच तनावित संबंध लंबे समय से कायम हैं।
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