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गांवों में मिलेगी अब Healthcare facilities, 23 जिलों में 352 ग्रामीण अस्पताल भवनों का निर्माण शुरू
बिहार में ग्रामीण स्वास्थ्य सुविधा (Healthcare facilities) व्यवस्था को सशक्त बनाने की दिशा में कदम तेजी से उठाए जा रहे हैं। राज्य सरकार ने 23 जिलों में विभिन्न पंचायतों में 352 हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर (ग्रामीण अस्पताल) का निर्माण शुरू कर दिया है। सरकार की योजना है कि अगले छह महीनों में सभी निर्माण कार्य पूर्ण कर लिए जाएं, ताकि पंचायत स्तर पर इलाज की सुविधाएं मुहैया कराई जा सकें।
जिला अस्पतालों का दौरा नहीं करना पड़ेगा
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, इन ग्रामीण अस्पतालों के खुलने से गांवों में रहने वाले मरीजों को छोटी-मोटी बीमारियों के इलाज के लिए जिला अस्पतालों का दौरा नहीं करना पड़ेगा। यहां गर्भवती महिलाओं के लिए नियमित स्वास्थ्य जांच, प्रसव पूर्व देखभाल और सुरक्षित प्रसव से जुड़े विभिन्न सेवाएं प्रदान की जाएंगी।
इसके अलावा, टेली-मेडिसिन के माध्यम से विशेषज्ञ चिकित्सकों से सलाह, योग सत्र, स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम, टीकाकरण, विभिन्न बीमारियों की जांच और फॉलो-अप की सेवाएं भी उपलब्ध होंगी।
कहां कितने खुलेंगे अस्पताल
इन ग्रामीण अस्पतालों का निर्माण 15वें वित्त आयोग की सिफारिशों के अनुसार किया जा रहा है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, सिवान जिला ग्रामीण अस्पतालों के निर्माण में सबसे आगे है। सरकारी रिपोर्ट के मुताबिक, इन स्वास्थ्य केंद्रों के संचालन से प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं में मजबूती आएगी और जिला व मेडिकल कॉलेज अस्पतालों पर मरीजों का बोझ कम होगा।
सिवान में 55, मुजफ्फरपुर में 25, बांका में 28, भागलपुर में 21, दरभंगा में 22, मधेपुरा में 14, गया में 21, वैशाली में 15, सहरसा में 16, पूर्वी चंपारण में 12, लखीसराय में 12, भोजपुर में 12, अरवल में 11, जहानाबाद में 11, सारण में 11, बेगूसराय में 10, पूर्णिया में 10, जमुई में 10, मधुबनी में 10, पश्चिमी चंपारण में 10, नालंदा में 8, कैमूर में 6 और बक्सर में 3 अस्पताल कंस्ट्रक्ट हैं।
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