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क्या Anant Singh को मिल जाएगा बेल? दुलारचंद हत्याकांड में हुई थी गिरफ्तारी
जेडीयू के प्रभावशाली विधायक अनंत सिंह (Anant Singh) की जमानत याचिका इस सप्ताह पटना हाईकोर्ट में सुनवाई के लिए निर्धारित होने की संभावना है। सिविल कोर्ट से उनकी जमानत याचिका के अस्वीकार होने के बाद, अनंत सिंह ने उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। उन्होंने 24 दिसंबर को पटना हाईकोर्ट में अपनी बेल याचिका दाखिल की थी, जो वर्तमान में न्यायमूर्ति अशोक कुमार पांडेय की अदालत में सूचीबद्ध है। हालांकि, अभी तक सुनवाई के लिए कोई निश्चित तिथि निर्धारित नहीं की गई है।
मामले की सुनवाई इस सप्ताह
अनंत सिंह के वकील, कुमार हर्षवर्धन के अनुसार, इस मामले की सुनवाई इस सप्ताह रखी जा सकती है। उन्होंने कहा कि जमानत के लिए आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और अदालत से सकारात्मक निर्णय की अपेक्षा है।
इसके साथ ही, अनंत सिंह के जानकारों का कहना है कि वे इस बार जमानत से संबंधित किसी भी जानकारी को सार्वजनिक नहीं करना चाहते। इसलिए, यह प्रक्रिया पूरी तरह से गोपनीय तरीके से आगे बढ़ाई जा रही है। जमानत की जानकारी केवल परिवार के सदस्यों और वकीलों तक सीमित रखी गई है।
जमानत मिलने के बाद विधायक पद की शपथ लेंगे
सूत्रों के मुताबिक, अनंत सिंह केवल जमानत मिलने के बाद बिहार विधानसभा में विधायक पद की शपथ लेंगे। अभी तक उन्होंने शपथ नहीं ली है। हालांकि वे कानूनी रूप से कोर्ट से अनुमति लेकर शपथ ले सकते थे, उनकी निकटवर्ती लोगों का कहना है कि वे नियमित जमानत मिलने के बाद ही यह कदम उठाना चाहेंगे।
यह ध्यान देने योग्य है कि अनंत सिंह को विधानसभा चुनाव के दौरान टाल क्षेत्र में हुई एक हिंसक झड़प के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया था। चुनाव प्रचार के दौरान इस घटना में विरोधी पक्ष के दुलारचंद यादव की जान चली गई थी। इस घटना के बाद क्षेत्र में तनाव बढ़ गया और अनंत सिंह की गिरफ्तारी की मांग तीव्र हो गई। इसके बाद पटना पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया।
पुलिस का दावा अनन्त सिंह की हत्याकांड में मौजूदगी
पटना के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कार्तिकेय शर्मा ने बताया कि दुलारचंद यादव की हत्या के समय अनंत सिंह घटनास्थल पर उपस्थित थे, और इसी आधार पर उन्हें इस मामले में गिरफ्तार किया गया है। पुलिस का दावा है कि जांच में उनकी मौजूदगी की पुष्टि हुई है।
दूसरी ओर, अनंत सिंह के वकील का कहना है कि उन्हें एक साजिश के तहत झूठे मुकदमे में फंसाया गया है और हत्या की इस घटना में उनकी कोई संलिप्तता नहीं है। उनका तर्क है कि पुलिस की चार्जशीट में अनंत सिंह को निर्दोष साबित किया जाना चाहिए। इसी आशा के साथ उन्होंने हाईकोर्ट में जमानत याचिका पेश की है।
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