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Patna girls hostel case में आया नया मोड़, यौन उत्पीड़न हत्या?
पटना के एक गर्ल्स हॉस्टल (Patna girls hostel) में NEET की तैयारी कर रही एक छात्रा की मौत के मामले में नया मोड़ आया है। घटना के चार दिन बाद गुरुवार को पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट जारी की गई, जिसमें यौन उत्पीड़न की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है। इस खुलासे के बाद मामले की गंभीरता बढ़ गई है।
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट को संदर्भ के लिए पटना एम्स में भेजा जा रहा है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि किसी भी तरह की कानूनी या तकनीकी भूल न हो। पुलिस ने कहा है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है।
हॉस्टल के वार्डन मनीष रंजन को गिरफ्तार
हॉस्टल के वार्डन मनीष रंजन को गिरफ्तार कर लिया गया है ताकि किसी भी प्रकार के सबूतों से छेड़छाड़ न हो सके। पुलिस को इस बात की चिंता थी कि हॉस्टल के भीतर साक्ष्य में फेरबदल किया जा सकता है, इसलिए यह कदम उठाया गया। मामले के संदर्भ में छात्रा का उपचार करने वाले सभी चिकित्सकों के बयान भी लिए गए हैं।
पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया की वीडियोग्राफी की गई है, जिससे कि सभी चरणों का रिकॉर्ड रखा जा सके। पुलिस ने अपनी जांच के दायरे को बढ़ाते हुए पटना से जहानाबाद तक के क्षेत्र में कार्रवाई शुरू की है। अब तक 100 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की समीक्षा की जा चुकी है। छात्रा जिस रास्ते से गुजरी थीं, उन सभी मार्गों की फुटेज एकत्रित की गई है।
दुष्कर्म के बाद हत्या का गंभीर आरोप
छात्रा के पिता ने हॉस्टल के कुछ सदस्यों पर दुष्कर्म के बाद हत्या का गंभीर आरोप लगाया है। इस घटना के परिणामस्वरूप हॉस्टल का गेट बंद कर दिया गया है, और उस पर ताला लगा हुआ है। सभी छात्राएं हॉस्टल छोड़ चुकी हैं, जिससे माहौल में डर और तनाव व्याप्त हो गया है।
घटना के बाद शंभू गर्ल्स हॉस्टल में बवाल मच गया। कुछ नकाबधारी लोगों ने हॉस्टल के बाहर पत्थर फेंके और आगजनी की। तोड़फोड़ के वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने इस मामले में अलग से केस दर्ज किया है और जांच जारी है।
छात्रा के परिजनों का प्रदर्शन और पुलिस का लाठीचार्ज
पुलिस के सामने अपने बयान देने में हॉस्टल की छात्राओं की घबराहट देखी जा रही है। आस-पास के लोग भी कोई प्रतिक्रिया देने से कतराते नजर आ रहे हैं। मृतक छात्रा पिछले ढाई साल से इसी हॉस्टल में निवास कर रही थी। तीन दिन पहले, जब छात्रा के परिवार ने प्रदर्शन किया, तो पुलिस ने लाठीचार्ज किया था, जिससे स्थिति और भी बिगड़ गई और शहर में तनाव का माहौल पैदा हो गया।
पुलिस के अनुसार, छात्रा 5 जनवरी को अपने घर से वापस हॉस्टल आई थी। अगले दिन, 6 जनवरी को उसने अन्य छात्राओं के साथ भोजन किया और फिर अपने कमरे में चली गई। जब काफी समय तक वह बाहर नहीं आई, तो हॉस्टल के कर्मचारी चिंतित हुए। उन्होंने दरवाजा तोड़कर अंदर जाकर उसे बेहोशी की स्थिति में पाया।
पुलिस सूचना मिलने के बाद अस्पताल पहुंची। प्रारंभ में डॉक्टरों ने बताया कि छात्रा के प्राइवेट पार्ट पर कोई बाहरी चोट नहीं थी। इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। अब पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद, पुलिस सभी पहलुओं की गहराई से जांच कर रही है।
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