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Google search history से खुलेगा NEET छात्रा की मौत का राज! दो संदिग्ध व्यक्तियों से पुलिस कर रही पूछताछ

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चित्रगुप्त नगर थाना क्षेत्र में नीट (NEET) की तैयारी कर रही एक छात्रा की मृत्यु के मामले की जांच कर रही विशेष अनुसंधान टीम (एसआईटी) अपने निष्कर्षों के करीब पहुँच चुकी है।

इसके लिए एसआईटी की एक सात सदस्यीय टीम पटना से लेकर जहानाबाद तक गहन अनुसंधान कर रही है। टीम को कुछ नई जानकारी मिली है, जिसके चलते उनकी जांच की दिशा बदली है। तकनीकी साक्ष्य एकत्रित करने के बाद दो संदिग्ध व्यक्तियों से पूछताछ की जा रही है।

छात्रा के मोबाइल की गूगल सर्च हिस्ट्री (Google search history) में 24 दिसंबर और 5 जनवरी को आत्महत्या और नींद की दवा से संबंधित खोजें की गई थीं। पुलिस इसे अपनी जांच में एक महत्वपूर्ण सुराग मान रही है, क्योंकि छात्रा ने इसके बाद जहानाबाद की यात्रा की और फिर पटना लौट आई।

छात्रा की मौत का संबंध जहानाबाद से भी

विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने छात्रा के गर्ल्स हॉस्टल में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज का भी अवलोकन किया है। इन फुटेज के अनुसार, छात्रा के कमरे के बाहर कोई संदिग्ध गतिविधियां नहीं पाई गईं। इसके अलावा, छात्रा की मौत का संबंध जहानाबाद से भी हो सकता है, जिसे जांच में ध्यान में रखा जा रहा है।

इस समय, एसआईटी कुछ जांच रिपोर्टों और तकनीकी अनुसंधान से सबूत प्राप्त करने की प्रतीक्षा कर रही है। इसके बाद ही इस मामले का असली सच सामने आ सकता है। इस बीच, पुलिस अधिकारी बयान देने में हिचकिचा रहे हैं, और एसआईटी बहुत सावधानी से कदम बढ़ा रही है ताकि कोई गलती न हो।

पटना पुलिस ने प्रारंभिक जांच के बाद मोबाइल की सर्च हिस्ट्री को पेश कर दिया है। इसके अलावा, एक कमरे से नींद की दवा और यूरिन में इसके डोज के अंश मिलने की जानकारी भी सामने आई है।

नींद की दवा आई कहां से

अब यह सवाल उठ रहा है कि अगर ऐसा है, तो उसके पास नींद की दवा आई कहां से? सामान्यत: नींद की दवा बिना चिकित्सक द्वारा जारी की गई प्रिस्क्रिप्शन के प्राप्त नहीं की जा सकती।

एसआईटी की जांच में यह प्रमुख पहलू माना जा रहा है, जिससे यह भी स्पष्ट हो सकता है कि उसने ऐसा कदम उठाने की कोशिश क्यों की। क्या वह किसी प्रकार के ब्लैकमेल का शिकार हुई थी या फिर कोई और ऐसी स्थिति थी जिसे वह साझा नहीं कर सकी?

इस समय पुलिस इन सभी बिंदुओं पर ध्यान दे रही है। सूत्रों के अनुसार, एसआईटी की जांच के दायरे में कुछ लोग शामिल हैं। एसआईटी की एक टीम ने रविवार को कदमकुआं और मुन्ना चक स्थित दो निजी अस्पतालों में जांच की।

अगले चार से पांच दिनों में एफएसएल की रिपोर्ट

वहां पर मौजूद डॉक्टरों और कर्मचारियों से पूछताछ करके कुछ महत्वपूर्ण सबूत इकट्ठा किए गए हैं। इन अस्पतालों में छात्रा का इलाज किया गया था। इसी बीच, चार सदस्यीय टीम ने रविवार को जहानाबाद भी गयी थी।

पटना के चित्रगुप्त नगर थाना क्षेत्र में एक गर्ल्स हॉस्टल में नीट की तैयारी कर रही एक छात्रा की मौत के मामले की सीआईडी जांच को लेकर एडीजी पारसनाथ ने जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस मामले की जांच सीआईडी के कमजोर वर्ग के एडीजी अमित कुमार जैन कर रहे हैं।

एडीजी ने यह भी बताया कि वह घटनास्थल पर जा चुके हैं, और फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) की टीम ने घटनास्थल से आवश्यक नमूने एकत्रित किए हैं। उम्मीद की जा रही है कि अगले चार से पांच दिनों में एफएसएल की रिपोर्ट प्राप्त हो जाएगी। वर्तमान में जांच जारी है, और इसके बाद ही अधिक जानकारी साझा की जा सकेगी।

छात्रा की मौत के मामले में विशेष जांच दल (एसआइटी) की एक टीम दूसरे दिन भी गांव पहुंचकर पीड़ित परिवार से पूछताछ करती रही। टीम की सदस्य मेनका रानी ने छात्रा के पिता, भाई और आसपास के ग्रामीणों से महत्वपूर्ण जानकारियां इकट्ठा कीं।

हालांकि, एसआइटी के सदस्यों ने अपनी जांच के बारे में कुछ भी जानने से इनकार किया। टीम ने गांव में तीन घंटे से अधिक समय बिताया।

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