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NEET Student के रहस्यमयी मौत का राज, मामला आत्महत्या या हादसा? सहेली से घण्टों पूछताछ; SIT पर परिजनों का आरोप

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नीट (NEET) की तैयारी कर रही एक छात्रा (Student) की रहस्यमयी मृत्यु के मामले में विशेष जांच दल (SIT) ने मामले की गहराई में जाने का निर्णय लिया है। गुरुवार को, एसआईटी की पांच सदस्यीय टीम ने मृत छात्रा की करीबी सहेलियों से संपर्क किया। उन्होंने एक बचपन की सहेली से कई घंटों तक अकेले में बातचीत की। इस पूछताछ के कारण मृतका की सहेली के परिवार वाले काफी चिंतित और नाराज हैं।

मृत छात्रा की सहेली, जो तीसरी कक्षा से उसके साथ पढ़ाई कर रही थी, वर्तमान में पटना में उसी कोचिंग संस्थान में पढ़ाई कर रही थी, जहां मृतका भी नीट की तैयारी कर रही थी। घटना के बाद, यह सहेली प्रभात हॉस्पिटल में मृतका से मिलने गई थी। एसआईटी की टीम दोपहर लगभग 1 बजे कोचिंग संस्थान पहुंची और इस सहेली से शाम 4 बजे तक गहन पूछताछ की। इस पूरे घटनाक्रम से सहेली के माता-पिता भी चिंतित और डरे हुए हैं।

सहेली से घण्टों पूछताछ

सहेली के पिता, जो एक पूर्व फौजी हैं, ने चिंता जताई है कि उनकी बेटी अभी भी छोटी है। उन्होंने बताया कि एसआईटी ने उनकी बच्ची से अकेले में घंटों तक सवाल किए, जो कि उचित नहीं है। यह जानकारी उन्होंने प्रभात खबर के संवाददाता अश्विनी कुमार को दी। सहेली के पिता का कहना है कि पुलिस के सवाल करने के तरीके से उनकी बेटी काफी मानसिक तनाव में आ गई है। परिवार के सदस्यों का आरोप है कि एसआईटी दबाव डालकर उनसे कुछ स्वीकार करने की कोशिश कर रही है।

पूछताछ का एक प्रमुख पहलू वह डायरी है, जिसे पुलिस ने लड़की के कमरे से कब्जे में लिया है। एसआईटी उसकी लिखावट और मृत छात्रा की हस्ताक्षर में मेल-जोल की जांच के लिए कोचिंग सेंटर में गई थी। अब इस स्थिति में एक नया मोड़ आ गया है। पुलिस इस डायरी को एक महत्वपूर्ण सबूत मान रही है, जबकि मृतका के परिवार का कहना है कि जो डायरी पुलिस ले गई है, वह उनकी बेटी की नहीं है।

SIT नए सवालों का जाल बुनती जा रही

मृतका के परिजनों ने डायरी को अस्वीकार कर देने के बाद मामला और अधिक जटिल हो गया है। एक ओर दवाओं के संबंध में सवाल उठ रहे हैं, वहीं दूसरी ओर सहेली से की गई लंबी पूछताछ और डायरी की वास्तविकता की जांच नए पहलुओं को उजागर कर रही है। इस बीच, एसआईटी हर बिंदु पर जांच कर रही है, लेकिन परिजनों का कहना है कि सच तक पहुंचने के बजाय जांच एजेंसी नए सवालों का जाल बुनती जा रही है।

अब सबसे बड़ा सवाल यही उठता है कि क्या यह मामला आत्महत्या का है, या फिर यह एक हादसा है, या क्या इसमें किसी बड़ी साजिश का हाथ है? इसका सही उत्तर शायद जांच के अगले चरण में ही सामने आएगा। लेकिन स्थानीय निवासियों का कहना है कि बिहार में कई दुष्कर्म के मामले अक्सर केवल पुलिस के रिकार्ड में ही रह जाते हैं। अब यह देखना होगा कि इस मामले में असली सच क्या सामने आता है।

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