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Patna में UGC के नए कानून के खिलाफ प्रदर्शन, छात्रों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर पर कालिख लगाई

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पटना (Patna) में बुधवार को UGC के नए कानून के खिलाफ छात्रों का आक्रोश सड़कों पर नजर आया। राजधानी के प्रमुख चौराहे, दिनकर गोलंबर पर छात्रों की एक बड़ी संख्या इकट्ठा हुई। वे सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी कर रहे हैं।

यह प्रदर्शन ऑल बिहार स्टूडेंट यूनियन और सवर्ण एकता मंच के ध्वज तले आयोजित किया गया है। सुबह से ही छात्रों का एकत्र होना शुरू हो गया था, और कुछ ही समय में दिनकर गोलंबर छात्रों से भर गया। उनमें हाथ में तख्तियां हैं और वे सरकार विरोधी नारे लगा रहे हैं। छात्रों ने पोस्टर्स भी पकड़े हुए हैं, जिन पर लिखा है- “मैं सवर्ण हूं, मुझे फांसी दो।” उनकी मांगें स्पष्ट हैं- UGC से संबंधित इस नए कानून के खिलाफ वे आवाज उठा रहे हैं।

नाराज छात्रों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर पर कालिख लगाई

प्रदर्शन के दौरान आक्रोश और बढ़ गया। नाराज छात्रों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर पर कालिख लगाई और गृह मंत्री अमित शाह की तस्वीर को जला कर अपना विरोध व्यक्त किया। इस कारण इलाके में कुछ समय के लिए तनाव की स्थिति बन गई, लेकिन मौके पर मौजूद पुलिस ने स्थिति पर नियंत्रण रखकर हालात को संभाल लिया।

प्रदर्शन कर रहे छात्रों का आरोप है कि प्रस्तावित UGC बिल समाज में विभाजन पैदा करेगा। उनका कहना है कि इस कानून में कार्रवाई करने के लिए आवश्यक ठोस साक्ष्य या पुख्ता सबूत की कोई आवश्यकता नहीं है। छात्रों का मानना है कि ऐसा कानून बेहद अनुचित है और इसके गंभीर परिणाम होंगे।

प्रस्तावित UGC बिल समाज में विभाजन पैदा करेगा

छात्र नेताओं का कहना है कि सरकार कुछ ऐसे कानून पेश कर रही है, जो समाज में और अधिक विभाजन पैदा कर सकते हैं। उन्होंने इसे वोट बैंक की राजनीति के रूप में निर्दिष्ट किया। छात्रों का यह भी आरोप है कि राजनीतिक लाभ के लिए एक विशेष वर्ग को निशाना बनाया जा रहा है। प्रदर्शनकारियों ने उल्लेख किया कि बीजेपी को लंबे समय से सवर्ण समाज का समर्थन प्राप्त रहा है, लेकिन अब उसी वर्ग को हाशिये पर धकेलने की कोशिश की जा रही है। इससे समाज में असंतोष की स्थिति उत्पन्न हो रही है।

ABSU और स्वर्ण एकता मंच के सदस्यों ने सरकार को चेतावनी दी है कि यदि वह इस विधेयक पर पुनर्विचार नहीं करेगी और आवश्यक संशोधन नहीं लाएगी, तो उनके आंदोलन की तीव्रता बढ़ जाएगी। छात्रों ने स्पष्ट किया है कि उनका प्रदर्शन शांतिपूर्ण होगा, लेकिन इसका दायरा बड़ा होगा। उन्होंने सरकार से अनुरोध किया कि इस विषय पर चर्चा की जाए ताकि समाधान निकाला जा सके। उन्होंने यह भी दोहराया कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा।

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