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Pappu Yadav पर Chirag Paswan का तीखा प्रहार: गुनाह किया तो सजा, निर्दोष बेखौफ
हाजीपुर से स्पष्ट और दृढ़ लहजे में केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान (Chirag Paswan) ने पूर्णिया के निर्दलीय सांसद पप्पू यादव (Pappu Yadav) की गिरफ्तारी को पूरी तरह से कानूनी और न्यायिक प्रक्रिया बताया। उन्होंने कहा कि राजनीति में हंगामा और सियासी संकट अपने आप में एक अलग बात है, लेकिन कानून के समक्ष सभी व्यक्ति समान हैं। चिराग का स्पष्ट संदेश था, “यदि आपके कार्य सही हैं तो डरने की कोई आवश्यकता नहीं है, देश की न्याय प्रणाली पर विश्वास रखें। लेकिन यदि आपने गलत किया है, तो कोई माफ़ी नहीं मिलेगी।”
ठोस सबूत और पुख़्ता प्रमाण के गिरफ्तार नहीं किया जा सकता
हाजीपुर परिसदन में एक संवाददाता सम्मेलन के दौरान चिराग पासवान ने स्पष्ट रूप से कहा कि किसी भी सांसद को बिना ठोस सबूत और पुख़्ता प्रमाण के गिरफ्तार नहीं किया जा सकता। उन्होंने यह भी बताया कि जांच एजेंसियां बिना कारण के कार्रवाई नहीं करतीं, उनके पास ज़रूर ऐसे तथ्य और सबूत होंगे जिनके आधार पर उन्होंने कानूनी प्रक्रिया अपनाई है। गिरफ्तारी के समय उत्पन्न किए गए डरावने माहौल पर चिराग ने अपनी चिंताएं व्यक्त कीं और कहा कि सहयोग की आवश्यकता थी, न कि राजनीतिक नाटक का सहारा लेना चाहिए था।
चिराग पासवान ने दोबारा स्पष्ट किया कि एनडीए सरकार में न्याय और मानवता का साथ-साथ होना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि अगर कोई व्यक्ति निर्दोष है, तो उसे कोई हानि नहीं पहुंचेगी, लेकिन अगर कोई व्यक्ति दोषी पाया जाता है, तो उसकी ताकत, पद और राजनीति उसे नहीं बचा सकेंगी। पासवान ने कांग्रेस और आरजेडी पर कड़ा हमला करते हुए कहा कि विपक्ष की यह पुरानी आदत है कि वे हर कार्रवाई को प्रतिशोध की राजनीति से जोड़ते हैं। वास्तव में, यह मामला केवल कानून के अनुसार चलने का है, न कि राजनीतिक प्रतिशोध का।
31 वर्ष पुराने मामले में गिरफ्तारी
बहरहाल, पप्पू यादव को 31 वर्षों पुराने एक मामले में पटना पुलिस ने 6 फरवरी 2026 की रात गिरफ्तार किया। यह गिरफ्तारी गर्दनीबाग थाने में दर्ज गंभीर आरोपों जैसे धोखाधड़ी (420), जालसाज़ी (468) और आपराधिक साज़िश (120B) से जुड़ी हुई है। 7 फरवरी को उन्हें पटना की एमपी-एमएलए कोर्ट में पेश किया गया, जहाँ से उन्हें दो दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। गिरफ्तारी के बाद उनकी तबीयत बिगड़ने की खबर के चलते उन्हें पीएमसीएच में भर्ती कराया गया है। अब सभी की नजरें 9 फरवरी 2026 को होने वाली जमानत सुनवाई पर टिक गई हैं, जहाँ केवल कानून की सुनवाई होगी, न कि सियासत की।
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