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Prashant Kishor का Darbhanga दौरा: नाबालिग रेप-हत्या पीड़ित परिवार से मिले, बोले- अफसर जंगलराज चला रहे

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जन सुराज के संयोजक प्रशांत किशोर (Prashant Kishor) ने बुधवार को दरभंगा (Darbhanga) में एक छह साल की बच्ची के परिवार से मुलाकात की, जो हाल ही में यौन उत्पीड़न के बाद हत्या का शिकार हुई थी। इस मुलाकात के दौरान उन्होंने परिवार को सांत्वना दी। प्रशांत किशोर ने नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार पर तीखे आरोप लगाए, asserting किया कि राज्य में कानून-व्यवस्था पूरी तरह से लगातार खराब हो रही है और इसे अफसरों के जंगलराज का उदाहरण बताया। पीड़िता के परिजनों से बातचीत के बाद, उन्होंने बिहार में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर अपनी गहरी चिंता व्यक्त की। किशोर ने कहा कि लड़कियों के लिए सुरक्षा सुनिश्चित नहीं है और प्रशासन कानून के शासन को लागू करने में असफल रहा है।

लगातार की जा रही छापेमारियों के कारण इलाके में भय

किशोर ने आरोप लगाया कि पुलिस सही मायने में दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय उन लोगों को निशाना बना रही है, जो न्याय की मांग कर रहे हैं। दरभंगा में हुए विरोध प्रदर्शन के संदर्भ में उन्होंने बताया कि पुलिस ने छह लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, और लगातार की जा रही छापेमारियों के कारण इलाके में भय का माहौल बन गया है।

उन्होंने बताया कि यहां दो गंभीर घटनाएं घटित हुई हैं—एक नाबालिग बच्ची के साथ बलात्कार और हत्या, और दूसरी उन लोगों के खिलाफ कार्रवाई जो पीड़िता और उसके परिवार के लिए न्याय की मांग कर रहे थे। ऐसी क्रूरता के खिलाफ लोगों का उठ खड़ा होना स्वाभाविक है। सबसे बड़ा दोषी इस मामले में पुलिस है, लेकिन इसके बजाय प्रदर्शनकारियों के खिलाफ शिकायतें दर्ज की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी है। यदि यह भयानक घटना नहीं होती, तो लोग सड़कों पर प्रदर्शन के लिए नहीं उतरते। उन्होंने दोहराया कि यही कारण है कि उन्होंने इन हालातों को ‘अफसरों का जंगलराज’ करार दिया है।

जन सुराज आंदोलन पिछले तीन वर्षों से लोगों को चेतावनी दे रहा

प्रशांत किशोर ने जनप्रतिनिधियों, जैसे स्थानीय विधायकों और सांसदों, की अनुपस्थिति पर कड़ी आपत्ति जताई और यह बताया कि वे पीड़ित के परिवार से मिलने के लिए नहीं आए। उन्होंने सवाल उठाया कि जब लोग बिना किसी विचार या सवाल के उन्हें वोट देते रहते हैं, तो विधायक या सांसद क्यों आएंगे? उन्होंने कहा कि चुनाव के समय ये नेता फिर से धर्म और जाति के आधार पर लोगों को विभाजित करेंगे। Kishor ने यह भी कहा कि लोग अपने बच्चों के दुःख को भूलकर नरेंद्र मोदी, नीतीश कुमार या लालू प्रसाद यादव के नाम पर मतदान करेंगे। उन्होंने यह रेखांकित किया कि जन सुराज आंदोलन पिछले तीन वर्षों से लोगों को चेतावनी दे रहा है कि बच्चों की सुरक्षा, शिक्षा और रोजगार को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

प्रशांत किशोर ने आग्रह किया कि सरकार उन 30 से अधिक व्यक्तियों पर कड़ी कार्रवाई करने से बचें, जो विरोध प्रदर्शन से संबंधित मामलों में कथित तौर पर फरार हैं। उनकी मांग है कि असली अपराधियों को जल्द से जल्द न्याय के दायरे में लाया जाए। किशोर का कहना है कि जनता की नाराजगी पर प्रशासन का रवैया असंवेदनशील है, जो राज्य में लोगों की असुरक्षा को और बढ़ा रहा है।

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