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पटना में 28 अप्रैल को किसान कार्यकर्ता कन्वेंशन: 1 अप्रैल को 4 श्रम संहिताओं के खिलाफ ‘काला दिवस’ का आह्वान
पटना, 30 मार्च 2026: संयुक्त किसान मोर्चा, बिहार ने कृषि क्षेत्र में बढ़ते कॉरपोरेट प्रभाव और किसान विरोधी नीतियों के खिलाफ 28 अप्रैल 2026 को पटना के आईएमए सभागार में किसान कार्यकर्ता कन्वेंशन आयोजित करने की घोषणा की है। यह निर्णय पटना के जनशक्ति भवन में आयोजित राज्यस्तरीय बैठक में लिया गया।
बैठक की अध्यक्षता बिहार राज्य किसान सभा (जमाल रोड) के महासचिव विनोद कुमार ने की। बैठक में शामिल किसान नेताओं ने केन्द्रीय श्रमिक संगठनों के आह्वान पर 1 अप्रैल 2026 को 4 श्रम संहिताओं के विरोध में ‘काला दिवस’ मनाने के निर्णय का समर्थन किया और इसमें भाग लेने का ऐलान किया।
बढ़ते कॉरपोरेट और साम्राज्यवादी प्रभाव के खिलाफ कन्वेंशन
संयुक्त किसान मोर्चा, बिहार ने अपनी पिछली बैठक में कृषि क्षेत्र पर बढ़ते कॉरपोरेट और साम्राज्यवादी प्रभाव के खिलाफ किसान कार्यकर्ता कन्वेंशन आयोजित करने का निर्णय लिया था। किसान नेताओं ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौता, बिजली संशोधन विधेयक 2025, बीज विधेयक 2025 और वीबी ग्राम जी अधिनियम जैसे मुद्दों की आलोचना की और इन्हें किसान विरोधी बताया।
बैठक में फसल बीमा, न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP), बटाईदार किसानों के पंजीकरण, एपीएमसी मंडियों की पुनर्बहाली तथा नहरों और सिंचाई परियोजनाओं के जीर्णोद्धार जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की गई।
विभिन्न जिलों से किसान संगठनों के प्रतिनिधि भाग लेंगे
संयुक्त किसान मोर्चा, बिहार ने कहा कि किसान कार्यकर्ता कन्वेंशन के माध्यम से इन मुद्दों को राज्य की जनता के सामने रखा जाएगा और आगामी आंदोलन की रणनीति तैयार की जाएगी। इस कन्वेंशन में बिहार के विभिन्न जिलों से किसान संगठनों के प्रतिनिधि भाग लेंगे, जबकि राष्ट्रीय और राज्य स्तर के किसान नेता भी कार्यक्रम को संबोधित करेंगे।
कन्वेंशन से पहले कृषि क्षेत्र पर कॉरपोरेट प्रभाव और बिहार के किसानों की स्थिति को लेकर व्यापक प्रचार अभियान चलाया जाएगा।
बैठक में शामिल लोग
बैठक में जय किसान आंदोलन के ऋषि आनंद, अखिल भारतीय किसान मजदूर सभा के रामचंद्र सिंह, एनएपीएम के उदयन राय, बिहार राज्य किसान सभा (जमाल रोड) के विनोद कुमार, बिहार राज्य किसान सभा (केदार भवन) के रामचंद्र महतो, ऑल इंडिया किसान खेत मजदूर संगठन के इंद्रदेव राय, अखिल भारतीय खेत मजदूर किसान सभा के अशोक बैठा और नंद किशोर सिंह, अखिल भारतीय किसान महासभा के उमेश सिंह और राजेंद्र पटेल, ऑल इंडिया किसान फेडरेशन के विनोद कुमार झा, क्रांतिकारी किसान यूनियन के संजय श्याम तथा उत्तर कोयल नहर किसान संघर्ष मोर्चा (मगध) के बालेश्वर प्रसाद यादव और नंदलाल सिंह शामिल रहे।
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