Sen your news articles to publish at [email protected]
Ghalibaf Warns West: इरादे नेक लेकिन मंशा पर शक! ईरानी स्पीकर ने फ्लाइट में दिखाई पीड़ितों की तस्वीरें, अमेरिका पर बरसे
Ghalibaf Warns West: ईरान की संसद के स्पीकर मोहम्मद बागेर गालीबाफ शुक्रवार रात को एक बड़े प्रतिनिधिमंडल के साथ शांति वार्ता में भाग लेने के लिए वहां पहुंचे। एयरपोर्ट पर मीडिया से बात करते हुए गालीबाफ ने स्पष्ट किया कि ईरान बातचीत के लिए ‘गुडविल’ (भले ही इरादा नेक हो) रखता है, लेकिन अमेरिका पर भरोसा करने के मामले में बिल्कुल सतर्क है।
‘मीनाब घटना’ के पीड़ितों की तस्वीरें मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा
अपनी यात्रा के दौरान, स्पीकर गालीबाफ अपनी आधिकारिक उड़ान में ‘मीनाब घटना’ के पीड़ितों की तस्वीरें भी साथ लाए। उन्होंने इन तस्वीरों को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा करते हुए लिखा कि इस उड़ान मेरे साथी, ईरानी राज्य मीडिया Press TV के अनुसार, गालीबाफ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में बताया कि बातचीत के आरंभ होने से पहले दो शर्तें पूरी करना आवश्यक है।
पहली प्राथमिकता लेबनान में युद्धविराम लागू करना
ईरान के लिए पहली प्राथमिकता लेबनान में युद्धविराम लागू करना है, जबकि दूसरी शर्त अमेरिका द्वारा रोकी गई ईरानी संपत्तियों की रिहाई है। ईरान का कहना है कि जब तक ये दोनों शर्तें पूरी नहीं होतीं, बातचीत आगे नहीं बढ़ सकेगी। महदी गालीबाफ ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका इस वार्ता को सिर्फ एक दिखावा या धोखा समझता है, तो ईरान अपनी सुरक्षा और हितों की रक्षा के लिए अपनी क्षमता का उपयोग करेगा।
IRIB की रिपोर्ट के अनुसार
इस्लामाबाद पहुंचे ईरानी प्रतिनिधिमंडल में प्रमुख हस्तियों में विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची, रक्षा परिषद के सचिव अली अकबर अहमदियान और केंद्रीय बैंक के गवर्नर अब्दुलनासिर हम्मती शामिल हैं। IRIB की रिपोर्ट के अनुसार, इस समूह में सुरक्षा, सैन्य और आर्थिक विशेषज्ञ भी मौजूद हैं। गालीबाफ ने अपने पूर्व के अनुभवों का उल्लेख करते हुए कहा कि पिछले एक साल में दो बार बातचीत के दौरान ही ईरान पर हमले किए गए। उन्होंने यह भी बताया कि ईरान अपनी संप्रभुता की सुरक्षा के लिए पूरी तरह तैयार है और किसी भी प्रकार के खतरे का प्रभावी तरीके से जवाब देने की क्षमता रखता है।
अमेरिका दोस्ती का हाथ बढ़ाने के लिए तैयार
दूसरी ओर, अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस इस बैठक के लिए इस्लामाबाद पहुंच चुके हैं। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट के अनुसार, अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल में विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और डोनाल्ड ट्रंप के दामाद जेरेड कुश्नर भी शामिल हैं। वेंस ने कहा कि अगर ईरान संजीदगी से बातचीत करता है, तो अमेरिका दोस्ती का हाथ बढ़ाने के लिए तैयार है। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अगर ईरान ने वार्ता में चालाकी से काम लिया, तो अमेरिकी टीम इसे सहन नहीं करेगी।
इजरायल द्वारा लेबनान में हो रहे हमलों को रोकना
यह प्रक्रिया अमेरिका और ईरान के बीच हुए दो हफ्ते के अस्थायी सीजफायर समझौते को लागू करने की दिशा में एक कदम है। ईरान का कहना है कि इस समझौते में इजरायल द्वारा लेबनान में हो रहे हमलों को रोकना भी शामिल है। दूसरी ओर, अमेरिका और इजरायल का तर्क है कि यह सीजफायर हिजबुल्ला के ठिकानों पर लागू नहीं होता। इस आपसी मतभेद के कारण कूटनीतिक प्रयासों में बाधा उत्पन्न हुई है। शनिवार सुबह से शुरू होने वाली इस बैठक पर पूरी दुनिया की निगाहें लगी हुई हैं, यह देखने के लिए कि क्या पश्चिम एशिया में पिछले एक महीने से जारी युद्ध का अंत हो पाएगा।
इसे भी पढ़ें – Criminal Records in Rajya Sabha: दागी सांसदों से भरा है सदन? ADR का खुलासा, 32 फीसदी सांसदों पर मुकदमे दर्ज
