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West Champaran Hospital: डॉक्टर साहब नदारद! बिहार के Govt Hospital में सुरक्षा गार्ड बना ‘सर्जन’, घायल का किया इलाज
West Champaran Hospital: पश्चिम चम्पारण के बगहा अनुमंडलीय अस्पताल से एक चिंताजनक मामला सामने आया है, जिसने समग्र स्वास्थ्य सेवा प्रणाली की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए हैं। नेपाल और उत्तर प्रदेश की सीमा के निकट स्थित इस अस्पताल में, एक सुरक्षा गार्ड द्वारा घायल मरीज को ऑपरेशन थिएटर में टांके लगाए जाने का वीडियो तेजी से वायरल हो गया है, जिससे हड़कंप मच गया है। इस वीडियो में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है कि गंभीर रूप से घायल मरीज का उपचार किसी प्रशिक्षित चिकित्सक या चिकित्सा कर्मी द्वारा नहीं, बल्कि एक सुरक्षा गार्ड द्वारा किया जा रहा है। यह दृश्य वाकई में चौंका देने वाला है।
घावों पर टांके लगाने का कार्य गार्ड ने किया
घटना सोमवार शाम को हुई, जब शास्त्रीनगर के पास रूबी गैस एजेंसी के समीप एक टेंपो और पिकअप वैन में तेज टक्कर हो गई। इस हादसे में कई लोग घायल हो गए, जिन्हें स्थानीय निवासियों ने तुरंत बगहा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (SDH) में पहुंचाया। अस्पताल में अचानक इतनी बड़ी संख्या में गंभीर मरीजों के आने से अफरा-तफरी का माहौल उत्पन्न हो गया। इस स्थिति में, घायल पिकअप चालक वसीम अख्तर और सुरेंद्र पासी, जो जटहां बाजार, उत्तर प्रदेश के निवासी हैं, ने आरोप लगाया कि उनके घावों पर टांके लगाने का कार्य गार्ड ने किया। लेकिन मौके पर मौजूद चिकित्सक डॉ. रामप्रवेश भारती ने स्पष्ट किया कि मरीजों की स्थिति गंभीर थी और आवश्यक चिकित्सा प्राथमिकता दी गई।
गार्ड ने केवल डॉक्टर की देखरेख में मदद की
उसी अस्पताल के उपाधीक्षक, डॉ. अशोक कुमार तिवारी ने स्थिति का समाधान करने की कोशिश की। उन्होंने बताया कि अस्पताल में ओटी असिस्टेंट और ड्रेसर की कई पदें लंबे समय से रिक्त हैं। स्टाफ की कमी के चलते, जीएनएम और अन्य कर्मचारियों की सहायता लेने की आवश्यकता पड़ रही है। इसके अलावा, उन्होंने यह भी कहा कि गार्ड ने केवल डॉक्टर की देखरेख में मदद की, न कि स्वतंत्र रूप से कोई इलाज किया गया।
लोगों के बीच भारी नाराजगी
वायरल वीडियो ने इन दावों पर गंभीर सवाल उठाए हैं और लोगों के बीच भारी नाराजगी पैदा कर दी है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि यह ऐसी पहली घटना नहीं है; बल्कि अस्पताल की लापरवाही और अव्यवस्था का एक पुराना सिलसिला है, जो अब खुलकर उजागर हो गया है।
इस वक्त, यह मामला स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है, और इसकी जांच की बात की जा रही है। लेकिन सबसे बड़ा प्रश्न यह उठता है कि जब अस्पताल के ऑपरेशन थिएटर में सुरक्षा गार्ड टांके लगाने लगे, तो मरीजों की सुरक्षा का क्या होगा?
