Vimarsh News
Khabro Me Aage, Khabro k Pichhe

Digital Bihar: हाई-टेक होगी कानून व्यवस्था, सरकारी निगरानी में शामिल होंगे प्राइवेट CCTV

digital bihar law and order surveillance cctv 20260430 104736 0000
0 143

Digital Bihar: बिहार सरकार ने कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाया है। अब राज्य के निजी प्रतिष्ठानों में स्थापित सीसीटीवी कैमरे सरकारी निगरानी व्यवस्था से जुड़ जाएंगे।

बुधवार को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में आयोजित मंत्रिमंडल की बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। इसके लिए बिहार लोक सुरक्षा (उपाय) प्रवर्तन नियमावली 2026 को पास किया गया है।

अपराधियों पर नजर रखना होगा आसान

इस नियम के अंतर्गत दुकानों, अस्पतालों, बैंकों, स्कूलों, कॉलेजों, धार्मिक स्थलों, रेलवे स्टेशनों, बस स्टैंड और अन्य भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में सीसीटीवी और सुरक्षा उपकरण लगाना अनिवार्य होगा।

इससे अपराधियों पर नजर रखना आसान हो जाएगा और सुरक्षा में सुधार होगा।

ऑटिज्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर से प्रभावित बच्चों की बढ़ती संख्या को ध्यान में रखते हुए, सरकार ने राज्य में स्क्रीनिंग, उपचार और प्रशिक्षण की प्रक्रिया को बेहतर बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। इस प्रयास के तहत राजधानी पटना में आटिज्म के लिए एक आधुनिक सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना की जाएगी।

मल्टी स्पेशियलिटी अस्पताल का निर्माण

यह केंद्र आटिज्म से संबंधित मामलों की प्रारंभिक पहचान, थेरैपी, प्रशिक्षण और अनुसंधान के लिए एक प्रमुख केंद्र के रूप में कार्य करेगा। इसके अतिरिक्त, प्रखंड और राज्य स्तर पर बच्चों में आटिज्म और इससे जुड़े लक्षणों की स्क्रीनिंग के लिए एक मजबूत प्रणाली विकसित की जाएगी, ताकि बच्चों को समय पर आवश्यक सहायता मिल सके।

गर्दनीबाग में इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए 4.55 एकड़ भूमि पहले से निर्धारित की जा चुकी है। यह भूमि पटना मास्टर प्लान 2031 के अंतर्गत एक मल्टी स्पेशियलिटी अस्पताल के निर्माण के लिए आरक्षित है, जिसमें अब ऑटिज्म सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का निर्माण किया जाएगा। यह संस्थान अध्ययन और प्रशिक्षण के माध्यम से इस क्षेत्र में विशेषज्ञता विकसित करने में भी महत्वपूर्ण योगदान देगा।

मरीजों के परिवारजनों के ठहरने के लिए गेस्ट हाउस

इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान सहित सभी चिकित्सा कॉलेजों और अस्पतालों में मरीजों के परिवारजनों के ठहरने के लिए गेस्ट हाउस का निर्माण किया जाएगा। इस प्रस्ताव को मंत्रिमंडल ने स्वीकृति दे दी है।

मुख्यमंत्री पेयजल निश्चय योजना के अंतर्गत और अन्य योजनाओं के माध्यम से प्रभावित क्षेत्रों में कुल 20,730 वार्डों के लिए जलापूर्ति योजना, अपूर्ण गुणवत्ता वाले क्षेत्रों में 8,070 वार्ड आधारित जलापूर्ति योजना, और 1,133 पाइप जलापूर्ति योजनाओं के लिए 3,601 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है।

साइबर कोषागार के गठन को भी मंजूरी

बिहार निगरानी अन्वेषण संवर्ग को अब समाप्त कर दिया गया है। इस संवर्ग में कार्यरत पुलिस उपाधीक्षक, पुलिस निरीक्षक और पुलिस अवर निरीक्षकों को गृह विभाग, बिहार पुलिस के सम्वंधित संवर्ग में समायोजित किया जाएगा। राज्य मंत्रिपरिषद ने इस प्रस्ताव को बुधवार को अपनी स्वीकृति दी।

बैठक के बाद कैबिनेट विभाग के अपर मुख्य सचिव ने जानकारी दी कि राज्य मंत्रिपरिषद ने वित्त विभाग के कोषागार एवं लेखा निदेशालय के अंतर्गत साइबर कोषागार के गठन को भी मंजूरी दी है। इसके तहत 23 नए पदों को सृजन की स्वीकृति प्रदान की गई है। इसी तरह संजय गांधी गव्य प्रावैधिकी संस्थान, पटना का नामांतरण बिहार स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नॉलाजी, पटना करने को मंजूरी दी गयी।

बिहार खनिज संशोधन नियमावली 2026

मंत्रिमंडल ने 2025-26 के दौरान नगर निकायों के बकाया बिजली बिलों के भुगतान के लिए 425 करोड़ रुपये के सहायक अनुदान देने का प्रस्ताव मंजूर किया है।इसके साथ ही, मंत्रिमंडल ने बिहार खनिज संशोधन नियमावली 2026 को भी स्वीकृति दे दी है।

इस नियमावली में नदी घाटों या पत्थर खनन पट्टों को बंदोबस्त करने के बाद उन्हें छोड़ने पर रोक लगाने, पत्थर खनन पट्टों की नीलामी से अधिकतम राजस्व हासिल करने के उपाय, और नीलामी में प्राप्त राशि के भुगतान के तरीके के निर्धारण के संबंध में अन्य प्रावधान शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, मंत्रिपरिषद ने पत्थर खनन पट्टों की ई-नीलामी को लेकर मंजूरी दी है, जिससे राज्य में खनन गतिविधियाँ प्रारंभ होंगी और सरकार को राजस्व प्राप्त होगा।

अन्य निर्णय

  • फल्गू नदी पर नए पुल के निर्माण के लिए 114 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया गया है।
  • मुंगेर स्थित वानिकी महाविद्यालय में 250 नए पदों की सृजन किया गया है।
  • एससी-एसटी छात्रावास में निवास करने वाले छात्रों के लिए अनुदान राशि को 1000 रुपये से बढ़ाकर 2000 रुपये किया गया है।
Leave a comment