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Bharat Tiwari Death Case: पिता को सरकारी जांच पर भरोसा नहीं, कहा- अदालत ही करेगी न्याय
Bharat Tiwari Death Case: बिहार के भोजपुर जिले में हुए चर्चित भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में उनके पिता ने उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय का रुख अपनाने का फैसला किया है। इस मामले में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने न्यायिक जांच के निर्देश दिए हैं, लेकिन भरत तिवारी के परिजनों ने मुख्यमंत्री के इस कदम पर संदेह जताया है, जिससे उन्होंने अदालत जाने का निर्णय लिया है। भोजपुर जिले के शाहपुर स्थित बिलैटी मुठभेड़ के संदर्भ में भरत भूषण तिवारी के पिता, कशीनाथ तिवारी, ने मुख्यमंत्री द्वारा जारी किए गए न्यायिक जांच के आदेशों पर भरोसा नहीं किया है।
मौजूदा व्यवस्था से निष्पक्ष जांच की कोई उम्मीद नहीं
भरत के पिता, काशीनाथ, ने स्पष्ट किया कि उन्हें मौजूदा व्यवस्था से निष्पक्ष जांच की कोई उम्मीद नहीं है। इसलिए, वह सीधे अदालत में जाने का फैसला कर चुके हैं। अपने गहरे दर्द और नाराजगी को व्यक्त करते हुए काशीनाथ ने यह भी कहा कि मौजूदा प्रशासनिक रवैये को देख कर उन्हें स्थानीय और मुख्यमंत्री स्तर से मिलने वाले आश्वासनों पर भरोसा नहीं है। उन्हें यह चिंता है कि मामले की सही ढंग से जांच नहीं की जाएगी और संभवतः सच को छिपाने का प्रयास होगा। पीड़ित पिता ने बताया कि कार्यपालिका में निराशा के बाद न्यायपालिका अब उनकी अंतिम उम्मीद बन गई है। उन्होंने कहा कि वह इस मामले को लेकर उच्च न्यायालय में जाएंगे।
बच्चे के लिए न्याय की आवश्यकता
भरत तिवारी की मां, आशा देवी, अपने बेटे को खोने के दुख में पूरी तरह से नष्ट हो चुकी हैं। उन्होंने भावुक होकर कहा कि उन्हें केवल अपने बच्चे के लिए न्याय की आवश्यकता है। वह सरकार से अपील कर रही हैं कि जांच करें, लेकिन उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जो भी मेरे निर्दोष बेटे का हत्यारा है, उसे फांसी की सजा मिलनी चाहिए। जब तक उस हत्यारे को सजा नहीं मिलती, तब तक हमें शांति नहीं मिलेगी।
भरत भूषण तिवारी के बड़े भाई, बसंत तिवारी, ने न्यायिक जांच के निर्णय पर अपनी राय व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार ने एक जांच टीम नियुक्त की है। उन्हें इस बात की जानकारी मिली है। हालांकि, उनकी एकमात्र इच्छा है कि यह पूरी प्रक्रिया निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से चले। उनका मानना है कि अगर जांच सही तरीके और उचित स्थान पर की जाए, तभी इसे सार्थक माना जा सकेगा। बसंत तिवारी ने स्पष्ट किया कि केवल आधिकारिक बयान या कागजी कार्रवाई से किसी भी पीड़ित की समस्या का समाधान नहीं होता, और न ही इससे न्याय प्राप्त होता है। उन्हें ठोस परिणामों की आशा है।
जांच उच्च स्तरीय टीम द्वारा संचालित
बिलौटी गांव में पुलिस एनकाउंटर में भरत भूषण तिवारी की मौत के मामले में बिहार सरकार ने न्यायिक जांच कराने का निर्णय लिया है। इस जांच को एक उच्च स्तरीय टीम द्वारा संचालित किया जाएगा, जिसमें उच्च न्यायालय के रिटायर्ड जस्टिस शामिल होंगे। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस न्यायिक जांच का आदेश दिया है। हालांकि, यह प्रतीत होता है कि तिवारी के परिवार के सदस्यों को सीएम सम्राट चौधरी के इस आदेश पर अधिक विश्वास नहीं है।
17 जून की सुबह भोजपुर के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव में पुलिस के साथ मुठभेड़ हुई, जिसके परिणामस्वरूप भरत भूषण तिवारी नामक एक युवक की मृत्यु हो गई। इस घटना के बाद से स्थानीय लोगों में गहरा आक्रोश फैल गया है, और पुलिस कार्रवाई को लेकर कई सवाल उठाए जा रहे हैं। इस संवेदनशील मामले को ध्यान में रखते हुए, सरकार ने इस घटना के सभी पहलुओं की निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच के लिए उच्च न्यायालय के रिटायर्ड न्यायाधीश से जांच कराने का निर्णय लिया है।
