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Manish Kashyap Controversy: टोयोटा कार इंजन में खराबी का सच क्या? कंपनी की FIR के बाद मनीष कश्यप पर गिरफ्तारी की तलवार
Manish Kashyap Controversy: बिहार के यूट्यूबर मनीष कश्यप एक बार फिर विवादों में घिरे हैं। हाल ही में, मनीष ने अपनी गाड़ी के साथ एक पेट्रोल पंप पर हंगामा खड़ा किया, जहां उन्होंने पेट्रोल में इथेनॉल के मिश्रण को लेकर बहस की। अब टोयोटा कंपनी ने उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है। ऐसी अटकलें लगाई जा रही हैं कि मनीष कश्यप को पुलिस द्वारा किसी भी समय गिरफ्तार किया जा सकता है।
वहीं, ई-20 पेट्रोल, यानी इथेनॉल मिश्रित ईंधन का उपयोग करने से अपनी गाड़ी के खराब होने का आरोप लगाने वाले मनीष कश्यप के खिलाफ केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने उनकी दावों को भ्रामक बताया है। उन्होंने कहा है कि वाहन कंपनी की ओर से की गई जांच में मनीष कश्यप के दावे झूठे पाए गए हैं।
केंद्रीय मंत्री पर इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल को बढ़ावा देने का आरोप
ध्यान दें, मनीष कश्यप का एक वीडियो हाल ही में वायरल हुआ जिसमें वह एक पेट्रोल पंप पर हंगामा करते नजर आए। इस वीडियो में उन्होंने केंद्रीय मंत्री पर इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल को बढ़ावा देने का आरोप लगाया, यह कहकर कि इसी कारण उनकी गाड़ी खराब हो गई।
इसके बाद, केंद्रीय मंत्री ने एक सार्वजनिक कार्यक्रम में संबोधित करते हुए कहा कि वह उस यूट्यूबर का नाम नहीं लेना चाहेंगे। उन्होंने बताया कि पटना के इस यूट्यूबर ने उनकी आलोचना की और गाड़ी में आई खराबी को पेट्रोल के साथ जोड़ा।
तमिलनाडु में प्रवासी मजदूरों पर फर्जी वीडियो साझा करने के आरोप में गिरफ्तार
नितिन गडकरी के अनुसार, जब टोयोटा कंपनी ने मामले का संज्ञान लिया और गाड़ी को भेजने के लिए कहा ताकि समस्या का निदान किया जा सके, तब मनीष कश्यप ने गाड़ी नहीं भेजी। यह ध्यान देने वाली बात है कि मनीष कश्यप इससे पहले भी तमिलनाडु में प्रवासी मजदूरों पर फर्जी वीडियो साझा करने के आरोप में गिरफ्तार हो चुके हैं। उन्हें 18 मार्च, 2023 को पुलिस ने गिरफ्तार किया, जिसके बाद तमिलनाडु पुलिस उन्हें अपने साथ ले गई। पेट्रोल के संदर्भ में यह मामला तब आया है जब केंद्र सरकार कच्चे तेल के आयात को घटाने और प्रदूषण कम करने के लिए इथेनॉल के उपयोग को बढ़ावा देने में जुटी है।
