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Bihar Vidyarthi Sahyog Portal:छात्रों को मिलेंगे 5 बड़े फायदे; जानिए कैसे मिलेगा लाभ

Bihar Vidyarthi Sahyog Portal
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Bihar Vidyarthi Sahyog Portal:मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोमवार को जे डी वीमेंस कॉलेज के ऑडिटोरियम में आयोजित एक कार्यक्रम के तहत विद्यार्थियों के सहयोग के लिए एक पोर्टल का उद्घाटन किया। इस दौरान, उन्होंने कॉलेज में उपस्थित छात्राओं के साथ संवाद करते हुए उनके शैक्षणिक गतिविधियों और समस्याओं के बारे में जानकारी प्राप्त की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में शिक्षा व्यवस्था को अधिक आधुनिक, पारदर्शी, जवाबदेह, और विद्यार्थी-केंद्रित बनाने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। विद्यार्थी सहयोग पोर्टल राज्य के छात्रों की समस्याओं के समयबद्ध समाधान के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। इसका मुख्य उद्देश्य छात्र-छात्राओं की शैक्षणिक, छात्रावास और अन्य समस्याओं तथा सुझावों का त्वरित समाधान प्रदान करना है। यह सेवा पूरी तरह मुफ्त और गोपनीय है, और विद्यार्थी सहयोग शिविर से जुड़ी जानकारी के लिए हेल्पलाइन नंबर 1100 उपलब्ध है।

परिवाद दर्ज करने की तिथि से 30 दिनों के अंदर समाधान

यदि छात्रों की शिकायतों पर 10 दिनों के भीतर कोई कार्रवाई नहीं की गई, तो 11वें दिन मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा स्वतः एक नोटिस जारी होगा। इसके बाद, हर हाल में 30 दिनों के भीतर समाधान सुनिश्चित किया जाएगा। विद्यार्थी कभी भी ऑनलाइन परिवाद अपने सहयोग पोर्टल पर दर्ज कर सकते हैं। परिवाद दर्ज करने की तिथि से 30 दिनों के अंदर इसका समाधान किया जाएगा और आवेदक को लिखित सूचना दी जाएगी। हर महीने के चौथे मंगलवार को शिक्षण संस्थानों में शिविर लगाए जाएंगे, ताकि छात्र सीधे अपनी समस्याएं और सुझाव पेश कर सकें। 25 अगस्त से बिहार के सभी स्कूलों और छात्रावासों में विद्यार्थी सहयोग अभियान की शुरुआत की जाएगी।

छात्रों की समस्याओं के त्वरित समाधान और आधुनिक शैक्षणिक सुविधाओं के लिए ‘विद्यार्थी सहयोग पोर्टल’ का शुभारंभ किया गया है। छात्र अपनी शैक्षणिक या छात्रावास संबंधित समस्याएं और सुझाव इस पोर्टल या टोल-फ्री हेल्पलाइन 1100 पर आसानी से दर्ज करा सकते हैं, और उनकी पहचान पूरी तरह से गोपनीय रखी जाएगी।

हर महीने के चौथे मंगलवार को विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों में विद्यार्थी सहयोग शिविर आयोजित किए जाएंगे, जहां छात्र सीधे अपनी समस्याएं और सुझाव साझा कर सकेंगे। विद्यार्थी सहयोग पोर्टल पर छात्र किसी भी समय ऑनलाइन शिकायत दर्ज कर सकते हैं। उनके द्वारा डाले गए परिवाद का समाधान 30 दिनों के भीतर सुनिश्चित किया जाएगा और आवेदक को इसके बारे में लिखित सूचना भेजी जाएगी।

राज्य के 551 स्थानों पर आधुनिक मॉडल स्कूलों की स्थापना

इसके अलावा, राज्य के 551 स्थानों पर आधुनिक मॉडल स्कूलों की स्थापना की जा रही है, जहां छात्रों को घर पर मोबाइल या लैपटॉप के जरिए देर रात तक लाइव शिक्षक सहायता की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। 25 अगस्त से बिहार के सभी स्कूलों और छात्रावासों में यह व्यवस्था लागू की जाएगी।थी सहयोग अभियान शुरू किया जायेगा।

मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि सहयोग शिविर के दौरान प्राप्त 6.42 लाख आवेदनों में से 96 प्रतिशत का समाधान किया जा चुका है। प्रक्रिया में जवाबदेही बढ़ाने के लिए एक स्वचालित नोटिस प्रणाली भी लागू की गई है। यदि किसी शिकायत पर 10 दिनों के भीतर कार्रवाई नहीं होती है, तो 11वें दिन पहला नोटिस और इसके बाद क्रमशः 20वें और 25वें दिन दूसरे और तीसरे नोटिस जारी किए जाएंगे। यदि 30 दिनों के भीतर समस्या का समाधान नहीं होता है, तो संबंधित अधिकारी या कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इस पहल से शिक्षा प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ेगी और प्रशासनिक जवाबदेही मजबूत होगी।

मुख्यमंत्री ने बताया कि उनका उद्देश्य बिहार के छात्रों को उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा अपने राज्य में प्रदान करना है, ताकि उन्हें बेहतर शिक्षा के लिए अन्य राज्यों में जाने की आवश्यकता न पड़े। इसी संदर्भ में, उच्च शिक्षा के ढांचे का विकास किया जा रहा है। आज़ादी के बाद, लंबे समय तक राज्य में सरकारी डिग्री कॉलेजों की संख्या सीमित रही, लेकिन अब एक साथ 211 नए डिग्री कॉलेज खोलने का महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। इसके साथ ही, 342 बी.एड. कॉलेजों में डिग्री पाठ्यक्रम की स्वीकृति देकर उच्च शिक्षा के अवसरों का विस्तार भी किया जा रहा है।

छात्र क्रेडिट कार्ड योजना के माध्यम से लगभग 18,000 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता

मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि बिहार में छात्रों के लिए उच्च शिक्षा को और अधिक सस्ती बनाने पर जोर दिया जा रहा है। जैसे कि इंजीनियरिंग की शिक्षा केवल 10 रुपये और पॉलिटेक्निक के लिए 5 रुपये में उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चे भी अपने कल को संवारने का अवसर पा सकेंगे। छात्र क्रेडिट कार्ड योजना के माध्यम से लगभग 18,000 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता मुहैया कराई गई है।

वहां पर 534 प्रखंडों और प्रमुख शहरों समेत 551 स्थानों पर मॉडल स्कूलों की व्यवस्था का विकास किया जा रहा है, जिससे विद्यार्थियों को घर से पढ़ाई के लिए लाइव शिक्षकों का सहयोग प्राप्त हो सके। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि बिहार के विकास में महिलाओं और बालिकाओं की शिक्षा तथा सशक्तिकरण की बड़ी भूमिका है। आंगनबाड़ी, पोषण, पोशाक के साथ-साथ मैट्रिक, इंटर और स्नातक पास छात्राओं के लिए प्रोत्साहन योजनाओं के द्वारा भी मदद की जा रही है। साथ ही, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारियों में सहायता प्रदान की जा रही है। सरकारी नौकरियों में महिलाओं के लिए 35 प्रतिशत आरक्षण का भी प्रावधान किया गया है।यती राज एवं स्थानीय निकायों में 50 प्रतिशत आरक्षण ने उनकी भागीदारी को नई मजबूती दी है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि छात्रों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन बिहार की समृद्धि और एक विकसित भारत की मजबूत आधारशिला बनेगा। सरकार का लक्ष्य है कि बिहार का कोई भी छात्र अवसरों की कमी के कारण पीछे न रह जाए। शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार के माध्यम से वे न केवल अपने भविष्य को संवारेंगे, बल्कि राज्य और राष्ट्र के भविष्य को भी नई दिशा देंगे। उन्होंने विद्यार्थियों से आग्रह किया कि वे अपनी समस्याएं और सुझाव स्वतंत्रता से सरकार तक पहुंचाएं। जब बिहार के विद्यार्थी आगे बढ़ेंगे, तभी बिहार समृद्ध बनेगा और विकसित भारत का सपना साकार होगा।

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