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Bihar PG Syllabus: सभी विश्वविद्यालयों में लागू होगा एक जैसा पाठ्यक्रम, 150 से ज्यादा एक्सपर्ट जुटे
Bihar PG Syllabus: प्रदेश के विश्वविद्यालयों में स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम के लिए अब एकीकृत पाठ्यक्रम का विकास किया जाएगा। इसके लिए बिहार लोक भवन में मंगलवार से एक छह दिवसीय शैक्षणिक कार्यक्रम की शुरुआत हो रही है। इस कार्यक्रम के दौरान दो वर्षीय पीजी के तीसरे और चौथे सेमेस्टर तथा एक वर्षीय पीजी के पहले और दूसरे सेमेस्टर का पाठ्यक्रम तैयार किया जाएगा।
यह कदम राष्ट्रीय शिक्षा नीति, 2020 और यूजीसी के दिशा-निर्देशों के अनुसार उठाया जा रहा है। इस मामले में राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह ने जानकारी देते हुए कहा कि इस कार्य के लिए विभिन्न विश्वविद्यालयों से 150 से अधिक विषय विशेषज्ञों और शिक्षकों को लोक भवन में आमंत्रित किया गया है। इस कार्यक्रम में राज्य के सभी विश्वविद्यालयों में चल रहे 46 स्नातकोत्तर कार्यक्रमों के पाठ्यक्रमों को विकसित करने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
मुख्य उद्देश्य स्नातकोत्तर पीजी शिक्षा की गुणवत्ता को बढ़ाना
नए पाठ्यक्रम में प्रत्येक सेमेस्टर के लिए 22 क्रेडिट की समान व्यवस्था लागू की जाएगी, जिससे विद्यार्थियों को अपनी रुचियों के अनुसार अध्ययन करने की सुविधा मिलेगी। और भविष्य की जरूरत के अनुसार विषय चुनने के अधिक विकल्प मिलेंगे। तृतीय सेमेस्टर में विषय से जुड़े वैकल्पिक और कौशल विकास के पाठ्यक्रम के साथ शोध का विकल्प भी होगा।
चतुर्थ सेमेस्टर में छात्र विशेष विषयों का अध्ययन कर सकते हैं, इसके अलावा शोध परियोजना या शोध आधारित पाठ्यक्रम में से एक का चयन भी कर सकेंगे। दीपक कुमार सिंह ने इस पहल के बारे में बताया कि इसका मुख्य उद्देश्य स्नातकोत्तर पीजी शिक्षा की गुणवत्ता को बढ़ाना और सभी विश्वविद्यालयों में पाठ्यक्रम में एकरूपता लाना है।
नए पाठ्यक्रम में न केवल विषय की गहरी समझ पर जोर दिया जाएगा, बल्कि विद्यार्थियों के कौशल विकास पर भी ध्यान केंद्रित किया जाएगा। इसे बिहार में चार वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रम के साथ भी जोड़ा जा रहा है, ताकि स्नातक शिक्षा के बाद स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में एक बेहतर संतुलन स्थापित किया जा सके।
