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Bihar MLC Result: RJD के संजीव की जीत, पांच बार MLC रहे नवल किशोर यादव हारे

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Bihar MLC Result: बिहार विधान परिषद चुनाव में भारतीय जनता पार्टी को एक बड़ा झटका लगा है। पटना शिक्षक एमएमलसी सीट, जिसे भाजपा का मजबूत गढ़ माना जाता था, पर पार्टी को हार का सामना करना पड़ा है। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के उम्मीदवार संजीव कुमार ने भाजपा के निर्वतमान सदस्य नवल किशोर यादव को 1058 वोटों के अंतर से हराया। नवल किशोर इस सीट पर लगातार पांच बार जीत दर्ज कर चुके थे, लेकिन इस बार संजीव कुमार ने उनकी स्थिति को चुनौती दी।

पटना शिक्षक एमएलसी चुनाव के परिणाम मंगलवार रात के बाद घोषित किए गए। आरजेडी के संजीव कुमार को कुल 4487 वोट मिले, जबकि भाजपा के नवल किशोर यादव को 3430 मत प्राप्त हुए। जन सुराज पार्टी की उम्मीदवार दिव्या ज्योति तीसरे स्थान पर रहीं, जिन्हें 1571 वोट मिले। कांग्रेस की स्थिति इस चुनाव में बेहद खराब रही, उनके उम्मीदवार संजय यादव सिर्फ 21 वोट ही प्राप्त कर सके।

मतदान में कुल 11,720 मतदाता शामिल

पटना शिक्षक एमएलसी सीट का चुनाव पटना, नवादा और नालंदा जिलों के अंतर्गत आता है। इस बार मतदान में कुल 11,720 मतदाता शामिल हुए। 23 अक्टूबर को हुए चुनाव में 8,758 शिक्षकों ने अपने मत का प्रयोग किया। मंगलवार को हुई मतगणना के दौरान 2,658 वोट निराधार घोषित किए गए, जबकि 8,490 वोट वैध मान लिए गए। चुनाव आयोग ने इस सीट पर जीत के लिए 4,246 वोटों का मानक निर्धारित किया था। संजीव ने 4,487 वोट प्राप्त कर जीत हासिल की।

जीत के बाद मीडिया के साथ बातचीत करते हुए संजीव कुमार ने बताया, “इस चुनाव के दौरान हमें काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। सरकार पूरी तरह से हताश दिख रही थी। मतगणना केंद्र पर भी जमकर हंगामा हुआ। हम हर हालत में मुकाबले के लिए तैयार थे। नवल किशोर यादव ने हाथी, घोड़ा, ऊंट सब कुछ लेकर आ गए थे। लेकिन शिक्षकों ने महिसासुर का वध कर दिया।”

नवल किशोर यादव का गढ़ माना जाता था

संजीव की पत्नी, डॉक्टर अर्चिता, ने नवल किशोर यादव को निशाना बनाते हुए टिप्पणी की, “सच्ची जीत का मजा तब ही आता है, जब पूरी दुनिया किसी को हराने के लिए एकजुट हो जाए।” उन्होंने यह भी कहा कि चुनाव प्रचार से लेकर मतगणना तक, सत्ता पक्ष ने उन्हें परेशान करने और दबाव बनाने की कोशिश की। अर्चिता को नवल किशोर यादव का किला तोड़ने की खुशी हो रही है।

पटना शिक्षक सीट को भाजपा नेता नवल किशोर यादव का गढ़ माना जाता है, जहां पिछले 30 वर्षों से उनका वर्चस्व रहा है। रिपोर्टों के अनुसार, उन्होंने 1996 में पहली बार पटना शिक्षक से एमएलसी का पद प्राप्त किया, और इसके बाद 2002, 2008, 2014 और 2020 में लगातार जीत हासिल की। 2026 के चुनाव में भी वह अपनी मतदान में कुल 11,720 मतदाता शामिल और लगातार अपनी जीत का विश्वास व्यक्त कर रहे थे। मंगलवार को मतगणना केंद्र के बाहर, उन्होंने जश्न मनाने के लिए बैंड-बाजा, घोड़ा और ऊंट मंगवाए, लेकिन मतगणना के नतीजों ने उनकी खुशी को चुराकर मायूसी का माहौल बना दिया।

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