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भारत-EU फ्री ट्रेड एग्रीमेंट 2027: दिल्ली समिट से मखाना निर्यात को बूस्ट, टैरिफ शून्य!
पटना/दिल्ली, 28 जनवरी 2026 (लेखन- चक्रवर्ती अशोक प्रियदर्शी): 20 साल की लंबी ‘दो पक्षी’ वार्ताओं के बाद भारत और यूरोपीय संघ (EU) के 27 देशों के बीच ऐतिहासिक फ्री ट्रेड एग्रीमेंट 27 जनवरी को दिल्ली समिट में साइन हो गया। PM नरेंद्र मोदी ने इसे ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ कहा। 2027 से लागू होने वाली यह डील दुनिया के 25% GDP, 33% वैश्विक व्यापार और 2 अरब आबादी को जोड़ेगी।
ट्रंप के टैरिफ वॉर के बीच भारत की स्मार्ट डिप्लोमेसी चमकी! एंटोनियो कोस्टा (EU प्रतिनिधि) बोले, “यह भारत-EU संबंधों की मिसाल बनेगा”। EU संसद फिर 27 देशों की संसदों से मंजूरी के बाद भारत में लागू। कुल व्यापार लक्ष्य: 10 लाख करोड़ रुपये—पंचवर्षीय योजना जितना प्रभाव!
टैरिफ में भारी कटौती: BMW 110% से 10%, शराब 150% से 30%
टैरिफ (तटकर) मतलब—किसी देश से माल आने पर लगने वाला कर। अब:
*कच्चा माल: शून्य टैरिफ।
*BMW-Mercedes जैसी लग्जरी कारें: 110% से 10%।
*शराब: 150% से 30%।
*जैतून तेल, वनस्पति तेल, फ्रूट जूस: टैक्स-फ्री।
भारत से महंगी कारें भी कम टैरिफ पर EU जाएंगी। उपभोक्ता सामान आसानी से बिकेंगे!
बिहार के लिए गेम-चेंजर: मखाना और फूड प्रोसेसिंग को EU बूस्ट
अमेरिका का टैरिफ युद्ध (25% अतिरिक्त) ने भारत को EU की ओर धकेला। ट्रंप घबरा गए, टैरिफ वापस लिया। विपक्ष सरकार की ‘चुप्पी’ पर सवाल उठा रहा था, लेकिन यह राष्ट्रवादी डिप्लोमेसी की जीत—चीन-अमेरिका पर निर्भरता खत्म, विकल्प खुले। WTO (1995-2000) के 30% टैरिफ प्रस्ताव से बेहतर—अब 0-10%! चीन की मिलिट्री-आर्थिक ताकत के बावजूद भारत की आबादी-प्रतिस्पर्धा से तरक्की। भ्रष्टाचार चुनौती, लेकिन लोग आगे बढ़ेंगे। यह डील वैश्विक शांति लाएगी!
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बिहार—मखाना का ग्लोबल हब (कैमूर, औरंगाबाद, रोहतास में 1.5 लाख हेक्टेयर खेती, सालाना 50,000 टन उत्पादन)। EU डील से शून्य टैरिफ—अमेरिका/चीन में 20-30% टैरिफ की तुलना में सुपर फायदा!मखाना निर्यात बूस्ट: 2025 में बिहार का मखाना एक्सपोर्ट ₹500 करोड़। EU (जर्मनी, फ्रांस, UK) के हेल्थ फूड मार्केट में डिमांड हाई—2027 से 10 गुना बढ़ोतरी संभव (APEDA डेटा)।फूड प्रोसेसिंग क्रांति: लिची, आम, केला जूस/प्रोसेस्ड फूड पर टैक्स-फ्री एंट्री। बिहार के 50+ फूड पार्क (मुजफ्फरपुर, भागलपुर) को EU सर्टिफिकेशन से करोड़ों का ऑर्डर। उद्योग मंत्री नीतीश सरकार की ‘बिहार फूड प्रोसेसिंग पॉलिसी 2024’ से सब्सिडी मिलेगी।कृषि-उद्योग इंपैक्ट: मखाना किसानों (2 लाख परिवार) को ₹50-100/kg प्रीमियम प्राइस। दरभंगा-मुजफ्फरपुर में नई प्रोसेसिंग यूनिट्स लगेंगी। बिहार GDP में 2-3% योगदान—रोजगार 5 लाख नए जॉब्स!सरकारी ऐक्शन प्लान: बिहार सरकार FPOs (Farmer Producer Organizations) को EU एक्सपोर्ट ट्रेनिंग दे। CM नीतीश कुमार अगर ‘मखाना मिशन 2027’ लॉन्च करें तो पटना से ब्रुसेल्स तक ब्रांडिंग!
चीन निर्भरता घटेगी, बिहार आत्मनिर्भर बनेगा। APEDA और बिहार एग्री डिपार्टमेंट तुरंत तैयारी शुरू करें!
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