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Bihar में Drug Syndicate का खुलासा: North East से हो रही नशे की सप्लाई, 3 साल के आंकड़ों ने उड़ाए होश
ड्रग तस्करों का जाल न केवल राजधानी में, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी तेजी से फैलता जा रहा है। अफीम, गांजे और अन्य नशीली दवाओं का यह नेटवर्क गहराता जा रहा है। पिछले तीन वर्षों में गांजा, चरस, नशे की इंजेक्शन, टैबलेट और कफ सिरप की बरामदगी के आंकड़े इस बात की पुष्टि कर रहे हैं कि सूखे नशे का एक बड़ा सिंडिकेट सक्रिय है।
पदार्थों की बरामदगी से संबंधित रिपोर्ट प्रस्तुत की
पुलिस मुख्यालय ने मादक पदार्थों की बरामदगी से संबंधित रिपोर्ट प्रस्तुत की है। इस रिपोर्ट में जिला प्रशासन और राज्य स्वापक नियंत्रण ब्यूरो द्वारा बताया गया कि 2023 से फरवरी 2026 के बीच 137 किलोग्राम से अधिक हेरोइन, स्मैक और ब्राउन शुगर जब्त की गई है। यह आंकड़ा पिछले मामलों की तुलना में कई गुना अधिक है।
पटना के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में पुलिस लगातार स्मैक और ब्राउन शुगर के साथ पकड़े गए आरोपियों को गिरफ्तार कर रही है। हालांकि, यह प्रश्न उठता है कि इन नशे की पुड़ियों का स्रोत क्या है? ऐसा लगता है कि यहां बड़ी मात्रा में ड्रग्स को शहर या इसके आस-पास के क्षेत्रों में लाकर जमा किया जा रहा है, और फिर चेन के द्वारा विभिन्न सप्लायर्स तक पहुंचाया जा रहा है।
हाल ही में, रामकृष्णा नगर में पकड़े गए तस्करों की जानकारी के आधार पर पटना पुलिस ने खगौल थाना क्षेत्र में एक मकान पर छापा मारकर वहां से 4.846 किलोग्राम हेरोइन और स्मैक के साथ कल्लू पासवान को गिरफ्तार किया। फिर यह सामने आया कि इस नेटवर्क का मुख्य शातिर उस का बेटा बिट्टू है, जो अब फरार हो चुका है। बिट्टू के साथ कुछ अन्य लोग भी इस चेन में शामिल हैं, जो उत्तर-पूर्व में मुख्य सप्लायर के संपर्क में थे।
ड्रग्स पैकेट में पैक करके ट्रेन के माध्यम से पटना लाया जाता था
हेरोइन और स्मैक को छोटे-छोटे पैकेट में पैक करके ट्रेन के माध्यम से पटना लाया जाता था। ड्रग्स के रिसीवर छोटे स्टेशन या आउटर पर उतरते थे ताकि किसी को संदेह न हो, और फिर वहां से किसी वाहन का उपयोग करके ड्रग्स को खगौल के एक सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया जाता था।
इससे पहले, मनेर पुलिस की टीम ने एक अंतरराष्ट्रीय मादक पदार्थों के गिरोह के सदस्यों को गिरफ्तार किया था, जिनके पास से 545 ग्राम स्मैक और 558 ग्राम चरस बरामद हुई थी। यह गिरोह चाय की दुकान की आड़ में मादक पदार्थों की अवैध खरीद-फरोख्त कर रहा था।
9.8 किलोग्राम ब्राउन शुगर मिली
खगौल थाना क्षेत्र में एक घर पर छापेमारी के दौरान 4.846 किलोग्राम हेरोइन और स्मैक बरामद किया गया। यह सामग्री छोटे स्टेशन और आउटर पर सप्लाई की जा रही थी। पिछले नवंबर 2019 में, पीरबहोर थाना क्षेत्र में एक अंतरराज्यीय तस्कर समूह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया गया था, जिनके पास से 9.8 किलोग्राम ब्राउन शुगर मिली थी। यह गिरोह नेपाल, गुवाहाटी और पश्चिम बंगाल से ब्राउन शुगर लेकर पटना आया था।
इसी प्रकार, दिसंबर 2025 में जक्कनपुर थाने की पुलिस ने दो तस्करों को पकड़ा, जिनके पास से हेरोइन बरामद हुई। दोनों असम से हेरोइन लाकर पटना सिटी और राघोपुर के क्षेत्रों में वितरित करने की योजना बना रहे थे। इसके साथ ही, गांजा तस्करी का नेटवर्क भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फैला हुआ है।
गया एयरपोर्ट पर पांच अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करों को पकड़ा गया
जनवरी में गया एयरपोर्ट पर पांच अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करों को पकड़ा गया। बैंकॉक से आए विमान की जांच में आठ ट्रॉली सूटकेस से हाइड्रोपोनिक गांजा बरामद हुआ, जिसे खिलौनों के अंदर छिपाया गया था।
तस्कर नशे की पुड़िया को ग्राहकों तक पहुँचाने के लिए एक मजबूत नेटवर्क बना चुके हैं। इसी नेटवर्क के माध्यम से ड्रग्स को पुड़िया में रूपांतरित कर विभिन्न क्षेत्रों में भेजा जा रहा है। नियत ग्राहकों को खास समय और स्थान पर ये पुड़िया बेची जा रही हैं।
पूर्व कंकड़बाग, बुद्धा कॉलोनी, गर्दनीबाग, रामकृष्णा नगर, दानापुर सहित अन्य थानों की पुलिस इन पुड़िया बेचने वालों को पकड़ती रही है।
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