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Bihar Police अफसरों पर केस से पहले अनुमति जरूरी, IPS अरेस्ट के बाद सरकार का बड़ा कदम
बिहार गृह विभाग ने यह स्पष्ट किया है कि बिहार पुलिस (Bihar Police) अधिकारियों और कर्मियों के खिलाफ मुकदमा दायर करने के लिए अब राज्य सरकार की अनुमति लेना अनिवार्य होगा। यह आदेश बीएनएसएस 2023 के धारा 218(2) के तहत जारी किया गया है, और इसका उद्देश्य हाल में बिहार कैडर के आईपीएस अधिकारी सुनील कुमार नायक की गिरफ्तारी के प्रयासों से जुड़ी घटनाओं पर आधारित है।
इस नए नियम के अनुसार, राज्य में तैनात सभी विभागों के पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ किसी भी प्रकार का मुकदमा दायर करने के लिए संबंधित प्राधिकारी को बिहार सरकार से अनुमति प्राप्त करनी होगी। अधिसूचना में कहा गया है कि बीएनएसएस 2023 के धारा 218 के तहत वर्णित प्रक्रियाएँ प्रभावी होंगी।
गृह विभाग की यह हालिया अधिसूचना
बीएनएसएस धारा 218(2) के तहत यह नियम इसलिए बनाया गया है ताकि पुलिस कर्मियों के ड्यूटी से संबंधित कार्यों में किसी भी प्रतिशोधात्मक या अनुचित अभियोजन से उनके कामकाज में रुकावट न आए। गृह विभाग की यह हालिया अधिसूचना राज्य में पुलिस अधिकारियों की सुरक्षा और उनके कार्यकुशलता को सुनिश्चित करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखी जा रही है।
हाल में बिहार अग्निशमन विभाग के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) एम. सुनील नायक को आंध्र प्रदेश पुलिस ने पटना से गिरफ्तार किया। आंध्र प्रदेश की टीम ने उनके सरकारी निवास, जो चिड़ियाघर के निकट स्थित है, पर छापा मारा। इस कार्रवाई के दौरान पटना सिटी के एसपी भानु प्रताप सिंह भी वहां उपस्थित थे। नायक को गिरफ्तार करने के बाद सिविल कोर्ट में पेश किया गया, जहां उन्हें महत्वपूर्ण राहत मिली। कोर्ट ने ट्रांजिट रिमांड की मांग को अस्वीकार कर दिया।
मामला वर्ष 2021 का
मामला वर्ष 2021 का है, जब सुनील नायक आंध्र प्रदेश में अपनी ड्यूटी पर थे। इस दौरान उन्होंने वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (YSRCP) के सांसद के. रघुराम कृष्णा राजू को गिरफ्तार किया। सांसद ने आरोप लगाया कि उन्हें गिरफ्तारी के दौरान प्रताड़ित किया गया। इसी आधार पर प्रकाशम जिले की पुलिस ने नायक के खिलाफ मामला दर्ज किया।
इसके बाद, उन्हें नोटिस भेजकर बयान दर्ज कराने का convite किया गया, लेकिन नायक नजर नहीं आए। सुनील नायक 2019 में आंध्र प्रदेश में प्रतिनियुक्तिं पर गए थे और लगभग तीन वर्षों तक वहां कार्यरत रहे। 2024 में तेलुगु देशम पार्टी की सरकार बनने की संभावना के बारे में चर्चाएं हो रही हैं।
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