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Digital Caste Census: पटना में भारत की जनगणना को सफलतापूर्वक संपन्न कराने के लिए एक राज्यस्तरीय एकदिवसीय प्रशिक्षण सम्मेलन आयोजित किया गया। इस सम्मेलन में सभी प्रमंडलीय आयुक्त, जिलाधिकारी और नगर आयुक्त उपस्थित थे। मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने सम्मेलन की अध्यक्षता करते हुए कहा कि जनगणना एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्यक्रम है, और इसके परिणाम पर ही राष्ट्र तथा राज्य की नीतियां निर्भर करती हैं।
उन्होंने आगे कहा कि जनगणना के आंकड़ों की सटीकता अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसलिए इसे पूरी टीम भावना, पारदर्शिता और सटीकता के साथ संपन्न किया जाना चाहिए। मुख्य सचिव ने यह भी जानकारी दी कि यह देश की पहली पूर्णतः डिजिटल जनगणना होगी।
अधिसूचना जारी कर दी गई
राजस्व और भूमि सुधार विभाग के प्रधान सचिव तथा राज्य समन्वयक सीके अनिल ने बताया कि राज्य में जनगणना शुरू करने के लिए अधिसूचना जारी कर दी गई है। पहले चरण में मकान सूचीकरण का कार्य सम्पन्न होगा। उन्होंने जानकारी दी कि मोबाइल ऐप के माध्यम से स्व-गणना प्रक्रिया 17 अप्रैल 2026 से लेकर 01 मई 2026 तक होगी, जबकि भौतिक सर्वेक्षण 02 मई 2026 से 31 मई 2026 के बीच किया जाएगा। इस दौरान नागरिकों से कुल 33 प्रकार के प्रश्न पूछे जाएंगे, जो मकान, परिवार, बुनियादी सुविधाएं और घरेलू उपकरणों की स्थिति से संबंधित होंगे।
बिहार के जनगणना निदेशालय के निदेशक, एम. रामचंद्रुडू ने प्रशिक्षण सम्मेलन के दौरान जनगणना की प्रक्रिया और रणनीति पर एक विस्तृत प्रस्तुति दी। इस सत्र में विभिन्न विषयों पर चर्चा की गई, जैसे ‘जनगणना कार्य में भूमिका’, ‘फील्ड गतिविधियों में आने वाली चुनौतियां’, ‘अंतर-एजेंसी समन्वय और जन-जागरूकता’, तथा ‘2027 के लिए डिजिटल उपकरणों का उपयोग’। इस सम्मेलन में अधिकारियों को यह प्रतिज्ञा दिलाई गई कि वे जनगणना कार्य को निर्धारित समय सीमा के भीतर, बिना किसी त्रुटि के और तकनीकी दक्षता के साथ पूरा करेंगे।
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