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Mahakumbh Stampede: महाकुंभ में मौनी अमावस्या स्नान के दौरान भगदड़ मच गई। भीड़ इतनी अधिक थी कि लोग सो रहे श्रद्धालुओं पर बैरिकेडिंग तोड़कर चढ़ गए। इस घटना के बाद कई लोगों के मरने की आशंका जताई जा रही है, हालांकि प्रशासन ने अभी तक किसी की मौत की पुष्टि नहीं की है।
सैकड़ों लोग एक-दूसरे के ऊपर चढ़ गए और भगदड़ मचने से स्थिति और बिगड़ गई। अब तक 20 से ज्यादा एंबुलेंस से घायल लोगों को अस्पताल भेजा गया है, और महाकुंभ अस्पताल में करीब 20 घायलों को लाया गया है। जिले के सभी अस्पतालों को अलर्ट कर दिया गया है।
कर्नाटका के बेलगांव से आई सरोजनी ने बताया कि संगम नोज पर अचानक भीड़ बढ़ने के बाद खंभा टूटकर गिरा, जिससे भगदड़ मच गई। उनके साथ आए एक बुजुर्ग दंपति की मौत होने की सूचना है। गोंडा के दर्जी कुआं के निवासी जोखू लाल ने बताया कि उनके चाचा ननकन (44) की भगदड़ में मौत हो गई है। वे केंद्रीय अस्पताल में शव लेने आए हैं।
मौनी अमावस्या के दिन अखाड़ों का शाही स्नान शुरू होने से पहले हुई इस भगदड़ से प्रशासन में हलचल मच गई है। प्रशासन स्थिति को सामान्य करने में जुटा है। यह घटना संगम नोज पर हुई, जहां अखाड़ों का अमृत स्नान होना था। सोमवार की देर रात से ही श्रद्धालुओं का रेला उमड़ने लगा था, और स्नान शुरू होने के बाद भीड़ बढ़ने लगी।
संगम तट और उसके आसपास लाखों श्रद्धालु जमा हो गए। कुछ स्नानार्थियों ने अखाड़ों के लिए बनाई गई बैरिकेडिंग तोड़ने की कोशिश की, जिससे स्थिति बिगड़ी और रात करीब दो बजे भगदड़ मच गई। इस भगदड़ में कई लोग गिरकर जख्मी हो गए और कुछ तो उठ नहीं पाए।
घटना के बाद बिछड़े लोग अस्पताल पहुंचे हैं, हालांकि अंदर किसी को प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई। अस्पताल पहुंचे घायलों ने बताया कि भगदड़ के दौरान बहुत से लोग दब गए थे, और कोई उन्हें बचाने के लिए नहीं था। घटनास्थल पर बहुत से लोगों का सामान भी बिखरा पड़ा है। पुलिस प्रशासन ने बिछड़े हुए लोगों से अपने घर जाने की अपील की है।”