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सांसद Pappu Yadav की हालत बिगड़ी, गिरफ्तारी के बाद PMCH में एडमिट
पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव (Pappu Yadav) की गिरफ्तारी ने बिहार की राजनीति में हलचल पैदा कर दी है। यह गिरफ्तारी एक 32 साल पुराने मामले के तहत पुलिस की कार्रवाई का परिणाम है, जिसके चलते न केवल विपक्ष ने सवाल उठाए हैं, बल्कि सांसद की बिगड़ती स्वास्थ्य स्थिति ने इस मुद्दे को और भी संवेदनशील बना दिया है। गिरफ्तारी के तुरंत बाद हुई हाई-वोल्टेज घटनाक्रम ने इस मामले को सियासी चर्चा का केंद्र बना दिया है। गिरफ्तारी के बाद सबसे पहले सांसद को IGIMS अस्पताल ले जाया गया, और फिर आज सुबह उन्हें PMCH में स्थानांतरित किया गया। वर्तमान में, उन्हें IGIC में रेफर किया गया है।
पप्पू यादव ने खराब स्वास्थ्य स्थिति का हवाला देते हुए गिरफ्तारी का विरोध किया
पुलिस ने बताया है कि बीती रात पटना में सांसद पप्पू यादव को उनके निवास से हिरासत में लिया गया। सांसद ने यह आरोप लगाया कि उनकी गिरफ्तारी के समय कई पुलिसकर्मी सिविल ड्रेस में थे, जिससे पूरी प्रक्रिया पर संशय उठता है। पप्पू यादव ने अपनी खराब स्वास्थ्य स्थिति का हवाला देते हुए गिरफ्तारी का विरोध भी किया।
गिरफ्तारी के बाद पुलिस पहले सांसद को IGIMS ले गई, जहां से आज सुबह उन्हें PMCH में स्थानांतरित कर दिया गया। पप्पू यादव के आधिकारिक फेसबुक पेज और उनके निजी सचिव का कहना है कि IGIMS में उन्हें पूरी रात बिस्तर नहीं मिल पाया और उन्हें स्ट्रेचर पर रहना पड़ा। इलाज में लापरवाही के आरोपों ने इस घटना को और भी चर्चा का विषय बना दिया है।
नीट की छात्रा के समर्थन में पप्पू यादव को निशाना बनाया जा रहा
सांसद के समर्थकों और उनके सचिव ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा गया है कि नीट की छात्रा के समर्थन में पप्पू यादव को निशाना बनाया जा रहा है। यहां तक कि यह भी आरोप लगाया गया है कि उनके प्रति साजिश रची जा रही है, जिससे उनकी जान को खतरा उत्पन्न हो सकता है।
पप्पू यादव के वकील शिवनंदन भारती ने पुलिस की कार्रवाई को कानूनी रूप से गलत बताया है। उनका कहना है कि सांसद 1995 के मामले में पहले से ही जमानत पर हैं। बेल की शर्तों का उल्लंघन होने के बाद पुलिस ने जानबूझकर नोटिसों को दबाया और बिना धारा 82 की प्रक्रिया पूरी किए सीधे धारा 83 के तहत कुर्की और गिरफ्तारी की कार्रवाई की, जो कानून के विपरीत है।
नजरें आज की न्यायालय सुनवाई पर टिकी
अब सभी की नजरें आज की न्यायालय सुनवाई पर टिकी हुई हैं। पप्पू यादव की कानूनी टीम जमानत के लिए आवेदन करने की योजना बना रही है। यदि अदालत राहत प्रदान करती है, तो सांसद को रिहा किया जा सकता है, अन्यथा उन्हें जेल जाना पड़ सकता है। हालांकि, उनकी बिगड़ती स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए उन्हें अस्पताल के कैदी वार्ड में रखने का विकल्प भी मौजूद है।
एक तरफ न्यायालयी प्रक्रिया आगे बढ़ रही है, वहीं दूसरी ओर सांसद की सेहत और राजनीतिक आरोप मामले को और अधिक जटिल बना रहे हैं। आने वाले घंटों में अदालत का निर्णय न केवल पप्पू यादव के भविष्य को निर्धारित करेगा, बल्कि बिहार की राजनीति पर भी इसका गहरा प्रभाव पड़ेगा।
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