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NEET छात्रा Case में नई कार्रवाई: SIT करेगी 8 संदिग्धों का DNA टेस्ट, जांच तेज़
चित्रगुप्त नगर थानाक्षेत्र में स्थित गर्ल्स होस्टल में रहकर नीट (NEET) की तैयारी कर रही एक छात्रा की मौत के मामले में, सीबीआई जांच की सिफारिश की गई है। हालांकि, एसआईटी की जांच अभी भी जारी है। एसआईटी इस मामले की बारीकी से समीक्षा कर रही है और उन बिंदुओं पर साक्ष्य जुटाने का कार्य कर रही है, जहां इस मामले में और अनुसंधान की आवश्यकता महसूस हो रही है।
अब तक, इस मामले में हॉस्टल के मालिक सहित 20 से ज्यादा संदिग्धों के खून के नमूने लिए जा चुके हैं, जिनका डीएनए परीक्षण किया गया है। हाल ही में, एसएससी अब आठ संदिग्धों के और रक्त नमूने एकत्रित करेगी ताकि अगला परीक्षण किया जा सके।
35 दिन बीत जाने के बाद पुलिस के पास कोई स्पष्ट उत्तर नहीं
एसआईटी की एक टीम फिर से जहानाबाद पहुंची है ताकि मामले की जांच की जा सके। 35 दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस के पास यह जानने का कोई स्पष्ट उत्तर नहीं है कि छात्रा के साथ यौन हिंसा की घटना कब और कहां हुई और दोषी कौन है।
छह जनवरी को, छात्रा गर्ल्स हॉस्टल में बेहोश पाई गई थी। इसके बाद उसे तुरंत एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। नौ जनवरी को इस मामले में चित्रगुप्त नगर थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई, लेकिन उपचार के दौरान 11 जनवरी को छात्रा की मृत्यु हो गई।
एक दिन बाद, मेडिकल बोर्ड का गठन किया गया और पीएमसीएच में पोस्टमार्टम किया गया। हालांकि, बिना पोस्टमार्टम रिपोर्ट के ही पुलिस ने निजी अस्पताल के चिकित्सक के बयान के आधार पर यह कह दिया कि यौन हिंसा की घटना हुई थी।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यौन हिंसा का संभावना
15 जनवरी को पुलिस ने एक बयान जारी किया जिसमें कहा गया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यौन हिंसा का संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता। इसके चलते पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे और थाना पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए गए। मामला बढ़ता गया, लेकिन इसके बावजूद लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ किसी कार्रवाई का कोई संकेत नहीं मिला।
उसी दिन पुलिस ने बिल्डिंग के मालिक को गिरफ्तार कर लिया। बाद में डीजीपी के निर्देश पर विशेष जांच टीम (एसआईटी) का गठन किया गया। 25 जनवरी को पुलिस के पास एक और रिपोर्ट आई।
फॉरेंसिक बायोलॉजी के तहत अंतःवस्त्र पर मानव स्पर्म के अवशेष पाए जाने की पुष्टि हुई है। इसके पश्चात चित्रगुप्त नगर के थानेदार और कदमकुआं के अपर थानाध्यक्ष को निलंबित कर दिया गया। जब अंतःवस्त्र से स्पर्म के अवशेष मिले, तब उनका डीएनए प्रोफाइल तैयार किया गया ताकि संदिग्धों से लिए गए सैंपल की जांच की जा सके।
20 से अधिक संदिग्धों के सैंपल एकत्रित किए
डीएनए मिलान के उद्देश्य से, विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने 20 से अधिक संदिग्धों के सैंपल एकत्रित किए। पुलिस की जांच को लेकर उठ रहे सवालों के मद्देनजर, 31 जनवरी को राज्य सरकार ने केंद्र से सीबीआई जांच की सिफारिश की।
इस बीच, पुलिस ने छात्रा की यात्रा इतिहास, मोबाइल की जांच, सीसीटीवी फुटेज का अवलोकन, और कई लोगों से पूछताछ की है। इसके अलावा, जहानाबाद में भी पूछताछ करके उनके बयान दर्ज किए गए हैं। मामले को सुलझाने के लिए इस समय चार आईपीएस अधिकारी, दो एसडीपीओ, चार इंस्पेक्टर, और अन्य पुलिसकर्मी सक्रिय हैं।
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