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Nitish cabinet का ‘सात निश्चय पार्ट 3’: 4 साल में 1 करोड़ रोजगार का दावा, 50 लाख करोड़ निवेश और चीनी मिलों से लेकर स्वास्थ्य तक बड़ी घोषणाएं

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नीतीश कैबिनेट (Nitish cabinet) ने मंगलवार को रोजगार को दोगुना करने और अगले 4 वर्षों में 1 करोड़ रोजगार देने का निश्चय सार्वजनिक किया। मंत्रिमंडल की ओर से यह भी कहा गया कि सात निश्चय के लक्ष्यों में सबसे ऊपर बिहार में [50] लाख करोड़ रुपये के निजी निवेश को आकर्षित करने की योजना रखी गई है।हालांकि, विपक्षी और आलोचक पक्षों का कहना है कि रोजगार और नौकरी से जुड़े आंकड़े कई गुना बढ़ा-चढ़ाकर प्रस्तुत किए जा रहे हैं। इस वजह से यह भरोसा बनना कठिन है कि सरकार अगले 4 वर्षों में रोजगार को दोगुना करके 1 करोड़ के लक्ष्य को पूरा कर देगी।

पिछली उपलब्धियों की याद, नए दावों की बुनियाद पर बहस

मंत्रिमंडल ने पिछली सरकार के दौरान [50] लाख नौकरी दिए जाने का उल्लेख करते हुए उपलब्धियों को रेखांकित किया। लेकिन सवाल यह उठ रहा है कि नई घोषणाओं के लिए संसाधन, निवेश-आकर्षण की रणनीति, और विभागीय क्षमता किस स्तर पर तैयार है।सरकार ने मध्य और लघु उद्योग से संबंधित मंत्रालय बनाने और उद्यमिता विकास से जुड़े विभाग को लेकर भी दोहराव किया है। आलोचकों के अनुसार, घोषणाएं बहुत बड़ी हैं, इसलिए स्वाभाविक रूप से पूछा जा रहा है कि इनका ठोस रोडमैप क्या है।

सम्राट चौधरी के बयान की चर्चा

सात निश्चय पार्ट 3 की घोषणा के बाद बिहार के उपमुख्यमंत्री और भाजपा नेता सम्राट चौधरी के बयान भी चर्चा में हैं। मंत्रिमंडल की बैठक के बाद बाहर निकलकर उन्होंने सरकार की प्राथमिकताओं और लक्ष्यों को लेकर बड़ा दावा किया, जिसे सरकार की नई रणनीति के संदेश के तौर पर देखा जा रहा है।

चीनी मिल, शिक्षा, स्वास्थ्य: बड़े वादों की लंबी सूची

कैबिनेट बैठक में पहले से बंद पड़ी [9] चीनी मिलों को फिर से चालू करने और [25] नई चीनी मिलों को शुरू करने संबंधी पहले की घोषणाओं को दोहराया गया। साथ ही शिक्षा के क्षेत्र में “उन्नत शिक्षा” के नारे के साथ उच्च शिक्षा विभाग अलग से जोड़ने की बात कही गई।

यह फैसला ऐसे समय आया है जब नीतीश कुमार ने 2005 में सत्ता में आने के बाद प्रशासनिक सुधार आयोग बनाया था, जिसने शिक्षा के तीन विभागों को मिलाकर एक शिक्षा विभाग बनाने की सिफारिश की थी और उसे लागू भी किया गया था। अब उच्च शिक्षा विभाग को फिर अलग करने की घोषणा के साथ यह भी कहा गया है कि पुराने शिक्षण संस्थानों को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित किया जाएगा और कुछ शहरों को एजुकेशन हब के रूप में तैयार किया जाएगा।

स्वास्थ्य के मोर्चे पर सरकार ने हर ब्लॉक स्तर के सरकारी अस्पताल को स्पेशलिटी हॉस्पिटल और जिला अस्पताल को सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल बनाने का दावा किया है। इसी क्रम में नए मेडिकल कॉलेजों की घोषणा भी शामिल है। विशेषज्ञों के मुताबिक, घोषणाओं से अधिक अहम सवाल यह है कि इनके लिए मानव संसाधन, बजट और इन्फ्रास्ट्रक्चर की तैयारी कितनी है।

कृषि और सड़क: मखाना, डेयरी, मछली उत्पादन और 2-लेन ग्रामीण सड़कें

कृषि क्षेत्र के विकास में मखाना, डेयरी और मछली उत्पादन को प्राथमिकता देने की बात कही गई है। वहीं ग्रामीण कनेक्टिविटी में यह संकेत दिया गया है कि कुछ विशेष जगहों पर गांव की सड़कों को [2] लेन बनाने की दिशा में काम होगा।सरकार ने यह भी कहा है कि सात निश्चय पार्ट 3 के साथ-साथ पार्ट 1 और पार्ट 2 की बकाया योजनाओं को भी पूरा किया जाएगा।

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