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Patna high court के मुख्य न्यायाधीश का BIMHAS कोईलवर दौरा, मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं पर खास फोकस
आज दिनांक 14 फरवरी 2026 को बिहार में मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल दर्ज की गई। पटना उच्च न्यायालय (Patna high court) के माननीय मुख्य न्यायाधीश श्री संगम कुमार साहू एवं अन्य माननीय न्यायाधीशों ने भोजपुर जिले के कोईलवर स्थित बिहार राज्य मानसिक स्वास्थ्य एवं संबद्ध विज्ञान संस्थान (BIMHAS) का भ्रमण एवं निरीक्षण किया। संस्थान परिसर में आगमन पर माननीय मुख्य न्यायाधीश को औपचारिक रूप से गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया, जिसके बाद न्यायाधीशों ने परिसर में पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण और हरित परिसर का संदेश भी दिया।
न्यायाधीशों द्वारा संस्थान के विभिन्न वार्डों का दौरा
इस अवसर पर माननीय न्यायाधीश श्री सुधीर सिंह, श्री नानी टागिया, श्री नवनीत कुमार पांडेय, श्री पूर्णेंदु सिंह, श्री हरीश कुमार, डॉ. अंशुमन, श्रीमती सोनी श्रीवास्तव एवं श्री अजीत कुमार सहित उच्च न्यायालय के कई न्यायाधीश उपस्थित रहे। निरीक्षण के दौरान माननीय न्यायाधीशों ने संस्थान के विभिन्न वार्डों का दौरा किया और मरीजों को उपलब्ध उपचार सुविधाओं, देखभाल की गुणवत्ता और समग्र व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लिया।

इस निरीक्षण का प्रमुख उद्देश्य मरीजों के कल्याण की स्थिति का आकलन करना, संस्थान में चल रहे उन्नयन एवं नवीनीकरण कार्यों की समीक्षा करना तथा मानसिक स्वास्थ्य के प्रति सामाजिक जागरूकता को बढ़ावा देना था।
संस्थान के निदेशक एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने न्यायाधीशों को जानकारी दी कि BIMHAS, कोईलवर बिहार का प्रमुख मानसिक स्वास्थ्य संस्थान है, जहां पिछले कुछ वर्षों में बिस्तरों की संख्या बढ़ाकर 300 से अधिक की गई है और नई बिल्डिंग के माध्यम से बेड क्षमता 500 से ऊपर तक ले जाने की योजना है। अधिकारियों ने बताया कि यहां नशा मुक्ति, पुनर्वास, काउंसलिंग, क्लिनिकल साइकोलॉजी और संबंधित सेवाओं में लगातार सुधार किया जा रहा है, जिससे राज्यभर से आने वाले मरीजों को समुचित इलाज और पुनर्वास की बेहतर सुविधा मिल सके।
हाउसकीपिंग एवं समर्थन कार्यों की विशेष सराहना
निरीक्षण के दौरान माननीय न्यायाधीशों ने संस्थान परिसर में जीविका दीदियों द्वारा किए जा रहे हाउसकीपिंग एवं समर्थन कार्यों की विशेष सराहना की। JEEVIKA के माध्यम से स्थानीय महिलाओं को संस्थान से जोड़ा गया है, जिससे न केवल अस्पताल की साफ‑सफाई और व्यवस्था में सुधार हुआ है, बल्कि महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण को भी नया आयाम मिला है। न्यायाधीशों ने इसे महिलाओं के लिए रोजगार और सम्मानजनक आजीविका का मजबूत मॉडल बताते हुए ऐसी पहल को अन्य संस्थानों में भी प्रोत्साहित करने की आवश्यकता पर जोर दिया।

इस अवसर पर माननीय मुख्य न्यायाधीश श्री संगम कुमार साहू ने कहा कि “मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता और मानवता आधारित सेवाएं समाज को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।” उन्होंने आशा व्यक्त की कि बिहार राज्य मानसिक स्वास्थ्य एवं संबद्ध विज्ञान संस्थान जैसे प्रयासों से न सिर्फ इलाज की व्यवस्था मजबूत होगी, बल्कि मानसिक रोग से जुड़े सामाजिक कलंक को भी कम करने में मदद मिलेगी।
कौन लोग थे शामिल
कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग, बिहार के सचिव श्री लोकेश कुमार सिंह, भोजपुर के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री पुरुषोत्तम मिश्रा, बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के सदस्य सचिव श्री पवन पांडे, जिला पदाधिकारी भोजपुर श्री तनय सुल्तानिया, पुलिस अधीक्षक भोजपुर श्री राज, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण भोजपुर श्री गौतम कुमार, भोजपुर जिला न्यायालय के अन्य माननीय न्यायाधीश, उप विकास आयुक्त श्रीमती गुंजन सिंह, संस्थान के निदेशक एवं अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित रहे। इस संयुक्त उपस्थिति ने यह संदेश दिया कि न्यायपालिका, प्रशासन और स्वास्थ्य तंत्र मिलकर बिहार में मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
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