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Salary Crisis in Bihar: तेजस्वी को नहीं मिला वेतन! बोले- बिहार में मंत्री-विधायक भी परेशान, पुलिस की कार्यशैली पर उठाए सवाल

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Salary Crisis in Bihar: बिहार विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष, तेजस्वी यादव ने बयान दिया है कि राज्य में गंभीर वित्तीय और प्रशासनिक अव्यवस्था उत्पन्न हो गई है।

उनका कहना है कि डबल इंजन वाली सरकार पूरी तरह असफल साबित हुई है। पत्रकारों के साथ बातचीत में तेजस्वी ने उल्लेख किया कि सरकार का खजाना पूरी तरह खाली हो गया है। उन्होंने कहा कि न केवल कर्मचारियों को, बल्कि सरकार के मंत्रियों और यहां तक कि उन्हें भी वेतन नहीं मिल रहा है।

सरकारी कर्मचारियों की पेंशन का भुगतान लंबित

तेजस्वी ने यह भी बताया कि पूर्व सरकारी कर्मचारियों की पेंशन का भुगतान लंबित है। उनका कहना है कि बिहार अब नियंत्रण से बाहर हो चुका है। उन्होंने फारबिसगंज में हुई दोहरी हत्या की घटना का उदाहरण देते हुए कहा कि यह प्रशासनिक अव्यवस्था का स्पष्ट संकेत है।

इस तरह की घटना पहले कभी नहीं देखी गई। गृह विभाग भाजपा के अधीन है, लेकिन अपराध की घटनाओं के दौरान पुलिस केवल मूकदर्शक बनी रहती है।

राज्य सरकार के पास ऐसी कोई उपलब्धि नहीं है जो राष्ट्रीय मानकों पर खरी उतरे। उन्होंने यह भी कहा कि जब वह प्रशासनिक अराजकता की बात करते हैं, तो भाजपा के नेता उन पर व्यक्तिगत हमले करने लगते हैं।

फारबिसगंज में एक व्यक्ति की गला रेतकर हत्या

फारबिसगंज में एक व्यक्ति की गला रेतकर हत्या करने और हत्यारे को पीट-पीटकर मार डालने की घटना पर भी उन्होंने राज्य सरकार को आड़े हाथों लिया।

अपने एक्स हैंडल पर एक तस्वीर साझा करते हुए उन्होंने लिखा, “यह हैं बिहार के भयावह हालात। अररिया जिले के फारबिसगंज में एक शख्स ने बाजार में दूसरे शख्स का गला काट दिया।”

असुरक्षित महसूस कर रही है। हाल ही में एक हत्या के बाद मृतक के परिजनों ने आरोपी को ढूंढकर उसकी भी जान ले ली। इस स्थिति में पुलिस अधिकतर खुद को बचाने की कोशिश कर रही थी, बजाय इसके कि वे कानून व्यवस्था को संभालने का प्रयास करें।

भाजपा-जदयू के नेता अपनी कुर्सी की राजनीति में व्यस्त

यह घटना बिहार में कानून व्यवस्था की गंभीरता को उजागर करती है। सत्ताधारी भाजपा-जदयू के नेता अपनी कुर्सी की राजनीति में व्यस्त हैं, जबकि राज्य में लूट, हत्या, अपराध और बलात्कार जैसे मामलों में लगातार वृद्धि हो रही है।

अपराधियों का आत्मविश्वास इतना बढ़ गया है कि वे बेखौफ होकर दिन के उजाले में हत्या कर रहे हैं, और उन्हें कानून का कोई भय नहीं है। एनडीए शासन के चलते बिहार की आम जनता बुरी तरह से परेशान और असुरक्षित महसूस कर रही है।

बिहार में एनडीए का शासन नहीं बल्कि महाचौपट का शासन प्रतीत होता है। नरेंद्र मोदी चुनावों में पांच साल बाद आएंगे और फिर से जंगलराज की खोखली बातें करेंगे।

सिर काटने का दृश्य हाल ही में प्रदर्शित प्रोपगंडा फ़िल्म का एक हिस्सा था। भाजपा सरकार जिन भ्रामक विचारों को समाज में फैला रही है, वह न केवल चिंताजनक है, बल्कि यह भी हमारे दिलों को दहशत में डालने वाला है। इस ज़हर की खेती का नकारात्मक असर अब सामने आने लगा है।

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