Vimarsh News
Khabro Me Aage, Khabro k Pichhe

Shambhu Girls Hostel Case: दवा दुकानदार का बड़ा खुलासा, SIT जांच पर उठा सवाल!

shambhu girls hostel case pharmacist makes major revelation raising questio 20260123 161128 0000
0 134

पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल (Shambhu Girls Hostel) में रहकर NEET परीक्षा की तैयारी कर रही छात्रा की रहस्यमय मौत और संभावित बलात्कार की घटना की जांच कर रही स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) के दावों को एक दुकानदार ने चुनौती दी है। जहानाबाद के दवा दुकानदार का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गया है, जिसके बाद SIT की जांच पर प्रश्न चिन्ह लगने लगे हैं। विशेष जांच दल ने कहा था कि छात्रा ने पटना लौटने से पहले जहानाबाद से एंटी-डिप्रेसेंट दवाएं खरीदी थीं। उन्होंने यह भी बताया कि छात्रा ने ये दवाएं 26 दिसंबर को ली थीं और 5 जनवरी को उन्हें अपने साथ पटना लेकर आई थीं।

स्ट्रिप पर अंकित बैच नंबर का सत्यापन

SIT को एक छात्रा के सामानों के बीच से एक खाली दवा स्ट्रिप मिली। जब पुलिस ने स्ट्रिप पर अंकित बैच नंबर का सत्यापन किया, तो पता चला कि यह दवा जहानाबाद की एक फार्मेसी से खरीदी गई थी। SIT के सूत्रों के अनुसार, पूछताछ के दौरान जहानाबाद के दवा विक्रेता ने पुष्टि की कि छात्रा ने केवल एक नहीं, बल्कि कुल छह स्ट्रिप एंटी-डिप्रेसेंट दवाएं खरीदी थीं। इस जानकारी के बाद, पुलिस यह जांच कर रही है कि क्या छात्रा ने इन दवाओं की अधिक मात्रा का सेवन किया था।

दवा दुकानदार का चौंकाने वाला बयान

स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) द्वारा सामने आए एक वीडियो में जहानाबाद के एक दवा दुकानदार ने इस मामले के बारे में चौंकाने वाला बयान दिया है। दुकानदार ने कहा कि एसआईटी की टीम उनके स्टोर पर जांच के लिए आई थी। टीम के सदस्यों ने उनसे पूछा कि क्या बच्ची उनके दुकान पर दवा लेने आई थी। दुकानदार ने स्पष्ट किया कि ऐसा नहीं है। उनके अनुसार, उस बच्ची के पिता नियमित रूप से दवा लेने आते हैं, जबकि बच्ची खुद कभी नहीं आई। वह अक्सर या तो ऑनलाइन भुगतान करती थी या कैश में। जहानाबाद के उस दवा दुकानदार ने यह भी उल्लेख किया कि बच्ची उनके स्टोर पर कभी नहीं आई।

बुधवार को, SIT की दो अलग-अलग टीमें छात्रा के गांव में पहुँचीं। एक टीम ने छात्रा के पिता और ग्रामीणों से लगभग पाँच घंटे तक पूछताछ की। इस बीच, मखदूमपुर के एक ड्राइवर को भी पूछताछ के लिए उठाकर जहानाबाद लाया गया, लेकिन आवश्यक पूछताछ के बाद उसे छोड़ दिया गया। पुलिस यह जानकारी जुटाने की कोशिश कर रही है कि गांव में आते-जाते समय छात्रा किस-किस के संपर्क में थी।

इसे भी पढ़ें – काम की Legal guarantee तय, राज्य सरकार को 125 दिन बाद unemployment allowance देना बाध्य

Leave a comment