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Shambhu Girls Hostel Raid: मालिक के घर दस्तावेज सीज, बेऊर लिंक की जांच

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Shambhu Girls Hostel Raid: नीट की परीक्षा की तैयारी कर रही एक छात्रा के साथ हुई दरिंदगी के मामले में पुलिस अब अपराध की जड़ों की तलाश में सक्रिय है। बेऊर जेल में बंद मनीष रंजन, जो शंभू गर्ल्स हॉस्टल का मालिक है, के खिलाफ गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) ने बुधवार की सुबह उसके पैतृक गांव पर छापा मारा। जहानाबाद जिले के मखदुमपुर थाना क्षेत्र के खरका गांव में पुलिस ने विभिन्न कमरों की छानबीन की और कई महत्वपूर्ण सबूतों को जब्त किया। यह कार्रवाई इस बात का स्पष्ट संकेत है कि मामला अब सिर्फ एक संदिग्ध तक सीमित नहीं रह गया है।

एसआईटी ने मनीष के परिवार के सदस्यों से सवाल पूछने शुरू कर दिए। पुलिस की कोशिश थी यह पता लगाने की कि मनीष आखिरी बार गांव कब आया था, वह किन-किन स्थानों पर गया और उसके किस-किस से संबंध थे। जांच के दौरान पता चला कि मनीष रंजन ने पांच जनवरी को गांव से पटना की यात्रा की थी, और उसी दिन पीड़िता भी ट्रेन के जरिए पटना पहुंची थी। इस संयोग ने जांचकर्ताओं की शंकाओं को और बढ़ा दिया है।

कई प्रभावशाली व्यक्ति जांच के दायरे में पड़ोसियों से पूछताछ

स्थानीय पुलिस के अनुसार, मखदूमपुर थाने में मनीष के खिलाफ पहले से एक मामला दर्ज है। जानकारी के मुताबिक, वह पटना और आसपास के गांवों में सामाजिक कार्यक्रमों में अक्सर सहभागिता करता था। उसकी संपर्क के लोग, जो कई प्रभावशाली व्यक्तियों में शामिल हैं, अब पुलिस की जांच के दायरे में हैं। विशेष जांच दल (एसआईटी) ने मनीष की सामाजिक और आपराधिक पृष्ठभूमि को समझने के लिए पड़ोसियों से पूछताछ की। इस कार्रवाई में लगभग चार घंटे लगे और कई दस्तावेज़ बरामद किए गए, हालांकि पुलिस ने इन दस्तावेजों के संदर्भ में औपचारिक जानकारी देने से परहेज किया है।

जांच की प्रक्रिया अब अस्पताल तक भी पहुंच गई है। विशेष जांच दल (एसआईटी) ने राजेंद्रनगर स्थित प्रभात मेमोरियल अस्पताल के डॉक्टरों और कर्मचारियों से विस्तृत पूछताछ की है। इस पूछताछ का मुख्य उद्देश्य पीड़िता के इलाज में हुई लापरवाही और हॉस्टल संचालक तथा अस्पताल प्रबंधन के बीच कथित मिलीभगत के आरोपों की छानबीन करना है। इसके लिए छह जनवरी के सीसीटीवी फुटेज का गहन अध्ययन किया जा रहा है और कर्मचारियों के बयानों को दर्ज किया जा रहा है।

इस गंभीर मामले की असली तस्वीर सामने लाने के लिए एसआईटी संदिग्धों की सूची बनाने पर काम कर रही है। अब तक छात्रा के नजदीकी रिश्तेदारों समेत 16 व्यक्तियों के रक्त के नमूने डीएनए परीक्षण के लिए एकत्र किए जा चुके हैं। आने वाले दिनों में और भी नमूने एकत्र करने की योजना बनाई जा सकती है।

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