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Shark Tank: Bihar के IAS ने स्टार्टअप से कमाया 50 लाख का ऑफर
बिहार की राजनीति अब केवल सरकारी अधिकारियों की सफलता और सिविल सेवाओं के परिणामों तक सीमित नहीं रह गई है। राज्य की भूमि पर अब नवाचार, उद्यमिता और वैश्विक बाजार की खुशबू भी फैलने लगी है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की स्टार्टअप नीति और उद्यमिता योजनाएं ऐसे आधार तैयार कर रही हैं, जहाँ बिहार के युवा केवल नौकरी हासिल करने के बजाय स्वयं नौकरी देने वाले उद्यमियों के रूप में उभर रहे हैं। इस राजनीतिक परिवर्तन की एक उत्कृष्ट मिसाल हैं आरसीएक्स लाइटिंग प्राइवेट लिमिटेड के संस्थापक रविचंद शर्मा, जिन्होंने प्रसिद्ध निवेश शो ‘शार्क टैंक’ (Shark Tank) में अपने स्टार्टअप के माध्यम से बिहार का नाम रोशन किया।
रवि चंद शर्मा की कहानी
रवि चंद शर्मा की कहानी मेहनत, हौसले और सरकारी नीतियों के प्रभावी उपयोग की प्रेरणादायक दास्तान है। एक साधारण इलेक्ट्रिशियन के पुत्र रवि ने अपने बचपन से ही चमकदार लाइट्स में अपने सपनों को देखा। स्कूल के दिनों में, उनके लाइटिंग प्रोजेक्ट ने उन्हें चंडीगढ़ और कलकत्ता में राष्ट्रीय पुरस्कार दिलाया। यह उपलब्धि ही थी जिसने बाद में बिहार का नाम रोशन किया।
लेकिन स्टार्टअप की यात्रा सरल नहीं थी। पिता की सलाह पर, रवि ने नीतीश सरकार की स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना का सहारा लेकर चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में बीटेक करने का फैसला किया। उनकी पढ़ाई के साथ-साथ, उनका संघर्ष भी जारी था।
राजनीतिक और आर्थिक समर्थन मिला
साल 2022 में जब नीतीश सरकार की उद्यमी योजना के तहत आरसीएक्स को ऋण मिला, तो इसे एक प्रकार का राजनीतिक और आर्थिक समर्थन मिला। इसके बाद, मुंबई से लेकर दुबई तक, आरसीएक्स की लाइटिंग ने इमारतों और टावरों को रोशन कर दिया। अब बिहार का एक स्टार्टअप वैश्विक स्काईलाइन का हिस्सा बन चुका था।
शार्क टैंक के मंच पर आरसीएक्स की सफलता ने दिखाया कि बिहार अब आगे बढ़ रहा है। सभी जजो ने कंपनी के अनोखे डिजिटल डिस्प्ले कार्यों की सराहना की। विशेष रूप से बोट के फाउंडर अमन गुप्ता ने 50 लाख रुपये का निवेश प्रस्ताव पेश कर यह विश्वास जताया कि यह स्टार्टअप आगे चलकर सफल साबित होगा।
नीतीश कुमार की स्टार्टअप नीति ने बिहार की छवि को बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। आरसीएक्स जैसे उदाहरण यह दर्शाते हैं कि बिहार अब सिर्फ़ अधिकारियों का उत्पादन करने वाला राज्य नहीं रह गया, बल्कि यह एक उद्यमिता और नवाचार का उभरता केंद्र बनता जा रहा है, जहाँ सपने नीतियों की मदद से साकार हो रहे हैं।
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