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Bihar Congress के 6 विधायक NDA के संपर्क में! सियासत पारा हुआ हाई
मकर संक्रांति के बाद बिहार की राजनीतिक स्थिति में कई महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिल सकते हैं। क्या महागठबंधन से कांग्रेस दूरी बना लेगी? क्या बिहार कांग्रेस (Bihar Congress) में विभाजन होगा? इसके अलावा, क्या कांग्रेस के विधायक एनडीए (NDA) में शामिल होंगे? ये सवाल हाल ही में नीतीश सरकार में चिराग पासवान की पार्टी के मंत्री संजय सिंह के बयान के बाद उठने लगे हैं।
मकर संक्रांति के बाद बिहार कांग्रेस में फूट की संभावना
राज्य के पीएचईडी मंत्री और लोजपा (रामविलास) के नेता संजय सिंह ने बताया कि मकर संक्रांति के बाद बिहार कांग्रेस में फूट की संभावना बढ़ गई है। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस के सभी छह विधायक एनडीए के नेताओं से संपर्क में हैं, जिससे स्थिति और भी पेचीदा हो सकती है।
हाल ही में, गुरुवार को बिहार कांग्रेस ने ‘मनरेगा बचाओ संग्राम’ विषय पर एक बैठक का आयोजन किया। इस बैठक में कांग्रेस के दो सदस्य, सुरेंद्र प्रसाद और अभिषेक रंजन, उपस्थित नहीं थे। हालांकि, चार अन्य विधायक – मनोज बिस्वास, अबिदुर रहमान, कमरुद्दीन हुडा और मनोहर प्रसाद – बैठक में शामिल हुए। गौरतलब है कि बिहार में पिछले साल के चुनावों में कांग्रेस को सिर्फ 6 विधायक प्राप्त हुए हैं।
कांग्रेस में नेतृत्व के प्रति असंतोष
हाल ही में, बिहार सरकार के मंत्री और बीजेपी नेता लखेंद्र पासवान ने कांग्रेस के विधायकों के बारे में कहा कि वे शीघ्र ही एनडीए में शामिल होने वाले हैं। उन्होंने यह भी बताया कि विधायकों को खरमास खत्म होने का इंतजार है, क्योंकि इस समय अवधि को महत्वपूर्ण राजनीतिक निर्णय लेने के लिए संयोगिक नहीं माना जाता।
चिराग पासवान की पार्टी से नीतीश सरकार में मंत्री बने संजय सिंह ने बताया कि कांग्रेस के विधायकों की मांगों के कारण चर्चा आगे नहीं बढ़ रही है। उन्होंने टाइम्स ऑफ इंडिया के साथ बातचीत में कहा, ‘कांग्रेस विधायकों का कुछ जरूरी मुद्दे हैं। यदि ये मांगें पूरी हो जाएं, तो सभी छह विधायक NDA में शामिल हो जाएंगे।’ उन्होंने यह भी कहा कि ‘कांग्रेस में नेतृत्व के प्रति असंतोष बढ़ रहा है। मधुबनी में यह स्पष्ट हो गया था, जब बिहार कांग्रेस के प्रमुख राजेश राम की मौजूदगी में कांग्रेस के सदस्यों के बीच झगड़ा हुआ। हाल ही में, कांग्रेस के विधायकों ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से बातचीत की। लेकिन यह पत्ता नही खुला कि कांग्रेस के विधायक का पलड़ा किस ओर है।
कांग्रेस की राज्य मीडिया समिति के अध्यक्ष राजेश राठौर ने महुआ में लोजपा (रामविलास) विधायक संजय सिंह पर कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का इतिहास 2010 से यह है कि वे चुनाव जीतने के बाद दो साल से ज्यादा समय तक किसी गठबंधन में नहीं रह पाते हैं। वहीं, राजद प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने विधानसभा चुनाव में 202 सीटें जीतने के बाद भी एनडीए की बेचैनी को स्पष्ट किया। उन्होंने कहा, “यह इस बात का संकेत है कि एनडीए में सब कुछ सामान्य नहीं है।”
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