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Chief Election Commissioner ज्ञानेश कुमार की बेटियाँ क्यों हैं सुर्खियों में?
मुख्य चुनाव आयुक्त (Chief Election Commissioner) ज्ञानेश कुमार की भूमिका को लेकर हाल ही में हुए विवाद ने उनके परिवार, खासकर उनकी दोनों बेटियों और उनके पतियों को सुर्खियों में ला दिया है। मूल रूप से आगरा के रहने वाले ज्ञानेश कुमार पहले सहकारिता मंत्रालय में सचिव के पद पर कार्यरत थे। अब, मुख्य चुनाव आयुक्त के रूप में, वे विपक्ष, खासकर राहुल गांधी, जो इस समय बिहार में एक मार्च का नेतृत्व कर रहे हैं, के निशाने पर हैं। इस लेख का उद्देश्य ज्ञानेश कुमार की बेटियों और दामादों, उनकी पेशेवर पृष्ठभूमि और उनके अचानक राष्ट्रीय चर्चा का विषय बनने के कारणों पर प्रकाश डालना है।
Chief Election Commissioner ज्ञानेश कुमार कौन हैं?
ज्ञानेश कुमार आगरा के रहने वाले हैं। मुख्य चुनाव आयुक्त बनने से पहले, उन्होंने सहकारिता मंत्रालय में सचिव के रूप में एक महत्वपूर्ण पद संभाला था। मुख्य चुनाव आयुक्त के रूप में उनकी नियुक्ति राजनीतिक गहमागहमी के दौर में हुई है, जिससे वे वर्तमान विवादों के केंद्र में हैं।
राजनीतिक जाँच और आरोप
कुमार विपक्ष की आलोचना का केंद्र बन गए हैं। राहुल गांधी ख़ास तौर पर मुखर रहे हैं और चुनाव प्रक्रिया पर चिंता जताते रहे हैं। ये आरोप अक्सर “वोटों में गड़बड़ी” के दावों के इर्द-गिर्द घूमते हैं, जिससे चुनाव आयोग और उसके प्रमुख पर संदेह के बादल मंडराते हैं।
बेटियों से मिलिए: मेधा रूपम और अभिश्री
मेधा रूपम: बड़ी बेटी
बड़ी बेटी मेधा रूपम 2014 बैच की आईएएस अधिकारी हैं। वह वर्तमान में नोएडा की ज़िला मजिस्ट्रेट (डीएम) के पद पर कार्यरत हैं। उनके पूर्व अनुभव में हापुड़ और कासगंज की डीएम के रूप में कार्य करना शामिल है। वह उन्नाव में एक आईएएस अधिकारी और बाराबंकी की सीडीओ भी रह चुकी हैं। अपनी प्रशासनिक भूमिकाओं के अलावा, मेधा रूपम एक मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय स्तर की राइफल शूटर भी हैं। अपने करियर की शुरुआत में ही नोएडा में उनकी बार-बार की गई पोस्टिंग और महत्वपूर्ण ज़िम्मेदारियों को लेकर सवाल उठाए गए हैं।
अभिश्री: छोटी बेटी
छोटी बेटी अभिश्री एक आईआरएस अधिकारी हैं। वह श्रीनगर में सहायक आयकर आयुक्त के पद पर कार्यरत हैं। उनके पति, अक्षय लाबरू भी एक आईएएस अधिकारी हैं। वे वर्तमान में श्रीनगर के ज़िला मजिस्ट्रेट (डीएम) के पद पर कार्यरत हैं।
दामाद: मनीष बंसल और अक्षय लाबरू
मनीष बंसल: मेधा रूपम के पति
मेधा रूपम के पति, मनीष बंसल भी 2014 बैच के आईएएस अधिकारी हैं। वे सहारनपुर के वर्तमान डीएम हैं। इससे पहले, वे लखनऊ के सीडीओ के पद पर कार्यरत थे। उल्लेखनीय है कि उन्होंने ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण में एसीईओ के रूप में भी काम किया है, जो नोएडा क्षेत्र से उनके जुड़ाव का संकेत देता है।
अक्षय लाबरू: अभिश्री के पति
अभिश्री के पति, अक्षय लाबरू एक आईएएस अधिकारी हैं। वे श्रीनगर में डीएम के पद पर हैं। यह उल्लेखनीय है कि वे और उनकी पत्नी दोनों एक ही शहर में तैनात हैं, और वे शहर के शीर्ष प्रशासक हैं।
सार्वजनिक चर्चा और सोशल मीडिया पर प्रभाव
ज्ञानेश कुमार की बेटियों और उनके व्यवसायों के बारे में जनता की जिज्ञासा जल्द ही सोशल मीडिया पर व्यापक चर्चा में बदल गई। मुख्य चुनाव आयुक्त और कथित “मतदान में गड़बड़ी” को लेकर चल रहे राजनीतिक विवाद के साथ यह जाँच और तेज़ हो गई।
परिवार पर प्रभाव
ऑनलाइन इस गहन ध्यान ने परिवार को काफ़ी प्रभावित किया है। रिपोर्टों से पता चलता है कि मेधा रूपम ने हाल ही में अपने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म से दूरी बना ली है। दोनों बेटियों और उनके पतियों सहित पूरा परिवार सार्वजनिक और राजनीतिक बहस का विषय बन गया है।
निष्कर्ष
ज्ञानेश कुमार की बेटियाँ, मेधा रूपम और अभिश्री, अपने पतियों मनीष बंसल और अक्षय लाबरू के साथ, कुशल आईएएस और आईआरएस अधिकारी हैं। उनकी व्यावसायिक उपलब्धियाँ निर्विवाद हैं। हालाँकि, उनकी वर्तमान प्रसिद्धि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से जुड़े राजनीतिक विवाद से सीधे जुड़ी है। जैसे-जैसे मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयोग को लेकर बहस जारी रहेगी, परिवार की पृष्ठभूमि चर्चा का विषय बनी रहेगी।
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