Sen your news articles to publish at [email protected]
Bihar NEET Scam 2026: बिहार में टूटा मिला प्रश्नपत्रों का स्टील बॉक्स, सुरक्षा व्यवस्था पर खड़े हुए बड़े सवाल
Bihar NEET Scam 2026: बिहार में 21 जून को आयोजित नीट यूजी परीक्षा की सुरक्षा के संबंध में कई महत्वपूर्ण चिंताएँ उभर कर आई हैं। मोतिहारी और दरभंगा में परीक्षा से संबंधित संवेदनशील दस्तावेजों के प्रबंधन में गंभीर लापरवाहियाँ देखने को मिली हैं। प्रश्न पत्र और ओएमआर शीट को सुरक्षित रूप से परीक्षा केंद्र तक पहुंचाने और परीक्षा के बाद सीलबंद बक्सों को एयरपोर्ट तक पहुंचाने की जिम्मेदारी डाक विभाग को सौंपी गई थी। इस कार्य के लिए पोस्टल अधीक्षक को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया था।
मामला तब और भी गंभीर हो गया जब मोतिहारी के पॉलिटेक्निक कॉलेज के कलेक्शन सेंटर में रखे स्टील बॉक्स के एक हिस्से को नियमों के खिलाफ तोड़ दिया गया। इससे भी अधिक चिंताजनक यह है कि ओएमआर शीट की कार्बन कॉपी, जिसे निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार सील कर एयरपोर्ट भेजा जाना चाहिए था, उसे इस प्रक्रिया का पालन नहीं करते हुए भेजा गया। इस जानकारी के प्रकाश में आने के साथ ही डाक विभाग में हड़कंप मच गया है।
पूरे मामले की स्थिति का बारीकी से अध्ययन
मुजफ्फरपुर डाक प्रमंडल के सहायक निदेशक, राहुल रंजन, पूरी जांच के लिए मोतिहारी भेजे गए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों से संवाद करते हुए पूरे मामले की स्थिति का बारीकी से अध्ययन किया। उनकी जांच रिपोर्ट विभागीय मुख्यालय को प्रस्तुत की जाएगी, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई निर्धारित की जाएगी।
इस बीच, कार्बन कॉपी को 48 घंटे बाद मंगलवार की सुबह, सीआरपीएफ और पैरामिलिट्री बलों की निगरानी में सड़क मार्ग से दिल्ली भेजा गया है।
सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार, दरभंगा में परीक्षा के बाद सीलबंद ओएमआर शीट को एयरपोर्ट पर पहुंचाने की जिम्मेदारी जिस अधिकारी को सौंपी गई थी, उसने खुद जाने के बजाए एक इंस्पेक्टर रैंक के अधिकारी को भेजने का निर्णय लिया। जब यह इंस्पेक्टर एयरपोर्ट पर पहुँचा, तो वहां तैनात अधिकारियों ने उसे वापस लौटा दिया।
जांच टीम का गठन किया गया
इसी दौरान, मोतिहारी से भेजे गए एक स्टील बॉक्स की जांच के दौरान पटना एयरपोर्ट पर अधिकारियों को यह पता चला कि बॉक्स का ताला टूटा हुआ है। इसके चलते तुरंत आपत्ति दर्ज कर विभागीय अधिकारियों को इसकी जानकारी दी गई, और फिर एक जांच टीम का गठन किया गया।
नीट परीक्षा के निर्धारित नियमों के तहत, परीक्षा खत्म होने के बाद ओएमआर शीट को छात्रों के समक्ष एक पिंक लिफाफे में सील किया जाना था, जिसके लिए दो छात्रों के हस्ताक्षर आवश्यक थे। इसके बाद, इसे सुरक्षित स्थान पर रखा जाना चाहिए था।
साथ ही, ओएमआर की कार्बन कॉपी को उपस्थित रजिस्टर के साथ मिलाकर केंद्राधीक्षक के कक्ष में नीले लिफाफे में सील करना अनिवार्य था। इसके बाद, दोनों लिफाफों को एक स्टील बॉक्स में डालकर सुरक्षा बलों की निगरानी में एयरपोर्ट भेजा जाना था।
अधिकारी की भूमिका पर सवाल उठाए जा रहे
हालांकि, मोतिहारी में कार्बन कॉपी को स्टील बॉक्स में नहीं रखा गया, जिसके कारण उसे बाद में अलग से दिल्ली भेजने की आवश्यकता पड़ी। सूत्रों के अनुसार, जिस अधिकारी की भूमिका पर सवाल उठाए जा रहे हैं, उसे कार्बन कॉपी दिल्ली भेजने का कार्यभार भी सौंपा गया है। यह भी जानकारी मिली है कि इस अधिकारी के खिलाफ समस्तीपुर में तैनाती के दौरान सीबीआई ने पहले ही एक प्राथमिकी दर्ज की थी।
डाक विभाग के पीएमजी, पवन कुमार ने इस मामले में कहा कि नीट परीक्षा एक अत्यंत संवेदनशील विषय है और इस पर किसी भी प्रकार की आधिकारिक टिप्पणी करने से उन्हें मना किया गया है।
वहीं, बिहार सर्किल के सीपीएमजी मुजफ्फरुदीन अब्दाली ने बताया कि वे वर्तमान में अवकाश पर हैं और उन्हें इस मामले की जानकारी नहीं है।
