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Jantar Mantar Bihar Protest: बिहार बना नया हॉटस्पॉट! 87 प्रदर्शनकारियों को आधी रात जेल भेजने की पूरी कहानी
Jantar Mantar Bihar Protest: बिहार बंद के दौरान शनिवार को हुई हिंसा के चलते गिरफ्तार किए गए प्रदर्शनकारियों को छज्जू बाग स्थित जजेज आवास पर लाया गया। इन छात्रों की संख्या लगभग 200 थी। न्यायालय के भीतर सुनवाई जारी थी, जबकि बाहर, बड़ी संख्या में छात्रों के परिजन इंतजार कर रहे थे। मिली जानकारी के अनुसार, सभी छात्रों के खिलाफ बीएनएस की धारा 109 और 121 के तहत मामले दर्ज किए गए हैं। धारा 109 हत्या के प्रयास से संबंधित है, जबकि धारा 121 किसी सरकारी कर्मचारी या पुलिस अधिकारी को उसके कर्तव्य का पालन करने से रोकने या डराने के उद्देश्य से गंभीर चोट पहुंचाने से जुड़ी है। अपने बच्चे का बाहर इंतजार कर रही एक महिला ने कहा कि “शनिवार से मैं बहुत परेशान हूं।”
शनिवार को दोपहर दो बजे मेरे बेटे को गांधी मैदान से उठा लिया गया, जबकि वह किसी प्रदर्शन में नहीं गया था। वह नौकरी की तलाश में पटना सिटी जा रहा था। उस दिन के बाद से मैंने उसे 100 बार से ज्यादा फोन किया, लेकिन उसने कोई जवाब नहीं दिया। काफी प्रयासों के बाद मुझे पता चला कि पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है। मेरा बेटा लगभग 30-32 घंटे से भूखा है।
छात्रों को जमानत देने से इनकार
काफी समय बाद, जजों के निवास से बाहर आते ही वकीलों ने जानकारी दी कि छात्रों को जमानत देने से मना कर दिया गया है। उनका कहना था कि उन पर धारा 109 लगाई गई है, इसलिए जमानत संभव नहीं है। सभी 87 छात्रों को न्यायालय के सामने पेश किया गया था। इसी दौरान, दो वकीलों को भी हथकड़ी लगाकर जज के समक्ष लाया गया। इसके बाद, गांधी मैदान के थाना अध्यक्ष सहित एक अन्य पुलिसकर्मी को जज ने शो कॉज नोटिस जारी किया।
जब कैदी वैन से प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने छज्जूबाग पहुंचाया, तो वैन के भीतर एक युवक ने अपनी मां को देखा और पूछा, “क्या तुमने आज सुबह से कुछ खाया है? अरे, खा लो कुछ। परेशान मत हो, सब ठीक हो जाएगा।”
छह हजार अज्ञात व्यक्तियों को भी आरोपित किया गया
पटना में 22 और 25 जुलाई को छात्र संगठनों के तीव्र प्रदर्शनों के बाद पुलिस ने व्यापक कानूनी कार्रवाई की शुरुआत की है। अब तक गांधी मैदान, कोतवाली, सचिवालय और पाटलिपुत्र थाना में कुल 24 प्राथमिकियां दर्ज की गई हैं। इन मामलों में 285 लोगों के नाम लिए गए हैं, जबकि लगभग छह हजार अज्ञात व्यक्तियों को भी आरोपित किया गया है। इनमें से 258 आरोपितों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।
पुलिस ने बताया है कि सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल वीडियो और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के माध्यम से उपद्रव में शामिल अन्य व्यक्तियों की पहचान की जा रही है। नगर एसपी (मध्य) ममता कल्याणी ने जानकारी दी कि गांधी मैदान थाने में दर्ज प्राथमिकी के आधार पर 137 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इसी तरह, कोतवाली थाने में मामले के सिलसिले में 53 व्यक्तियों को न्यायिक हिरासत में रखा गया है।
प्रदर्शन के दौरान पुलिस और छात्रों के बीच हुई हिंसक झड़प
प्रदर्शन के दौरान हिरासत में ली गईं 30 छात्राओं को निजी मुचलके पर रिहा कर दिया गया। इससे पहले, सचिवालय, पाटलिपुत्र और अन्य संबंधित थानों की पुलिस ने विभिन्न मामलों में कार्रवाई करते हुए 68 लोगों को गिरफ्तार किया था।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, दर्ज की गई प्राथमिकी में नामित आरोपियों के अलावा लगभग छह हजार अज्ञात व्यक्तियों को भी अभियुक्त ठहराया गया है। प्रदर्शन के दौरान पुलिस और छात्रों के बीच हुई हिंसक झड़प के दौरान 43 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं, जिनमें पुलिस महानिरीक्षक (आईजी), एसएसपी स्तर के अधिकारी, अनेक थानाध्यक्ष, सब-इंस्पेक्टर और अन्य जवान शामिल हैं। वहीं, 500 से अधिक छात्र भी इस घटना में घायल हुए हैं, जिनमें से करीब 100 को गंभीर चोटें आई हैं। कुछ छात्रों के सिर में गंभीर चोटें आई हैं, जबकि कई के हाथ और पैर भी टूट गए हैं।
