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UGC NET 2026 Exam Cancelled: अंग्रेजी, कॉमर्स और सोशियोलॉजी की परीक्षा रद्द, 9-10 सितंबर को री-एग्जाम
UGC NET 2026 Exam Cancelled: नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने UGC-NET जून 2026 परीक्षा के तहत तीन विषयों—अंग्रेजी, कॉमर्स और समाजशास्त्र—की परीक्षा को रद्द कर पुनः आयोजित करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। NTA ने 16 अगस्त 2026 को जारी एक आधिकारिक नोटिस में बताया कि 22 से 30 जून 2026 के बीच आयोजित की गई परीक्षा में इन तीन विषयों के प्रश्न पत्रों में कई गंभीर त्रुटियां पाई गईं थीं। एक निष्पक्ष और त्रुटिरहित परीक्षा सुनिश्चित करने के प्रयास में, NTA ने इन परीक्षाओं को फिर से आयोजित करने का फैसला किया है।
जांच समिति की रिपोर्ट: गड़बड़ियों के बाद का निर्णय
उम्मीदवारों से प्राप्त शिकायतों के आधार पर, NTA ने इन तीन विषयों के प्रश्न पत्रों की जांच के लिए एक विशेष समिति का गठन किया था। समिति की रिपोर्ट में सामने आया कि प्रश्न पत्रों में तथ्यात्मक, वर्तनी, अनुवाद, व्याकरण और विराम चिह्नों की गंभीर गलतियां थीं। इसके अतिरिक्त, विद्वानों के नाम, पुस्तकों के शीर्षक और प्रश्नों के मुख्य वाक्यों में भी महत्वपूर्ण कमियां पाई गईं। पाई गईं। कमेटी ने माना कि केवल विवादित प्रश्नों को हटाने (dropping questions) से इस स्तर की गलतियों को सुधारा नहीं जा सकता, इसलिए दोबारा परीक्षा कराना ही एकमात्र निष्पक्ष विकल्प है।
पुनः परीक्षा का कार्यक्रम और नियम
NTA द्वारा जारी किए गए नए परीक्षा कार्यक्रम के अनुसार, तीनों विषयों की पुनः परीक्षा 9 और 10 सितंबर 2026 को दो सत्रों में होगी। 9 सितंबर को, पहली पाली (सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक) में इंग्लिश और दूसरी पाली (दोपहर 3 बजे से शाम 6 बजे तक) में कॉमर्स की परीक्षा आयोजित की जाएगी। वहीं, 10 सितंबर को पहली पाली (सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक) में सोशियोलॉजी की परीक्षा होगी। इसे ध्यान में रखते हुए, अभ्यर्थियों से पुनः परीक्षा के लिए कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा। परीक्षा के शहर, केंद्र और एडमिट कार्ड की संबंधित जानकारी आधिकारिक वेबसाइट पर अलग से जारी की जाएगी।
NTA ने यह भी स्पष्ट किया है कि 84 अन्य विषयों के लिए पहले से जारी उत्तर कुंजी (Answer Key Challenge) के परिणाम निर्धारित समय के अनुसार घोषित किए जाएंगे। इन 84 विषयों के लिए JRF सीटें, असिस्टेंट प्रोफेसर पात्रता के ई-सर्टिफिकेट और PhD प्रवेश प्रक्रिया पर इस पुनः परीक्षा का कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। कोई विलंब या देरी नहीं होगी।
