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Bihar Cabinet 2026: सम्राट चौधरी की नई टीम में 32 मंत्रियों ने ली शपथ, युवाओं और अनुभवी चेहरों का अनूठा संगम
Bihar Cabinet 2026: बिहार में सम्राट चौधरी का रणनीतिक कदम। कल तक जो नेता मुख्यमंत्री की दौड़ में थे, वे मंत्री की कुर्सी भी हासिल नहीं कर पाए। सम्राट का ‘स्मार्ट मूव’ गांधी मैदान में मंत्रालय के विस्तार के समय स्पष्ट हुआ। कई मंत्रियों के विभागों और कार्यप्रणाली में तब्दीलियां की गईं। जब मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में नई सरकार में विभागों का बंटवारा हुआ, तो कुछ मंत्रियों को तो जैसे लॉटरी मिल गई, जबकि दूसरों को अचानक से झटका लगा।
बीजेपी के कई मंत्रियों के विभागों में बदलाव
बीजेपी के कई मंत्रियों के विभागों में बदलाव किए गए हैं। ये बदले गए विभाग मुख्यतः उनके प्रदर्शन के कारण नहीं हैं, क्योंकि तीन-चार महीने में किसी के कार्य का मूल्यांकन करना चुनौतीपूर्ण होता है। हालाँकि, जैसे पानी में पत्थर फेंकने से शांत तालाब में हलचल पैदा होती है, उसी प्रकार आलाकमान ने इन बदलावों के माध्यम से स्पष्ट संकेत दिया है कि इस दल में स्थायी कुछ भी नहीं होता। यहां काम करके दिखाना अथवा प्रदर्शन करना बेहद आवश्यक है।
विभाग का बंटवारा
विजय सिन्हा: पूर्व मंत्रिमंडल में उपमुख्यमंत्री के रूप में कार्यरत विजय कुमार सिन्हा को विभिन्न विभागों का दायित्व था, जिसमें राजस्व और भूमि सुधार के साथ-साथ खान और भूतत्व विभाग शामिल थे। हालांकि, इस बार उन्हें केवल कृषि विभाग ही सौंपा गया है।
दिलीप जायसवाल: पूर्व प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल को पिछले कार्यकाल में पथ निर्माण मंत्रालय की जिम्मेदारी मिली थी, लेकिन इस बार उन्हें राजस्व और भूमि सुधार विभाग से नवाजा गया है।
रामकृपाल यादव: रामकृपाल यादव के विभाग में बदलाव किया गया है। पहले उनके पास कृषि मंत्रालय था, अब उन्हें सहकारिता मंत्रालय की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
नीतीश मिश्रा: वे पहले के मंत्रिमंडल में उद्योग मंत्री का पद संभालते थे। इस बार उन्हें नगर विकास विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है, साथ ही सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग भी उनके पास है।
अरुण शंकर प्रसाद: पहले के मंत्रिमंडल में वे कला, संस्कृति और पर्यटन मंत्रालय का नेतृत्व कर रहे थे। अब उन्हें श्रम और प्रवासी कल्याण युवा विभाग की जिम्मेदारी दी गई है।
बीजेपी में जिनका कद बढ़ा है
इस बार कुछ विधायक मंत्रिमंडल में शामिल हुए हैं, जिन्हें सम्राट चौधरी का विशेष सहयोग प्राप्त हुआ है।
इंजीनियर शैलेन्द्र: पहली बार मंत्री बनने वाले इंजीनियर शैलेन्द्र को महत्वपूर्ण पथ निर्माण विभाग का जिम्मा सौंपा गया है।
संजय टाइगर: संजय टाइगर को इस बार उच्च शिक्षा विभाग तथा विधि विभाग का प्रभार दिया गया है, जबकि पहले वे श्रम विभाग का कार्य संभालते थे।
श्रेयसी सिंह: श्रेयसी सिंह का कद इस बार काफी बढ़ा है। पहले उन्हें खेल विभाग का प्रभार मिला था, और अब यह विभाग उनके साथ-साथ उद्योग विभाग भी मिला है।
प्रमोद चंद्रवंशी को बिहार में पर्यावरण एवं वन खान और भूतत्व, कला एवं संस्कृति विभाग का मंत्रित्व सौंपा गया है।
केदार गुप्ता को पर्यटन विभाग की जिम्मेदारी दी गई है।
रामचंद्र प्रसाद को पर्यावरण, वन्य और जलवायु परिवर्तन विभाग का नेतृत्व सौंपा गया है।
नंद किशोर राम डेयरी, मतस्य और पशु संसाधन विभाग के मंत्री बने हैं।
मंत्रिमंडल में इस विस्तार के बाद कुछ प्रमुख बीजेपी नेताओं, जो मुख्यमंत्री पद के दावेदार माने जा रहे थे, उन्हें मंत्री नियुक्त नहीं किया गया। इनमें मंगल पांडेय, संजीव चौरसिया, और जनक राम शामिल हैं।
