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Bihar Farmers Protest: पटना में संयुक्त किसान मोर्चा का कन्वेंशन, 19 मांगों को लेकर बड़े किसान आंदोलन का आह्वान
Bihar Farmers Protest: संयुक्त किसान मोर्चा (Sanyukt Kisan Morcha) की बिहार इकाई के तत्वावधान में मंगलवार को पटना स्थित आईएमए सभागार में किसान कार्यकर्ता कन्वेंशन का आयोजन किया गया। “कॉरपोरेट शक्तियों का कृषि क्षेत्र पर बढ़ता हमला और हमारे कार्यभार” विषय पर आयोजित इस कार्यक्रम में राज्यभर से करीब 400 किसान प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
कन्वेंशन का आयोजन दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक हुआ, जिसमें 4 केंद्रीय और 16 राज्य स्तरीय किसान नेताओं ने किसानों के मुद्दों पर विस्तार से अपने विचार रखे। कार्यक्रम की शुरुआत क्रांतिकारी किसान यूनियन के नेता संजय श्याम के स्वागत भाषण से हुई।
7 सदस्यीय अध्यक्ष मंडल का गठन
कार्यक्रम के दौरान एक 7 सदस्यीय अध्यक्ष मंडल का गठन किया गया, जिसमें विभिन्न किसान संगठनों के वरिष्ठ नेताओं को शामिल किया गया। इसके बाद राष्ट्रीय और राज्य स्तर के प्रमुख किसान नेताओं ने मंच साझा करते हुए कृषि क्षेत्र में बढ़ते कॉरपोरेट हस्तक्षेप और किसानों की चुनौतियों पर चर्चा की।
कन्वेंशन में वक्ताओं ने किसानों से आह्वान किया कि वे 19 सूत्री मांगों को लेकर जमीनी स्तर पर मजबूत और संघर्षशील किसान आंदोलन खड़ा करें। इन मांगों में न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की कानूनी गारंटी, किसानों के कर्ज माफी, मुफ्त बिजली, मनरेगा के तहत 200 दिन रोजगार और 500 रुपये दैनिक मजदूरी सुनिश्चित करने जैसी प्रमुख मांगें शामिल हैं।
बिजली संशोधन विधेयक 2025
इसके अलावा, बीज विधेयक 2025 और बिजली संशोधन विधेयक 2025 को वापस लेने, कृषि विपणन नीति को रद्द करने, वन अधिकार अधिनियम और पेसा कानून को सख्ती से लागू करने, तथा भूमि अधिग्रहण पर रोक लगाने की भी मांग की गई।
किसानों ने सिंचाई और जल प्रबंधन से जुड़ी परियोजनाओं जैसे इन्द्रपुरी जलाशय, सोन और कोसी नहर प्रणाली के आधुनिकीकरण तथा उत्तर कोयल नहर परियोजना को शीघ्र पूरा करने की मांग भी उठाई।
कृषि बचाओ, देश बचाओ
कन्वेंशन में यह भी कहा गया कि “कृषि बचाओ, देश बचाओ” के नारे के साथ किसानों को कॉरपोरेट और साम्राज्यवादी नीतियों के खिलाफ एकजुट होना होगा।
इसके साथ ही, कन्वेंशन में देश के विभिन्न हिस्सों में चल रहे मजदूर आंदोलनों का समर्थन किया गया और गिरफ्तार मजदूर नेताओं की तत्काल रिहाई की मांग की गई।
अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर भी प्रतिक्रिया देते हुए वक्ताओं ने United States और Israel द्वारा Iran पर किए गए हमलों की निंदा की और इसे अन्यायपूर्ण बताया।
