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Bihar Floor Test: सम्राट चौधरी के शक्ति परीक्षण से पहले ही महागठबंधन ने टेके घुटने? RJD और कांग्रेस ने नहीं जारी किया व्हिप
Bihar Floor Test: बिहार की राजनीति में आज का दिन एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो रहा है। वर्तमान सरकार को बहुमत प्राप्त है, और इस स्थिति को देखते हुए राजद और कांग्रेस ने अपने विधायकों के लिए व्हिप जारी नहीं किया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, जिन्होंने 15 अप्रैल को शपथ ली थी, आज सुबह 11 बजे विधानसभा के विशेष सत्र में अपना पहला विश्वास मत रखेंगे। यह पहला मौका है जब भाजपा का कोई नेता मुख्यमंत्री के रूप में सदन में अपनी ताकत दिखाने जा रहा है। नीतीश कुमार के दो दशकों के शासन के बाद, उनके राज्यसभा जाने से उत्पन्न नए राजनीतिक परिदृश्य में सम्राट चौधरी की यह पहली संवैधानिक चुनौती होगी।
एनडीए के पास 201 का आंकड़ा
एनडीए के पास 201 का आंकड़ा है। 243 सदस्यीय विधानसभा में बांकीपुर सीट के खाली होने के कारण प्रभावी संख्या अब 242 हो गई है, जिसके लिए बहुमत हासिल करने के लिए केवल 122 वोटों की आवश्यकता है। सम्राट सरकार को 201 विधायकों का मजबूत समर्थन प्राप्त है, जो बहुमत के लिए आवश्यक संख्या से काफी अधिक है। भाजपा और जदयू ने अपने सभी विधायकों को सदन में उपस्थित रहने का निर्देश दिया है, जिससे सरकार की जीत एक औपचारिकता के रूप में देखी जा रही है।
बिहार विधानसभा का आंकड़ा क्या कहता है?
| बीजेपी | 88 |
| जदयू | 85 |
| लोजपा (रामविलास) | 19 |
| हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा | 5 |
| राष्ट्रीय लोक मोर्चा | 4 |
| सत्तापक्ष के पास बहुमत आंकड़ा | 201 |
| राजद | 25 |
| कांग्रेस | 6 |
| सीपीआई एमएल | 2 |
| सीपीआईएम | 1 |
| आईआईपी | 1 |
| विपक्ष के पास कुल आंकड़ा | 35 |
नोट- AIMIM के पास कुल 5 विधायक हैं, जो विपक्ष की ओर से समर्थन कर सकते हैं। इस स्थिति में, कुल आंकड़ा अधिकतम 41 तक पहुँच सकता है।
नीतीश के बिना भाजपा का नया नेतृत्व
नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के बाद, सम्राट चौधरी ने राज्य के 24वें मुख्यमंत्री के रूप में पदभार ग्रहण किया है। विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार द्वारा आयोजित इस विशेष सत्र में, सम्राट चौधरी पहली बार मुख्यमंत्री के रूप में सदन को संबोधित करेंगे। यह सत्र केवल बहुमत साबित करने के लिए नहीं है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि बिहार में भाजपा की बढ़ती प्रभावशीलता और नए नेतृत्व की स्वीकार्यता पर मुहर लगाने का एक महत्वपूर्ण अवसर है।
राजद और कांग्रेस ने इस बार कोई व्हिप जारी नहीं किया
राजद और कांग्रेस ने इस बार कोई व्हिप जारी नहीं किया है। विपक्ष के इस बार के रवैये में वह आक्रामकता नहीं दिख रही है जो पहले ‘खेला’ होने के दावों के साथ देखी गई थी। महागठबंधन के 35 विधायकों के लिए, खासकर तेजस्वी यादव के लिए, अपने गठबंधन को बनाए रखना एक बड़ी चुनौती बन गई है। राजद और कांग्रेस द्वारा व्हिप न जारी करने का मतलब है कि विपक्ष ने शक्ति परीक्षण से पहले अपनी हार को स्वीकार कर लिया है।
सत्र की शुरुआत सुबह 11 बजे स्पीकर प्रेम कुमार के संबोधन के साथ होगी। इसके बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी विश्वास मत पेश करने के बाद सदन को संबोधित करेंगे। विधानसभा परिसर और पटना के अन्य स्थानों पर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं।
