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Bihar Sugar Price increased: एक हफ्ते में ₹10 महंगी! जमाखोरों पर सरकार की नजर
Bihar Sugar Price increased: बिहार के लोगों को अब LPG और पेट्रोल के बाद चीनी की बढ़ती कीमतों का भी सामना करना पड़ रहा है। बाजार में तेजी से बढ़ रहे रेट ने लोगों के बजट को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। इसी बीच, सरकार ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी ने निर्धारित मात्रा से अधिक चीनी का स्टॉक रखा, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
बिहार सरकार अब कालाबाजारी रोकने के लिए सक्रिय हो गई है और इस मामले में एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। किसी भी व्यापारी द्वारा तय सीमा से अधिक चीनी का स्टॉक रखने पर कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा, चीनी मिल मालिकों के लिए भी एक नया नियम लागू किया गया है, जिसके तहत उन्हें अपने गोदामों में एक सप्ताह से अधिक चीनी का भंडारण नहीं करने दिया जाएगा। बिहार के गन्ना मंत्री, संजय कुमार, ने चीनी के स्टॉक की जांच कराने के आदेश भी जारी कर दिए हैं।
डीलरों के लिए अधिकतम स्टॉक सीमा 400 टन
सरकार ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी व्यवसायी या डीलर के पास चीनी की निश्चित सीमा से अधिक स्टॉक पाया जाता है, तो उनके खिलाफ सीधे एफआईआर दायर की जाएगी। डीलरों के लिए अधिकतम स्टॉक सीमा 400 टन निर्धारित की गई है। गन्ना विभाग के सचिव धर्मेंद्र सिंह ने चीनी मिल मालिकों और जिलों के जिलाधिकारी को पत्र लिखकर चीनी मिलों के स्टॉक का भौतिक सत्यापन कराने का निर्देश दिया है।
चीनी की बिक्री पर नियंत्रण रखने के लिए एक विशेष टीम गठित की गई है, जो जांच करेगी। आपको यह भी बताया जाए कि राजधानी पटना में पिछले एक महीने और पन्द्रह दिनों में चीनी की कीमत धीरे-धीरे 4800 रुपये प्रति क्विंटल से बढ़कर 6600 रुपये प्रति क्विंटल हो गई है। एक थोक किराना दुकानदार ने NBT संवाददाता को जानकारी दी कि मात्र पिछले 7 दिनों में चीनी की कीमत में 10 रुपये प्रति किलो की वृद्धि हुई है। विशेष रूप से, बिहार सरकार चीनी उत्पादक जिलों पर बारीकी से ध्यान दे रही है। इन जिलों की सूची नीचे दी गई है, जहां प्रमुख चीनी मिलें स्थित हैं।
पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, समस्तीपुर, और सीतामढ़ी।
टीम में शामिल सदस्यों के बारे में जानकारी
जिले के एक वरिष्ठ उप समाहर्ता और एक ईख पदाधिकारी के नेतृत्व में एक संयुक्त जांच टीम का गठन किया जाएगा। यह टीम जिले में संचालित चीनी मिलों के चीनी स्टॉक तथा चीनी व्यापारियों के स्टॉकों का भौतिक सत्यापन करेगी। इसके अतिरिक्त, केंद्र सरकार के निर्देशों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
