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BPSC TRE-4 Vacancy 2026: 2000 और सीटें बढ़ने की उम्मीद, जानें नया अपडेट
BPSC TRE-4 Vacancy 2026: बिहार में शिक्षक बनने का सपना देख रहे उम्मीदवारों के लिए TRE-4 से संबंधित एक महत्वपूर्ण अपडेट है। TRE-4 के अंतर्गत कुल 32,388 पदों पर भर्तियां घोषित की गई थीं, लेकिन अब यह संभव हो रहा है कि इसमें लगभग 2,000 और सीटें जोड़ी जा सकें। इससे कुल वैकेंसी की संख्या 34,000 के पार जाने की उम्मीद है।
सूत्रों के अनुसार, शिक्षा विभाग ने सभी जिलों के जिला शिक्षा पदाधिकारियों से TRE-3 के तहत बची हुई रिक्तियों की जानकारी मांगी है। जैसे ही जिलों से रिपोर्ट प्राप्त होगी, इन अतिरिक्त पदों को TRE-4 की वैकेंसी में जोड़ दिया जाएगा। विशेष रूप से, अतिरिक्त पदों में गणित, विज्ञान और वाणिज्य जैसे विषयों का हिस्सा अधिक रहने की संभावना है।
TRE-4 के अंतर्गत, शिक्षा विभाग ने पहले ही BPSC को 32,388 पदों की भर्ती के लिए अधियाचना भेजी है। इसमें कक्षा 1 से 5 के लिए 3,847, कक्षा 6 से 8 के लिए 8,563 और कक्षा 9 से 10 के लिए 3,877 पद शामिल हैं। सबसे अधिक पद कक्षा 11 और 12 के लिए निर्धारित किए गए हैं, जिसमें 22 विषयों के लिए 16,101 शिक्षकों की नियुक्ति का प्रस्ताव किया गया है।
राज्य में 9वीं से 12वीं तक लगभग 10 हजार स्कूल
बिहार के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की संख्या तो पर्याप्त है, लेकिन कई विषयों में उनकी कमी बनी हुई है। विशेष रूप से 9वीं से 12वीं कक्षा तक गणित, भौतिकी, रसायन विज्ञान और वाणिज्य के शिक्षकों की आवश्यकता बताई जा रही है। राज्य में 9वीं से 12वीं तक लगभग 10 हजार स्कूल हैं, जिनमें से करीब 7 हजार स्कूलों में गणित, भौतिकी और रसायन विज्ञान के शिक्षकों की कमी महसूस की गयी है। इसके अलावा, बंगला, पाली, प्राकृत, मैथिली, भोजपुरी और अन्य विषयों के लिए भी रिक्तियों की जानकारी मांगी गई है।
TRE-3 के बाद अब TRE-4 पर सभी की निगाहें बनी हुई हैं। जानकारी के अनुसार, TRE-1, TRE-2 और TRE-3 के माध्यम से बिहार में लगभग 2.55 लाख शिक्षकों की नियुक्ति हो चुकी है। TRE-1 में 1.20 लाख, TRE-2 में 70 हजार और TRE-3 में 66,603 उम्मीदवारों को काम पर रखा गया। अब सभी की उम्मीदें TRE-4 की अंतिम रिक्तियों पर टिकी हैं।
शिक्षा विभाग से जिलों की रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद यह स्पष्ट होगा कि किस विषय और जिले में कितनी और नियुक्तियाँ की जाएंगी। इसमें खाली पदों तथा छात्रों की संख्या को भी ध्यान में रखा जाएगा। संख्या और सेवानिवृत्त होने वाले शिक्षकों का आंकड़ा भी शामिल किया जाएगा।
