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Chhotu Singh JDU Controversy: जेडीयू से 6 साल के लिए बाहर हुए छोटू सिंह, पार्टी विरोधी गतिविधियों पर चली कैंची
Chhotu Singh JDU Controversy: जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) ने राज्य नागरिक परिषद के महासचिव अरविंद सिंह, जिन्हें छोटू सिंह के नाम से जाना जाता है, को पार्टी से निकाल दिया है। प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा ने उन पर पार्टी के खिलाफ कार्य करने का आरोप लगाते हुए उनकी प्राथमिक सदस्यता समाप्त कर दी है और उन्हें छह साल के लिए बाहर कर दिया है। छोटू सिंह को जेडीयू के वरिष्ठ मंत्री अशोक चौधरी का करीबी साथी माना जाता है, और वे अक्सर नीतीश कुमार के कार्यक्रमों में सक्रिय रूप से भाग लेते थे।
जेडीयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा की नई टीम में स्थान नहीं मिलने के कारण छोटू सिंह काफी समय से असंतोष व्यक्त कर रहे थे। सूत्रों के अनुसार, प्रदेश पदाधिकारी नहीं बनाए जाने के चलते नाराज छोटू सिंह का पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा के साथ तीखी बहस और हंगामा हुआ। इस घटना के बाद से उन पर कार्रवाई की संभावना बढ़ गई थी। पार्टी नेतृत्व ने हाल ही में उन्हें आधिकारिक कार्यक्रमों और जेडीयू कार्यालय में मंत्रियों की जनसुनवाई में शामिल होने से भी रोक दिया था।
छोटू सिंह का जेडीयू में लंबा असरदार इतिहास
छोटू सिंह का जेडीयू में लंबा असरदार इतिहास है। पिछले वर्ष नीतीश कुमार की सरकार ने उन्हें बिहार राज्य नागरिक परिषद का महासचिव नियुक्त किया। लगभग आठ साल पहले, उन्हें विधान परिषद (MLC) का टिकट न मिलने पर राज्य कार्यकारिणी से इस्तीफा देना पड़ा था, लेकिन उस समय तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह ने उन्हें वापस मना लिया था। उमेश कुशवाहा की नई टीम में इस बार 153 नेताओं को शामिल किया गया है, जिनमें 12 उपाध्यक्ष, 38 महासचिव, 74 सचिव, 15 प्रकोष्ठों के अध्यक्ष और नीरज कुमार सहित 9 प्रवक्ता शामिल हैं।
जेडीयू से निकाले जाने के बाद छोटू सिंह ने राजनीतिक रूप से कोई टिप्पणी नहीं की है। हालांकि, उन्होंने अपने फेसबुक पेज पर एक दुखद समाचार साझा किया है। उन्होंने बताया कि एएन कॉलेज में विभागाध्यक्ष के रूप में कार्यरत उनके बड़े चाचा, श्रीकृष्ण सिंह, का निधन हो गया है। छोटू सिंह ने अपने चाचा के अंतिम संस्कार में शामिल होने की कुछ तस्वीरें भी सोशल मीडिया पर साझा की हैं।
