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Jharkhand Police Paper Leak: पेपर लीक माफियाओं की खैर नहीं! बिहार EOU करेगी अतुल वत्स से सवाल-जवाब, छापेमारी जारी

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Jharkhand Police Paper Leak: झारखंड उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा के प्रश्नपत्र के लीक होने के मामले में गिरफ्तार पेपर लीक माफिया अतुल वत्स से बिहार की आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) जांच करेगी।

बिहार पुलिस की सिपाही बहाली परीक्षा और बीपीएससी शिक्षक भर्ती से जुड़े पेपर लीक मामलों में भी ईओयू की टीम सक्रिय है। ईओयू के अतिरिक्त महानिदेशक नैययर हसनैन खान ने बताया कि झारखंड पुलिस से संपर्क किया गया है।

अतुल वत्स से पूछताछ

ईओयू की एक टीम अतुल वत्स से पूछताछ करेगी। यदि आवश्यक हुआ, तो उसे अलग से रिमांड पर भी लिया जा सकता है। इस बीच, उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा में शामिल आरोपियों को जेल भेजने के बाद झारखंड पुलिस अन्य संदिग्धों की पहचान करने में जुटी है।

रांची पुलिस ने पटना समेत विभिन्न स्थानों पर छापेमारी की है। पुलिस के पास अब वह मोबाइल नंबर है, जिससे फर्जी प्रश्नपत्र और उत्तर भेजे गए थे। मामले में, पटना के मालसलामी निवासी विकास कुमार ने जेल जाने से पूर्व जानकारी दी थी कि उसके मोबाइल पर प्रश्नपत्र और उत्तर भेजे गए थे।

आरोपित अतुल वत्स ने अपने बयान में खुलासा किया

इस बीच, प्रश्नपत्र वितरण करने वाले चुनचुन ने पूछताछ के दौरान खुलासा किया कि परीक्षा आयोजित करने वाली एजेंसी से प्रश्नपत्र चोरी किया गया था। इसके आधार पर उत्तर तैयार किया गया और इसे विभिन्न उम्मीदवारों के बीच फैलाया गया। हालांकि, जो प्रश्नपत्र वितरित किया गया, वह परीक्षा में शामिल नहीं हुआ।

गिरफ्तार किए गए आरोपित अतुल वत्स ने अपने बयान में खुलासा किया कि जब उसे प्रश्न पत्र और उत्तर मिले, तब उसने परीक्षा के उम्मीदवारों से संपर्क करना प्रारंभ किया। उसने अभ्यर्थियों को प्रश्न पत्र और उत्तर दिखाकर उन्हें परीक्षा के लिए तैयार किया। अतुल ने यह भी कहा कि वह पहले भी उत्तर प्रदेश एसटीएफ द्वारा प्रबंधित एक प्रश्न पत्र लीक के मामले में जेल जा चुका है। झारखंड सीजीएल 2024 की परीक्षा में भी उसका नाम इस लीक मामले में सामने आया है।

गिरोह के खिलाफ समस्तीपुर के मुफस्सिल थाने में मामला दर्ज

अर्ध निर्मित नर्सिंग भवन से निकलते समय एक व्यक्ति, जिसका नाम क्रिस्पोटर है, ने मुकेश कुमार के फोन से अपना मोबाइल नंबर हटा दिया। जेल जाने से पहले, मुकेश ने पुलिस को बताया कि क्रिस्पोटर ने जाने से पहले दो नए मोबाइल फोन खरीदे थे, जिनका उपयोग संपर्क साधने और सामान मंगाने के लिए किया गया।

पुलिस अब दोनों मोबाइल नंबरों से संबद्ध सभी कॉल डिटेल्स की जांच कर रही है। इस गिरोह के खिलाफ समस्तीपुर के मुफस्सिल थाने में मामला दर्ज किया गया है। रांची पुलिस ने समस्तीपुर पुलिस के साथ संपर्क साधा है और मामले से संबंधित जानकारी प्राप्त करने के लिए वहां जाने की योजना बनाई है।

पुलिस ने कई स्थानों पर छापेमारी की

सदर थाना क्षेत्र के हैदर अली रोड के निवासी अरविंद कुमार ने अभ्यर्थियों को तमाड़ पहुंचाने के लिए एक गाड़ी किराए पर ली थी, जिसे इल्फाज खान चला रहा था। पुलिस अब अरविंद की तलाश में जुटी हुई है, लेकिन वह अपने घर से गायब है।

वहीं, जमशेदपुर में भी इस मामले से जुड़े ठेकेदार गौरव सिंह की खोजबीन के लिए पुलिस ने कई स्थानों पर छापेमारी की है, लेकिन वह अभी तक नहीं मिल सका है।

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