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KYP Center Operators Hunger Strike: बिहार में KYP संचालकों का 13वें दिन भी अनशन जारी 3 की हालत बिगड़ी, PMCH भर्ती; 1731 केंद्र 8 माह से बंद
KYP Center Operators Hunger Strike: नीतीश सरकार की महत्वाकांक्षी योजना कौशल युवा कार्यक्रम (KYP) के केंद्रों को बंद किए जाने के विरोध में संचालकों का आंदोलन उग्र होता जा रहा है। पटना के गर्दनीबाग धरना स्थल पर पिछले 26 दिनों से जारी धरना-प्रदर्शन के बीच पिछले 13 दिनों से 5 संचालक अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हैं।
भूख हड़ताल पर बैठे संचालकों में से तीन की हालत अत्यधिक बिगड़ने पर उन्हें इलाज के लिए पीएमसीएच (PMCH) में भर्ती कराया गया है। इसके बावजूद आंदोलनकारी संचालकों का हौसला डगमगाया नहीं है। उनका स्पष्ट कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, आंदोलन खत्म नहीं होगा और वे जल्द ही आमरण अनशन की ओर रुख करेंगे।
8 महीने से बंद हैं 1731 KYP केंद्र, 2.5 लाख छात्रों का भविष्य अधर में
वर्ष 2016 में शुरू की गई इस योजना का मुख्य उद्देश्य बिहार के ग्रामीण और शहरी युवाओं को डिजिटल साक्षरता, भाषा ज्ञान और व्यवहार कौशल सिखाकर रोजगार के योग्य बनाना था। इसके तहत राज्य भर में 1,731 केंद्र संचालित किए जा रहे थे।
हालांकि, पिछले 8 महीनों से इन केंद्रों को बंद रखा गया है। संचालकों का आरोप है कि विभागीय मंत्री और अधिकारियों की उदासीनता के कारण न केवल 1731 केंद्र बंद होने की कगार पर हैं, बल्कि इससे जुड़े हजारों परिवारों के सामने भुखमरी की स्थिति पैदा हो गई है। इसके साथ ही, लगभग 2.5 लाख से अधिक पंजीकृत विद्यार्थियों का भविष्य भी अंधकारमय हो गया है।
सरकार और विभाग पर उपेक्षा का आरोप
आंदोलनकारियों ने विभागीय मंत्री अरुण शंकर प्रसाद और संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों पर घोर उपेक्षा का आरोप लगाया है। संचालकों का कहना है कि 13 दिनों से अनशन जारी रहने और कई साथियों की तबीयत बिगड़ने के बाद भी अब तक सरकार या विभाग का कोई प्रतिनिधि उनका हाल-चाल जानने तक नहीं पहुंचा है।
संचालकों ने चेतावनी दी है कि सरकार बिहार के युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ बंद करे और जल्द से जल्द सभी केवाईपी केंद्रों को पुनः चालू कर उनका बकाया भुगतान करे, अन्यथा यह आंदोलन और व्यापक रूप लेगा।
