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मूर्खता, कृत्रिम मेधा और चिन्मयानंद: डॉ. योगेन्द्र का पीएम मोदी और AI पर तीखा कटाक्ष

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मूर्खता, कृत्रिम मेधा और चिन्मयानंद

यह देश के साथ व्यंग्य है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एआई द्वारा निर्मित चिन्मयानंद से आशीर्वाद प्राप्त कर रहे हैं। चिन्मयानंद को मरे हुए 32 वर्ष बीत चुके हैं। जिस वक्त अरुणाचल की सीमा पर से चीनी घुसपैठ की ख़बरें आ रही हैं, उस वक्त देश के प्रधानमंत्री कितने आत्ममुग्ध हैं! अपने कर्तव्य का निर्वाह नहीं कर फेक आशीष लेकर गदगद हैं। वे कायदे सें बायलॉजिकल की भूमिका का भी निर्वहन नहीं कर रहे, वे नन- बायोलॉजिकल होकर अमर होना चाहते हैं।

स्टेडियम और हवाई अड्डे तो अपने नाम कर लिया है, अब और क्या चाहिए? मंदबुद्धि के समर्थक इन्हें विष्णु का अवतार कह रहे हैं। अच्छे दिन लायेंगे और सबका साथ, सबका विकास करेंगे तो महाराज कम से कम अपने साथ के लोगों का तो विकास कीजिए। चिन्मयानंद से इन्हें भी आशीर्वाद दिलवा दीजिए और बेहतर हो कि आप अपने समर्थकों के साथ इंद्रासन पर क़ब्ज़ा कर लें।

वहाँ वोट की ज़रूरत नहीं है, इसलिए वोट चोरी का इल्ज़ाम भी नहीं लगेगा। आश्चर्य है कि जिस प्रधानमंत्री को शिक्षा को उन्नत करना था, वे मंदिर मंदिर घूम रहे हैं। संविधान की क़सम खाकर उसके संदेशों को ही नष्ट करने पर तुले हैं। आप एक अरब चालीस करोड़ के प्रधानमंत्री हैं, लेकिन आश्चर्य है कि आप मंदिरों के प्रधानमंत्री बन कर रह गये।

प्रधानमंत्री की कुर्सी पर बैठा आदमी झूठी डिग्री का दावा करता है

लक्षण से आदमी की पहचान होती है। जो समर्थक हैं, वे यह नहीं देखते कि यह आदमी अदना अपनी डिग्री भी नहीं दिखा पा रहा। प्रधानमंत्री की कुर्सी पर बैठा आदमी झूठी डिग्री का दावा करता है और जब उसे डिग्री दिखाने के लिए कहा जाता है तो वे कोर्ट का सहारा लेते हैं।

अंदर से यह आदमी कितना खोखला रहा होगा! जो अपने प्रति ईमानदार नहीं है, वह देश के प्रति ईमानदार क्या होगा? फर्जी डिग्री पर तो चपरासी की नौकरी तक नहीं मिलेगी। यह आदमी प्रधानमंत्री है और ऐसे प्रधानमंत्री के समर्थक भी उपलब्ध हैं। सच में गलती इनकी नहीं है। गलती समर्थकों की है जिन्होंने ज़बर्दस्ती ग़ुब्बारे में हवा भर रखी है।

नाले की गैस से चाय बनाने वाले इस प्रधानमंत्री ने कई ऐसी तकनीकें दी हैं और वक्तव्य जारी किए हैं जो सामान्य बुद्धि के नागरिक भी नहीं कह सकते। विज्ञान और समाज की हल्की समझ रखनेवाला व्यक्ति भी इतनी गदहपचीसी नहीं करेगा। जिस व्यक्ति को भिक्षाटन करने की आदत हो जाती है, उसकी रीढ़ की हड्डी कैंसरग्रस्त हो जाती है। वह लड़ना और अड़ना भूल जाता है। अरुणाचल में कई किलोमीटर तक चीनी फौज घुस आये हैं। वहां के निवासी कह रहे हैं और अपनी सेना के अधिकारी कह रहे हैं।

मरे हुए आदमी से आशीर्वाद ले रहे

कभी पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को चीन को लाल लाल आँखें नहीं दिखाने के लिए कोसते थे। आज जब इनकी बारी है तो मरे हुए आदमी से आशीर्वाद ले रहे हैं। कभी आशाराम से आशीर्वाद लेते थे। आशीर्वाद की बोझ से उनका दिमाग दब गया है। इसमें करेंट ही नहीं आ रही। दुनिया एआई के माध्यम से अपने देश को सुरक्षित करने में लगी हैं और यह आदमी अपने लिए स्वर्ग में सीट रिजर्व करवाने की जुगत लगा रहा है। बीजेपी की पूरी वैचारिकता पीछे- देखू है।

भविष्य की इतनी ही योजना है कि वह अतीत के भूत को बार-बार सामने लाये। अतीतजीवी ऐसे दल और नेता को हटाने के लिए मिलजुलकर आवाज़ देना, संगठित होना और भविष्य के निर्माण के लिए वैचारिक तंत्र खड़ा करना आज की पहली जरूरत है।

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