Sen your news articles to publish at [email protected]
Patna Gas Cylinder Rule: कार्ड दिखाओ, मेहमान गिनाओ… तब मिलेगा गैस सिलेंडर! पटना का अजीब नियम
Patna Gas Cylinder Rule: शादी का सीजन अब शुरू हो चुका है। घरेलू उपभोक्ताओं की प्राथमिकताओं को ध्यान में रखते हुए, सरकार ने वैवाहिक समारोह के लिए कमर्शियल सिलिंडर का उपयोग अनिवार्य कर दिया है। हालांकि, 70 प्रतिशत कमर्शियल सिलिंडर की आपूर्ति को देखते हुए, प्रशासन विभिन्न पहलुओं की जांच कर रहा है और आवश्यकताओं का आकलन कर इनकी आपूर्ति को सुनिश्चित कर रहा है। इसका अर्थ यह है कि केवल आवेदन देने से मनचाहे सिलिंडर नहीं मिलेंगे।
आवेदनकर्ताओं को यह बताना होगा कि वे कितने मेहमानों को आमंत्रित कर रहे हैं, विवाह का आमंत्रण पत्र असली है या नहीं, और यह भी जांचा जाएगा कि समारोह के नाम पर कोई दुरुपयोग तो नहीं किया जा रहा है। हर पहलू को बारीकी से देखा जाएगा।
एशेंशियल सर्विसेस मेंटिनेंस एक्ट (एस्मा एक्ट) के तहत उसके खिलाफ कार्रवाई
एडीएम आपूर्ति, आरके दिवाकर ने जानकारी दी है कि विवाह के बहाने मनमानी तरीके से कमर्शियल सिलिंडर का उपयोग रोकने के लिए प्रशासन ने ठोस कदम उठाए हैं।
जिन परिवारों में शादी है, उनके मेहमानों की सही संख्या का निरीक्षण करते हुए, उनकी आवश्यकतानुसार गैस कंपनियों से उचित आपूर्ति सुनिश्चित करने का अनुरोध किया जा रहा है। यदि कोई व्यक्ति इस सुविधा का गलत लाभ उठाने के लिए धोखे से कमर्शियल सिलिंडर प्राप्त करता है और उसका दुरुपयोग करने की कोशिश करता है, तो एशेंशियल सर्विसेस मेंटिनेंस एक्ट (एस्मा एक्ट) के तहत उसके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।
कमर्शियल सिलिंडर की आपूर्ति में प्रतिबंध जारी
कमर्शियल सिलिंडर की आपूर्ति में प्रतिबंध जारी है। वर्तमान में, 70 प्रतिशत आपूर्ति में से 20 प्रतिशत होटल-रेस्तरां और 10 प्रतिशत स्ट्रीट वेंडरों को आवंटित किया जा रहा है। इसी 10 प्रतिशत में से मीटिंग और शादी जैसे आयोजनों के लिए कैटररों एवं आम लोगों को सिलिंडर प्रदान किए जा रहे हैं। इससे यह चिंता बढ़ गई है कि विवाह समारोह के बहाने कमर्शियल सिलिंडरों की कालाबाज़ारी हो सकती है।
सूचना मिली है कि कई लोग फर्जी कार्ड बनवाकर या मेहमानों की संख्या को बढ़ा-चढ़ाकर दिखाकर अधिक सिलिंडर प्राप्त कर रहे हैं। इस स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने अब शादी समारोह के लिए कमर्शियल सिलिंडर प्रदान करने से पहले पात्रता की जांच अनिवार्य कर दी है।
आयोजन स्थल की स्थिति की समीक्षा की जाएगी
इस जांच में मेहमानों की वास्तविक संख्या की पुष्टि तथा आयोजन स्थल की स्थिति की समीक्षा की जाएगी। अब तक, 125 लोगों ने वैवाहिक समारोह के लिए कमर्शियल सिलिंडर का आवेदन दिया है। गैस कंपनी को भेजे गए आवेदन में सिलिंडरों की संख्या निर्दिष्ट नहीं की जा रही है; इसके बजाय, सिलिंडर की आपूर्ति और उपलब्धता के आधार पर डिलीवरी करने के लिए कहा जा रहा है।
आवेदनों की जांच खुद गैस कंपनी के मार्केटिंग अधिकारियों द्वारा की जाती है, जिसके बाद सिलिंडर भेजे जाते हैं। 19 किलोग्राम का सिलिंडर 2,353.50 रुपये में उपलब्ध है, लेकिन इसके साथ हर सिलिंडर के लिए 2,400 रुपये की सिक्योरिटी राशि जमा करनी होती है। यह राशि खाली सिलिंडर वापस करने पर लौटाई जाएगी।
होटलों और कैटरर्स के लिए समस्याएं बढ़ा
बाजार में मांग के मुकाबले आपूर्ति कम होने के कारण और शादी-ब्याहों में व्यावसायिक सिलेंडर के उपयोग की अनिवार्यता ने न केवल आम जनता, बल्कि होटलों और कैटरर्स के लिए भी समस्याएं बढ़ा दी हैं। कैटरर्स और होटलों ने गैस संकट का हवाला देते हुए शुल्क बढ़ा दिए हैं, लेकिन पैसे और मेन्यू संभालने की जिम्मेदारी पहले जैसी सरल नहीं रह गई है।
अब उन्हें जीएसटी, खाद्य या एसडीओ कार्यालय से मिले पंजीकरण नंबर के साथ आवेदन करना होगा। कई कैटरर्स ने अभी तक पंजीकरण नहीं कराया है। साथ ही, आम लोग जो खुद हलवाई को सभी सामग्री प्रदान करते हैं, उन्हें शादी के कार्ड, आधार कार्ड की फोटोकॉपी और गैस कनेक्शन बुक की फोटोकॉपी देनी होगी।
अनुमंडल पदाधिकारी कृतिका मिश्रा ने जानकारी दी कि कैटरर्स को मदद पहुंचाने के लिए गैस कंपनी के अधिकारियों के साथ चर्चा की जाएगी ताकि समस्या का समाधान निकाला जा सके। कई कैटरर्स ने एसडीओ कार्यालय, जीएसटी कार्यालय या खाद्य सुरक्षा कार्यालय में पंजीकरण के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है।
