Vimarsh News
Khabro Me Aage, Khabro k Pichhe

Patna SIR Protest: INDIA ब्लॉक का प्रदर्शन, CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग

patna sir protest india block cec gyanesh kumar resignation
0 164

Patna SIR Protest: मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण, जिसे SIR के नाम से जाना जाता है, को लेकर देशभर में उठ रहे राजनीतिक विरोध प्रदर्शनों के बीच पटना में भी INDIA ब्लॉक के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने एक विशाल प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन गांधी मैदान में स्थित गांधी मूर्ति के पास से ‘लोकतंत्र बचाओ मार्च’ के रूप में निकाला गया। इसमें राजद, कांग्रेस, भाकपा माले तथा ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) के नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए।

प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए जोरदार नारेबाजी की। ‘वोट चोर गद्दी छोड़’ और ‘वोट चोर ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दो’ जैसे नारे लगाए गए। उन्होंने SIR व मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों पर चुनाव आयोग के खिलाफ सवाल उठाए।

भाकपा माले के राष्ट्रीय महासचिव दीपंकर भट्टाचार्य ने कहा कि यह मुद्दा अब पूरे बिहार में आंदोलन का रूप लेगा। विपक्षी दल SIR की प्रक्रिया और चुनाव आयोग के काम करने के तरीकों को लेकर निरंतर आवाज उठाते रहेंगे। विरोध दर्ज करा रहे हैं. इससे पहले भी बिहार और देश के दूसरे हिस्सों में विपक्षी दलों और छात्र संगठनों की ओर से प्रदर्शन किए गए हैं.

प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस के बिहार प्रदेश अध्यक्ष, अखिलेश प्रसाद सिंह, ने मतदाता सूची में नामों को लेकर कुछ महत्वपूर्ण सवाल उठाए। उन्होंने यह बताया कि जबकि जनसंख्या में वृद्धि हो रही है, इसके बावजूद मतदाताओं की संख्या में कमी देखी जा रही है, जो कि चिंताजनक है। उनका यह बयान विपक्ष के SIR विरोध के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

13 करोड़ नामों के हटने का विवाद

SIR को लेकर आई रिपोर्टों के अनुसार, 30 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की ड्राफ्ट मतदाता सूचियों से 13 करोड़ से अधिक नाम हटा दिए गए हैं। हालाँकि, इसे सीधे तौर पर यह नहीं माना जा सकता कि 13 करोड़ योग्य मतदाताओं के नाम काटे गए हैं। चुनाव आयोग की प्रक्रिया में मृत व्यक्ति, स्थानांतरित नागरिक, डुप्लीकेट नामों या अन्य कारणों से नामों की समीक्षा शामिल है। इसी प्रक्रिया को लेकर विपक्ष और चुनाव आयोग के बीच चल रही बहस को लेकर विवाद उत्पन्न हो गया है।

चुनाव आयोग के भीतर उठे आपत्तियों के बाद विवाद गहराया

23 सितंबर को प्रकाशित द इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट में यह बताया गया कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में 14 मौकों पर विभिन्न निर्णयों और प्रक्रियाओं के खिलाफ औपचारिक आपत्तियां जताई थीं। इस रिपोर्ट में नए मतदाताओं को जोड़ने, नाम हटाने और मतदाता डेटा के केंद्रीकरण जैसे कई मुद्दों को उठाया गया है।

चुनाव आयोग ने इन आंतरिक मतभेदों को विचार-विमर्श का हिस्सा बताया

इस विवाद के बीच चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया कि विभिन्न राय होना निर्णय प्रक्रिया का एक स्वाभाविक पहलू है, और SIR की प्रक्रिया पूरी तरह से कानूनी ढंग से संचालित हो रही है। इसके अलावा, आयोग ने मतदाता सूची से जुड़े सॉफ्टवेयर की समीक्षा के लिए एक समिति गठित करने की योजना भी साझा की है।

जिला स्तर पर प्रदर्शन की घोषणा, 2 से 8 अक्टूबर तक

INDIA ब्लॉक ने 2 से 8 अक्टूबर तक ‘सेव डेमोक्रेसी’ या ‘लोकतंत्र बचाओ’ मार्च का आयोजन करने का निर्णय लिया है। इस दौरान, 6 अक्टूबर को विपक्षी सांसद चुनाव आयोग की ओर मार्च निकालेंगे। इसके अतिरिक्त, अक्टूबर के दूसरे सप्ताह में विपक्षी नेताओं द्वारा राष्ट्रपति से मुलाकात के लिए समय मांगने की भी योजना बनाई गई है।

SIR को लेकर राजनीतिक टकराव जारी रहेगा

SIR और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर विपक्षी दल निरंतर प्रदर्शन कर रहे हैं, जबकि चुनाव आयोग अपनी प्रक्रियाओं और निर्णयों का समर्थन कर रहा है। इस संदर्भ में, पटना सहित बिहार में निकट भविष्य में राजनीतिक गतिविधियां और प्रदर्शन जारी रहने की संभावना है।

Leave a comment