Vimarsh News
Khabro Me Aage, Khabro k Pichhe

Roshan Anand Arrest: SSP को मानवाधिकार आयोग का नोटिस, 3 सितंबर तक रिपोर्ट नहीं दी तो होगी कार्रवाई

roshan anand arrest patna ssp human rights commission notice
0 27

Roshan Anand Arrest News:पटना के प्रसिद्ध कोचिंग संचालक रौशन आनंद की गिरफ्तारी को लेकर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने पटना पुलिस की कार्रवाइयों पर कड़ा रुख अपनाया है। आयोग ने पटना के एसएसपी कार्तिकेय शर्मा को निर्देश दिया है कि वे इस मामले की विस्तृत और निष्पक्ष जांच रिपोर्ट 3 सितंबर 2026 तक प्रस्तुत करें। NHRC ने चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर रिपोर्ट प्राप्त नहीं होती है, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जा सकती है।

रौशन आनंद, जो पटना में ज्ञान बिंदु जीएस अकादमी के निदेशक हैं, का नाम जून 2026 में मुसल्लहपुर हाट स्थित खान ग्लोबल स्टडीज में हुई हिंसक घटना के बाद सामने आया। पुलिस ने उन पर और कुछ अन्य व्यक्तियों पर कार्रवाई की थी, जिसमें तोड़फोड़, मारपीट और गोलीबारी करने का आरोप लगाया गया। पुलिस के अनुसार, उन्हें खान ग्लोबल स्टडीज में घुसकर सुरक्षा गार्ड के साथ मारपीट और तोड़फोड़ के मामले में गिरफ्तार किया गया था।

विवाद की शुरुआत दो प्रमुख कोचिंग संस्थानों के बीच बढ़ती प्रतिस्पर्धा से

खान सर और रौशन आनंद के बीच विवाद की शुरुआत पटना के मुसल्लहपुर हाट में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले दो प्रमुख कोचिंग संस्थानों के बीच बढ़ती प्रतिस्पर्धा से हुई। 2 जून 2026 की रात कुछ लोगों के खान ग्लोबल स्टडीज परिसर में पहुंचने के बाद यह विवाद गंभीर हो गया। आरोप है कि इस दौरान वहां तोड़फोड़ और मारपीट हुई, जिसके बाद सुरक्षा गार्डों ने हवाई फायरिंग भी की। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

इस मामले में पुलिस ने रौशन आनंद को गिरफ्तार किया, और बाद में खान ग्लोबल स्टडीज के गार्डों के खिलाफ भी कार्रवाई की गई। खान सर पर हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट से संबंधित मामला भी दर्ज किया गया। आरोपों और प्रतिक्रिया के बीच मामला अदालत पहुंच चुका है।

रौशन आनंद की गिरफ्तारी के बाद पुलिस की कार्रवाई पर अनेक सवाल

रौशन आनंद की गिरफ्तारी के बाद पुलिस की कार्रवाई पर अनेक सवाल कौंधने लगे हैं। मानवाधिकार कार्यकर्ता विशाल रंजन ने 10 जून को राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) में शिकायत दर्ज कराते हुए कहा कि पुलिस ने उचित जांच किए बिना रौशन आनंद को इस मामले में मुख्य आरोपी बना कर गिरफ्तार किया। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि गिरफ्तारी के समय उनकी स्वास्थ्य स्थिति का सही तरीके से ध्यान नहीं रखा गया। NHRC ने इस शिकायत का संज्ञान लेते हुए पटना पुलिस से मामले की जांच रिपोर्ट मांगी थी। प्रारंभ में रिपोर्ट पेश करने के लिए 30 जून की समय सीमा तय की गई थी, लेकिन समय पर रिपोर्ट न मिलने पर आयोग ने अब अपनी कार्रवाई को और सख्त कर दिया है।

अब पटना पुलिस को यह स्पष्ट करना होगा कि रौशन आनंद की गिरफ्तारी किस आधार पर हुई, शामिल तथ्यों और साक्ष्यों को उजागर करना जरूरी है। इसके साथ ही, यह भी जानना आवश्यक है कि जांच की दिशा में क्या प्रगति हुई है और गिरफ्तारी की प्रक्रिया के दौरान कानून का पालन किया गया या नहीं। इस मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) की कार्रवाई ने पटना के चर्चित खान सर-रौशन आनंद विवाद को पुनः चर्चा में ला दिया है। अब पुलिस की अगली रिपोर्ट से यह स्पष्ट होगा कि गिरफ्तारी और जांच के संबंध में उठाए गए प्रश्नों का क्या उत्तर है।

Leave a comment